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अधिकारियों को बंधक बना पीटा, दस्तावेज फाड़े
अमर उजाला ब्यूरो/ रायबरेली
Updated Tue, 26 Jul 2016 11:32 PM IST
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- फोटो : getty images
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ऊंचाहार क्षेत्र में मंगलवार को बकाया वसूली को लेकर लगाए गए पावर कॉर्पोरेशन के कैंप में बवाल हो गया। बिजली बिलों में गड़बड़ी और अधिकारियों की ओर से अपशब्द कहने पर भड़के ग्रामीणों ने अधिकारियों, कर्मचारियों के साथ मारपीट करते हुए बंधक बना लिया। अभिलेख फाड़ दिए।
राजस्व पुस्तिका भी उठा ले ले गए। सभी ने नारेबाजी के साथ प्रदर्शन किया। पुलिस पहुंची तो बंधक बनाए गए बिजली कर्मियों को मुक्त कराया। पावर कॉर्पोरेशन के जेई मारपीट करने व अभिलेख फाड़ने के आरोप में 40 ग्रामीणों के खिलाफ थाने में तहरीर दी है। पुलिस मामले की पड़ताल कर रही है।
ऊंचाहार तहसील क्षेत्र के जमुनापुर चौराहे पर मंगलवार को बकाया बिल वसूली के लिए पावर कॉर्पोरेशन ने कैंप लगाया था। कर्मचारी कैंप में कामकाज निपटा रहे थे, तभी बड़ी संख्या में ग्रामीण वहां पहुंचे और अवर अभियंता लालमणि से बिजली कम मिलने व बिलों में गड़बड़ी होने की शिकायत करने लगे।
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ग्रामीणों की शिकायत पर अवर अभियंता भड़क गये और उन्होंने ग्रामीणों को अपशब्द कह दिये। इससे ग्रामीण उग्र हो गए और अवर अभियंता समेत सभी बिजली कर्मचारियों को घेरकर बंधक बना लिया। सूचना पाकर उपनिरीक्षक उमा अग्रवाल पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और उन्होंने ग्रामीणों को समस्या का शीघ्र निराकरण कराने का अश्वासन देकर शांत कराया।
इसके बाद सभी कर्मचारियों को ऊंचाहार लाया गया। ग्रामीणों का आरोप था कि बिजली नहीं मिल रही है। बिजली बिलों में जानबूझ कर गड़बड़ी की जाती है और फिर उसे ठीक करने के लिए अधिकारी से लेकर कर्मचारी तक पैसा मांगते है। इसी बारे में जब जेई से कहा गया तो उन्होंने न सिर्फ बात सुनने से इंकार कर दिया, बल्कि अभद्रता की।
घटना के बाद थाने पहुंचे अवर अभियंता ने क्षेत्र के प्रदीप उर्फ धुन्नी, राजोल सिंह, पप्पू शुक्ला, दीपचंद्र और 36 अज्ञात ग्रामीणों के विरुद्ध तहरीर दी है। तहरीर में ग्रामीणों पर आरोप लगाया गया है कि उन लोगों ने कैंप में मारपीट की और विभागीय अभिलेख फाड़ डाले तथा राजस्व वसूली पुस्तिका उठा ले गए।
थानेदार जीडी शुक्ला ने बताया कि कैंप लगाने की सूचना पावर कॉर्पोरेशन ने पुलिस को नही दी थी। मौके पर ग्रामीणों का आक्रोश था, जिन्हें समझाबुझाकर शांत करा दिया गया है। अवर अभियंता के तहरीर पर जांच की जा रही है। मामले में उचित कार्रवाई होगी।
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राजस्व पुस्तिका भी उठा ले ले गए। सभी ने नारेबाजी के साथ प्रदर्शन किया। पुलिस पहुंची तो बंधक बनाए गए बिजली कर्मियों को मुक्त कराया। पावर कॉर्पोरेशन के जेई मारपीट करने व अभिलेख फाड़ने के आरोप में 40 ग्रामीणों के खिलाफ थाने में तहरीर दी है। पुलिस मामले की पड़ताल कर रही है।
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ऊंचाहार तहसील क्षेत्र के जमुनापुर चौराहे पर मंगलवार को बकाया बिल वसूली के लिए पावर कॉर्पोरेशन ने कैंप लगाया था। कर्मचारी कैंप में कामकाज निपटा रहे थे, तभी बड़ी संख्या में ग्रामीण वहां पहुंचे और अवर अभियंता लालमणि से बिजली कम मिलने व बिलों में गड़बड़ी होने की शिकायत करने लगे।
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ग्रामीणों की शिकायत पर अवर अभियंता भड़क गये और उन्होंने ग्रामीणों को अपशब्द कह दिये। इससे ग्रामीण उग्र हो गए और अवर अभियंता समेत सभी बिजली कर्मचारियों को घेरकर बंधक बना लिया। सूचना पाकर उपनिरीक्षक उमा अग्रवाल पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और उन्होंने ग्रामीणों को समस्या का शीघ्र निराकरण कराने का अश्वासन देकर शांत कराया।
इसके बाद सभी कर्मचारियों को ऊंचाहार लाया गया। ग्रामीणों का आरोप था कि बिजली नहीं मिल रही है। बिजली बिलों में जानबूझ कर गड़बड़ी की जाती है और फिर उसे ठीक करने के लिए अधिकारी से लेकर कर्मचारी तक पैसा मांगते है। इसी बारे में जब जेई से कहा गया तो उन्होंने न सिर्फ बात सुनने से इंकार कर दिया, बल्कि अभद्रता की।
घटना के बाद थाने पहुंचे अवर अभियंता ने क्षेत्र के प्रदीप उर्फ धुन्नी, राजोल सिंह, पप्पू शुक्ला, दीपचंद्र और 36 अज्ञात ग्रामीणों के विरुद्ध तहरीर दी है। तहरीर में ग्रामीणों पर आरोप लगाया गया है कि उन लोगों ने कैंप में मारपीट की और विभागीय अभिलेख फाड़ डाले तथा राजस्व वसूली पुस्तिका उठा ले गए।
थानेदार जीडी शुक्ला ने बताया कि कैंप लगाने की सूचना पावर कॉर्पोरेशन ने पुलिस को नही दी थी। मौके पर ग्रामीणों का आक्रोश था, जिन्हें समझाबुझाकर शांत करा दिया गया है। अवर अभियंता के तहरीर पर जांच की जा रही है। मामले में उचित कार्रवाई होगी।