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गंगा में मरीं मछलियां उतराने से मचा हड़कंप

Sat, 25 Jun 2016 12:08 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ रायबरेली
अमर उजाला ब्यूरो/ रायबरेली Updated Sat, 25 Jun 2016 12:08 AM IST
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Fish died in the river ganga created stir
सरेनी थाना क्षेत्र के गेंगासों गांव के पास गंगा नदी के किनारे मरी मछलियों को दिखाता युवक। - फोटो : अमर उजाला
पतित पावनी गंगा नदी में हजारों मछलियां मर गईं। गेगासों स्थित घाट पर मरी मछलियों के उतराने से हड़कंप मच गया है। कुछ मछलियां पानी के तेज बहाव में बह गई, वहीं कुछ मरी मछलियां नदी के किनारे पड़ी हैं।
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इससे दुर्गंध बढ़ने लगी है, लेकिन प्रशानिक व प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों को इसकी भनक तक नहीं है। लोगों का मानना है कि फैक्ट्रियों का कैमिकल युक्त पानी छोड़े जाने से ऐसा हुआ। रोज की तरह शुक्रवार की सुबह इलाके के लोग मोक्षदायनी गंगा में स्नान के लिए गेगासों घाट पर पहुंचे।
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वहां का नजारा देखा तो लोगों के होश उड़ गए। नदी के किनारे जहां तक नजर गई, हर तरफ मछलियां मरी पड़ी थी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक भारी मात्रा में मरी हुई मछलियां गंगा के तेज बहाव में बह रही थी। वहीं कुछ दुर्लभ प्रजाति के कछुए भी नदी के किनारे मरे हुए पाए गए।
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हालांकि घटना की सूचना लोगों ने अफसरों को दी, लेकिन कोई मौके पर नहीं पहुंचा। मछलियों की मौत की वजह पानी का दूषित होना माना जा रहा है। आखिर एकाएक पानी इतना दूषित कैसे हुआ कि मछलियों की मौत हो गई, यह जांच का विषय है। ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि फैक्ट्रियों का कैमिकल गंगा नदी में छोड़े जाने से ऐसा हुआ है।

लालगंज के उपजिलाधिकारी राम अक्षयवर ने बताया कि गंगा नदी में मछलियों की मौत की सूचना नहीं मिली है। यदि ऐसा है तो मामला गंभीर है। इसकी जांच-पड़ताल कराई जाएगी।

मुख्य पशु चिकित्साधिकारी मछलियां पानी में घुलित ऑक्सीजन के सहारे जीवित रहती हैं। पानी में ऑक्सीजन की कमी होने पर उनकी जान जा सकती है। पानी में ऑक्सीजन की कमी की प्रमुख दो वजह होती हैं।एक तो पानी का बहुत अधिक दूषित होना, वहीं दूसरी वजह पानी का जहरीला होना है। पानी में जहर होने से भी मछलियों की मौत हो जाती है।


उत्तर प्रदेश नियंत्रण बोर्ड में सहायक वैज्ञानिक डा. एके सिंह ने बताया कि गंगा नदी के पानी की समय-समय पर जांच कराई जाती है। मछलियों की मौत की जानकारी नहीं है। घटना की जांच कराई जाएगी। यदि वाकई मछलियां मरी हैं तो इसकी वजह का पता लगाया जाएगा।




 
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