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पिता की हत्या के गवाह को पीट-पीटकर मार डाला
रायबरेली/ अमर उजाला ब्यूराे
Updated Thu, 18 May 2017 12:19 AM IST
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murder
- फोटो : getty images
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अमेठी जिले के शिवरतनगंज थाना क्षेत्र में सोमवार रात पिता की हत्या के गवाह की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। जबकि उसके बेटे को घायल कर दिया गया। समझौता न करने पर वारदात को अंजाम दिया गया। इससे क्षेत्र में सनसनी फैल गई। सूचना पर पुलिस ने पड़ताल की।
पीड़ित पक्ष की तहरीर पर पुलिस ने छह हमलावरों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। शिवरतनगंज थाना क्षेत्र के जुगराजपुर गांव निवासी गिरधारीलाल तिवारी (50) किसानी करता था। गिरधारीलाल के पिता राम बालक की वर्ष 2005 में हत्या कर दी गई थी। पिता की हत्या के मामले में वह गवाह था।
गांव निवासी गुरु प्रसाद के घर रात में बारात आई थी। गिरधारीलाल व उसका बेटा कुलदीप तिवारी रात में बारात से लौट रहे थे। बेटे कुलदीप के अनुसार रास्ते में छह हमलावरों ने लाठी-डंडे, कुल्हाड़ी व फरसे से धावा बोल दिया। एक के बाद एक वार करके गिरधारीलाल की हत्या कर दी गई, जबकि उसको को घायल कर दिया।
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उसने किसी तरह भागकर अपनी जान बचाई। शोरगुल पर आसपास के लोग पहुंच गए, जिससे हमलावर फरार हो गए। हमलावरों ने 100 मीटर तक घसीटते हुए शव लेकर जाकर छोड़ा। सूचना पर थानेदार मो. हमीद पुलिस के साथ घटनास्थल पर पहुंचे।
सीओ तिलोई हौसिला प्रसाद का कहना है कि हमलावर समझौता का दबाव बना रहे थे। ऐसा न करने पर वारदात को अंजाम दिया गया। थानेदार का कहना है कि गांव के पवन उर्फ कल्लू त्रिवेदी, उसके बेटे बंटी के अलावा सन्नी पासी, शिवलाल, रंजीत पासी, प्रेम पासी के खिलाफ तहरीर पर रिपोर्ट लिखी जा रही है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
दीवानी कचहरी रायबरेली में मृतक के पिता की हत्या का मामला चल रहा है। इसमें वारदात में शामिल पवन उर्फ कल्लू त्रिवेदी नामजद किया गया था। बताया जा रहा है कि मामला अंतिम दौर था। लगभग सबकी गवाही पूरी हो गई थी। सजा के डर से हमलावर घबराए हुए थे।
यही वजह रही कि वे गिरधारीलाल पर समझौते का दबाव बना रहे थे। ऐसा करने पर उसे मौत के घाट उतार दिया गया। बताते हैं कि दो दिन भी किसी बात को लेकर दोनों पक्षों में विवाद हुआ था। रात में घटना को अंजाम दे दिया गया। मर्डर के बाद से आरोपियों के घरों पर सन्नाटा पसरा है। घर पर सिर्फ महिलाएं हैं। सभी भाग खड़े हुए हैं।
गवाह गिरधारीलाल की हत्या से परिवारीजनों के आंसू नहीं थम रहे हैं। मृतक की पत्नी सरोज फूला गांव में एएनएम है, जो पति की मौत से दहाड़े मारकर रो पड़ती है। वहीं बड़े बेटे कुलदीप व छोटे बेटे विमल पर पिता की हत्या से गम साफ दिख रहा है। गांव में घटना को लेकर लोगों में नाराजगी है। सभी कार्रवाई किए जाने की मांग कर रहे हैं।
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पीड़ित पक्ष की तहरीर पर पुलिस ने छह हमलावरों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। शिवरतनगंज थाना क्षेत्र के जुगराजपुर गांव निवासी गिरधारीलाल तिवारी (50) किसानी करता था। गिरधारीलाल के पिता राम बालक की वर्ष 2005 में हत्या कर दी गई थी। पिता की हत्या के मामले में वह गवाह था।
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गांव निवासी गुरु प्रसाद के घर रात में बारात आई थी। गिरधारीलाल व उसका बेटा कुलदीप तिवारी रात में बारात से लौट रहे थे। बेटे कुलदीप के अनुसार रास्ते में छह हमलावरों ने लाठी-डंडे, कुल्हाड़ी व फरसे से धावा बोल दिया। एक के बाद एक वार करके गिरधारीलाल की हत्या कर दी गई, जबकि उसको को घायल कर दिया।
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उसने किसी तरह भागकर अपनी जान बचाई। शोरगुल पर आसपास के लोग पहुंच गए, जिससे हमलावर फरार हो गए। हमलावरों ने 100 मीटर तक घसीटते हुए शव लेकर जाकर छोड़ा। सूचना पर थानेदार मो. हमीद पुलिस के साथ घटनास्थल पर पहुंचे।
सीओ तिलोई हौसिला प्रसाद का कहना है कि हमलावर समझौता का दबाव बना रहे थे। ऐसा न करने पर वारदात को अंजाम दिया गया। थानेदार का कहना है कि गांव के पवन उर्फ कल्लू त्रिवेदी, उसके बेटे बंटी के अलावा सन्नी पासी, शिवलाल, रंजीत पासी, प्रेम पासी के खिलाफ तहरीर पर रिपोर्ट लिखी जा रही है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
दीवानी कचहरी रायबरेली में मृतक के पिता की हत्या का मामला चल रहा है। इसमें वारदात में शामिल पवन उर्फ कल्लू त्रिवेदी नामजद किया गया था। बताया जा रहा है कि मामला अंतिम दौर था। लगभग सबकी गवाही पूरी हो गई थी। सजा के डर से हमलावर घबराए हुए थे।
यही वजह रही कि वे गिरधारीलाल पर समझौते का दबाव बना रहे थे। ऐसा करने पर उसे मौत के घाट उतार दिया गया। बताते हैं कि दो दिन भी किसी बात को लेकर दोनों पक्षों में विवाद हुआ था। रात में घटना को अंजाम दे दिया गया। मर्डर के बाद से आरोपियों के घरों पर सन्नाटा पसरा है। घर पर सिर्फ महिलाएं हैं। सभी भाग खड़े हुए हैं।
गवाह गिरधारीलाल की हत्या से परिवारीजनों के आंसू नहीं थम रहे हैं। मृतक की पत्नी सरोज फूला गांव में एएनएम है, जो पति की मौत से दहाड़े मारकर रो पड़ती है। वहीं बड़े बेटे कुलदीप व छोटे बेटे विमल पर पिता की हत्या से गम साफ दिख रहा है। गांव में घटना को लेकर लोगों में नाराजगी है। सभी कार्रवाई किए जाने की मांग कर रहे हैं।