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फर्जी अफसर गिरफ्तार
अमर उजाला ब्यूरो/रायबरेली
Updated Mon, 02 May 2016 11:01 PM IST
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जांच करती पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
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खाद्य आयुक्त बनकर जांच के नाम पर जिले में कोटेदारों उगाही करने वाले एक जालसाज को शुक्रवार को गिरफ्तार किया गया। उसका एक साथी भाग निकला। पकडे़ गए आरोपी ने कोटेदार को पैसे लेकर शहर बुलाया था।
एक सूचना पर जिला पूर्ति विभाग के अफसरों ने उसे पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। जांच में आरोपी ने कई कोटेदारों से रुपये वसूलने की बात बताई। उधर पुलिस इस मामले में कार्रवाई करने के बजाय सीमा विवाद में उलझ गई। हालांकि बाद में तहरीर हरचंदपुर थाने में दी गई।
हरचंदपुर क्षेत्र में शोरा के कोटेदार शिव लोचन शुक्ला के पास गत 27 अप्रैल को एक युवक अपने साथी के साथ पहुंचा था। युवक ने अपने आपको खाद्य आयुक्त बताया। कोटेदार से जांच के नाम पर 15 हजार रुपये वसूल लिए।
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शुक्रवार को युवक ने फिर फोन किया कि रतापुर चौराहा पर उसे और रुपये लेकर बुलाया। कुछ देर बाद में रतापुर के बजाय कोटेदार को गल्ला मंडी और फिर बस स्टेशन पर बुलाया। इस पर कोटेदार को कुछ शक हुआ और उसने यह बात जिला पूर्ति विभाग के अफसरों और साथी कोटेदारों को बताई।
अधिकारियों ने युवक को मौके से पकड़ लिया। उसका साथी फरार हो गया। पकड़े गए युवक को कोतवाली पुलिस के सुपुर्द कर दिया। सूचना पर डीएसओ वीआर अहिरवार व क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी रविंद्र सिंह कोतवाली पहुंचे।
इस दौरान कोतवाली पुलिस ने मामला हरचंदपुर क्षेत्र का बताकर अपना पल्ला झाड़ने की कोशिश की। पुलिस का सीमा विवाद काफी देर तक चला। क्योंकि हरचंदपुर पुलिस मामला शहर क्षेत्र का बता रही थी। अफसरों से बातचीत के बाद हरचंदपुर थाने में तहरीर दी गई।
पकड़े गए युवक की पहचान मुकेश द्विवेदी निवासी अमर नगर सदर कोतवाली के रूप में हुई। उसके फरार साथी का नाम राजू ओझा बताया गया। हरचंदपुर थानेदार अरुण शुक्ला ने बताया कि शोरा गांव के कोटेदार शिव लोचन शुक्ला ने मुकेश द्विवेदी और राजू ओझा के खिलाफ तहरीर दी है।
मुकेश फर्जी खाद्य आयुक्त बनकर राजू ओझा के साथ कोटेदारों से जांच के नाम पर धन उगाही कर रहा था। कई कोटेदारों से भी धन उगाही की बात सामने आई है।
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एक सूचना पर जिला पूर्ति विभाग के अफसरों ने उसे पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। जांच में आरोपी ने कई कोटेदारों से रुपये वसूलने की बात बताई। उधर पुलिस इस मामले में कार्रवाई करने के बजाय सीमा विवाद में उलझ गई। हालांकि बाद में तहरीर हरचंदपुर थाने में दी गई।
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हरचंदपुर क्षेत्र में शोरा के कोटेदार शिव लोचन शुक्ला के पास गत 27 अप्रैल को एक युवक अपने साथी के साथ पहुंचा था। युवक ने अपने आपको खाद्य आयुक्त बताया। कोटेदार से जांच के नाम पर 15 हजार रुपये वसूल लिए।
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शुक्रवार को युवक ने फिर फोन किया कि रतापुर चौराहा पर उसे और रुपये लेकर बुलाया। कुछ देर बाद में रतापुर के बजाय कोटेदार को गल्ला मंडी और फिर बस स्टेशन पर बुलाया। इस पर कोटेदार को कुछ शक हुआ और उसने यह बात जिला पूर्ति विभाग के अफसरों और साथी कोटेदारों को बताई।
अधिकारियों ने युवक को मौके से पकड़ लिया। उसका साथी फरार हो गया। पकड़े गए युवक को कोतवाली पुलिस के सुपुर्द कर दिया। सूचना पर डीएसओ वीआर अहिरवार व क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी रविंद्र सिंह कोतवाली पहुंचे।
इस दौरान कोतवाली पुलिस ने मामला हरचंदपुर क्षेत्र का बताकर अपना पल्ला झाड़ने की कोशिश की। पुलिस का सीमा विवाद काफी देर तक चला। क्योंकि हरचंदपुर पुलिस मामला शहर क्षेत्र का बता रही थी। अफसरों से बातचीत के बाद हरचंदपुर थाने में तहरीर दी गई।
पकड़े गए युवक की पहचान मुकेश द्विवेदी निवासी अमर नगर सदर कोतवाली के रूप में हुई। उसके फरार साथी का नाम राजू ओझा बताया गया। हरचंदपुर थानेदार अरुण शुक्ला ने बताया कि शोरा गांव के कोटेदार शिव लोचन शुक्ला ने मुकेश द्विवेदी और राजू ओझा के खिलाफ तहरीर दी है।
मुकेश फर्जी खाद्य आयुक्त बनकर राजू ओझा के साथ कोटेदारों से जांच के नाम पर धन उगाही कर रहा था। कई कोटेदारों से भी धन उगाही की बात सामने आई है।