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सपा विधायक समेत आठ पर धोखाधड़ी का केस
अमर उजाला ब्यूरो/ रायबरेली
Updated Tue, 24 May 2016 11:48 PM IST
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फर्जीवाड़ा
- फोटो : demo pic
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कोर्ट के आदेश पर लालगंज कोतवाली पुलिस ने पूर्व मंत्री व सपा विधायक सुरेंद्र विक्रम सिंह उर्फ पंजाबी सिंह समेत आठ लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी व जालसाजी की रिपोर्ट दर्ज की है। पुलिस का कहना है कि जांच के बाद आगे की कार्रवाई होगी।
लखनऊ जिले के कैसरबाग थाना क्षेत्र के कंधारी लेन लालबाग निवासी सलिल त्रिपाठी के मुताबिक उसने खीरों थाना क्षेत्र के महावीरखेड़ा मजरे भितरी गांव निवासी राजकिशोर उर्फ मुन्ना से खेती करने के लिए 16 अप्रैल 2014 को इकरारनामा कर खरगापुर गांव स्थित साढ़े पांच बीघा जमीन ली थी।
इकरारनामा दो वर्ष नौ महीने का था। इन दिनों में पीड़ित को सात लाख रुपये देने थे। रुपये देने पर राजकिशोर ने जमीन उसके नाम लिख देने की बात कही थी। पीड़ित ने बताया कि उसने बयाने के तौर पर एक लाख नकद और दो वर्ष नौ महीने के भीतर छह लाख रुपये राजकिशोर को दे दिए थे।
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जबकि खीरों थाना क्षेत्र के देवली निवासी पूर्व मंत्री व हरचंदपुर से सपा विधायक सुरेंद्र विक्रम सिंह उर्फ पंजाबी सिंह, महावीरखेड़ा निवासी बाबू उर्फ नंदकिशोर, अफसरी निवासी मनोज कुमार बाजपेयी, खरगापुर निवासी ललित कुमार, मानपुर निवासी हरिश्चंद्र ने जालसाजी व धोखाधड़ी करते हुए यह जमीन अपने महाविद्यालय की प्रबंधक विधायक की पुत्रवधू विभा सिंह के नाम करवा दी।
पीड़ित ने इसकी शिकायत पुलिस से की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस पर कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली है। एएसपी वीरेंद्र यादव का कहना है कि कोर्ट के आदेश पर रिपोर्ट लिखी गई है। जांच के बाद मामले में उचित कार्रवाई होगी।
वहीं पूर्व मंत्री व सपा विधायक सुरेंद्र विक्रम सिंह उर्फ पंजाबी सिंह का कहना है कि उन्होंने साढ़े पांच बीघा जमीन का बैनामा कराया है। यह जमीन उन्होंने कॉलेज के लिए ली है। उन्होंने कोई धोखाधड़ी व जालसाजी नहीं की है। उन्हें साजिशन फंसाया जा रहा है। पुलिस की जांच में सच्चाई खुद सामने आ जाएगी।
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लखनऊ जिले के कैसरबाग थाना क्षेत्र के कंधारी लेन लालबाग निवासी सलिल त्रिपाठी के मुताबिक उसने खीरों थाना क्षेत्र के महावीरखेड़ा मजरे भितरी गांव निवासी राजकिशोर उर्फ मुन्ना से खेती करने के लिए 16 अप्रैल 2014 को इकरारनामा कर खरगापुर गांव स्थित साढ़े पांच बीघा जमीन ली थी।
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इकरारनामा दो वर्ष नौ महीने का था। इन दिनों में पीड़ित को सात लाख रुपये देने थे। रुपये देने पर राजकिशोर ने जमीन उसके नाम लिख देने की बात कही थी। पीड़ित ने बताया कि उसने बयाने के तौर पर एक लाख नकद और दो वर्ष नौ महीने के भीतर छह लाख रुपये राजकिशोर को दे दिए थे।
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जबकि खीरों थाना क्षेत्र के देवली निवासी पूर्व मंत्री व हरचंदपुर से सपा विधायक सुरेंद्र विक्रम सिंह उर्फ पंजाबी सिंह, महावीरखेड़ा निवासी बाबू उर्फ नंदकिशोर, अफसरी निवासी मनोज कुमार बाजपेयी, खरगापुर निवासी ललित कुमार, मानपुर निवासी हरिश्चंद्र ने जालसाजी व धोखाधड़ी करते हुए यह जमीन अपने महाविद्यालय की प्रबंधक विधायक की पुत्रवधू विभा सिंह के नाम करवा दी।
पीड़ित ने इसकी शिकायत पुलिस से की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस पर कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली है। एएसपी वीरेंद्र यादव का कहना है कि कोर्ट के आदेश पर रिपोर्ट लिखी गई है। जांच के बाद मामले में उचित कार्रवाई होगी।
वहीं पूर्व मंत्री व सपा विधायक सुरेंद्र विक्रम सिंह उर्फ पंजाबी सिंह का कहना है कि उन्होंने साढ़े पांच बीघा जमीन का बैनामा कराया है। यह जमीन उन्होंने कॉलेज के लिए ली है। उन्होंने कोई धोखाधड़ी व जालसाजी नहीं की है। उन्हें साजिशन फंसाया जा रहा है। पुलिस की जांच में सच्चाई खुद सामने आ जाएगी।