फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Raebareli News ›   Married the strangled

विवाहिता की गला घोंटकर हत्या

Thu, 21 Apr 2016 11:55 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ रायबरेली
अमर उजाला ब्यूरो/ रायबरेली Updated Thu, 21 Apr 2016 11:55 PM IST
विज्ञापन
Married the strangled
रायबरेली में गुरुवार को शिवगढ़ थाना क्षेत्र में महिला की हुई मौत के बाद गमगीन परिवारीजन व लगा लोगों का मजमा। - फोटो : अमर उजाला
शिवगढ़ थाना क्षेत्र के भौंसी गांव में गुरुवार को एक विवाहिता की ससुराल में गला घोंटकर हत्या कर दी गई। उसका शव घर के आंगन में मिला। ससुरालीजन घर छोड़ कर भाग निकले। मृतका के गले में निशान मिलने से स्पष्ट है कि गला घोंटकर उसे मौत के घाट उतारा गया।
विज्ञापन


महिला के पिता ने दहेज की खातिर हत्या करने का आरोप लगाया है। पुलिस ने देर शाम पति समेत चार आरोपियों के खिलाफ दहेज हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर ली। भौंसी निवासी चित्रसेन उर्फ सोनू की शादी 6 मई 2013 में बाराबंकी जिले के लोनी कटरा थाना क्षेत्र के खैरा ननकू गांव की रहने वाली प्रीती (27) के साथ हुई थी।
विज्ञापन


गुरुवार को प्रीती की लाश घर के आंगन में पड़ी मिली। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक उसके गले पर काला निशान था। वहीं चेहरे पर भी सूजन थी। इससे साफ है कि महिला के साथ पहले मारपीट हुई, फिर बेरहमी से गला घोंटकर उसे मारा डाला गया।
विज्ञापन
विज्ञापन


मौके पर गांव के लोगों की भीड़ एकत्र हो गई। मृतका के पिता संतोष वर्मा की भौंसी गांव में ही बद्री प्रसाद के यहां रिश्तेदारी है। वह दो दिन पहले पत्नी माया के साथ बद्री प्रसाद के यहां शादी में शामिल होने के लिए आया था।

बेटी की हत्या का पता चला तो संतोष और उसकी पत्नी भी मौके पर पहुंच गए। पिता ने आरोप लगाया कि दहेज की खातिर बेटी की हत्या की गई। सीओ महराजगंज सत्यपाल और तहसीलदार राम शंकर वर्मा ने छानबीन की।

एसओ ओपी यादव ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला हत्या का है। ससुरालीजन मौके से फरार है। थानेदार ओपी यादव ने बताया कि पिता संतोष वर्मा की तहरीर पर पति चित्रसेन उर्फ सोनू, सास माधुरी, ससुर जागेश्वर, ननद सोनी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।

मृतका के पिता संतोष कुमार ने बताया कि बेटी की शादी में उसने सामर्थ्य के हिसाब से भरपूर दान-दहेज दिया था। इसके बावजूद उसकी बेटी को प्रताड़ित किया जा रहा था। इसे लेकर चार बार गांव में पंचायत हुई।


हर बार सुसरालीजनों की मनचाही चीज दहेज में देकर उन्हें मनाया गया। सोचा था कि बेटी का घर न उजड़े। पता होता कि बेटी ही नहीं रहेगी तो उसकी ससुराल वालों से कभी समझौता न करता।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed