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Ambala News: डीएवी कॉलेज का अध्यापक बनकर व्यापारी से एक लाख रुपये ठगे
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अंबाला सिटी। साइबर ठगों ने खुद को नन्यौला स्थित डीएवी कॉलेज का अध्यापक बताकर एक बिल्डिंग मैटेरियल व्यापारी से एक लाख रुपये ठग लिए। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर शुरू कर दी है। शिकायतकर्ता पंजौला गांव निवासी जगदीप सिंह ने पुलिस को बताया कि उनकी नन्यौला में जगदीप बिल्डिंग मैटेरियल के नाम से दुकान है।
20 अगस्त को उनके मोबाइल पर एक कॉल आई। कॉल करने वाले ने अपना नाम बलबीर सिंह और खुद को डीएवी कॉलेज का अध्यापक बताया। ठग ने कॉलेज में बाउंड्री वॉल और लेंटर के लिए 80 कट्टे सीमेंट और रेत का आर्डर दिया। शुरुआत में कॉलेज परिसर में निर्माण कार्य की तस्वीरें दिखाकर व्यापारी का विश्वास जीत लिया।
इसके बाद पेमेंट देने के नाम पर ठगों ने स्कैनर के जरिए पहले एक रुपया ट्रांसफर कर दोगुना (दो रुपये) वापस भेजे। इससे व्यापारी का भरोसा पक्का हो गया। इसके बाद झांसे में लेकर गूगल पे और पंजाब नेशनल बैंक के करंट अकाउंट में अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए 1,00,000 रुपये ट्रांसफर करवा लिए गए। जब पैसे वापस नहीं आए और फोन स्विच ऑफ मिला, तो व्यापारी ने कॉलेज जाकर पता किया। वहां बलबीर सिंह नाम का कोई अध्यापक तैनात नहीं मिला। इसके बाद ठगी का अहसास होने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई।
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20 अगस्त को उनके मोबाइल पर एक कॉल आई। कॉल करने वाले ने अपना नाम बलबीर सिंह और खुद को डीएवी कॉलेज का अध्यापक बताया। ठग ने कॉलेज में बाउंड्री वॉल और लेंटर के लिए 80 कट्टे सीमेंट और रेत का आर्डर दिया। शुरुआत में कॉलेज परिसर में निर्माण कार्य की तस्वीरें दिखाकर व्यापारी का विश्वास जीत लिया।
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इसके बाद पेमेंट देने के नाम पर ठगों ने स्कैनर के जरिए पहले एक रुपया ट्रांसफर कर दोगुना (दो रुपये) वापस भेजे। इससे व्यापारी का भरोसा पक्का हो गया। इसके बाद झांसे में लेकर गूगल पे और पंजाब नेशनल बैंक के करंट अकाउंट में अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए 1,00,000 रुपये ट्रांसफर करवा लिए गए। जब पैसे वापस नहीं आए और फोन स्विच ऑफ मिला, तो व्यापारी ने कॉलेज जाकर पता किया। वहां बलबीर सिंह नाम का कोई अध्यापक तैनात नहीं मिला। इसके बाद ठगी का अहसास होने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई।
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