फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Raebareli News ›   district couple killed in Varanasi stampede

वाराणसी भगदड़ में जिले के दंपती की मौत

Sat, 15 Oct 2016 11:06 PM IST
अमर उजाला/रायबरेली
अमर उजाला/रायबरेली Updated Sat, 15 Oct 2016 11:06 PM IST
विज्ञापन
district couple killed in Varanasi stampede
पीड़ित परिवारीजन - फोटो : अमर उजाला
वाराणसी में जयगुरुदेव के कार्यक्रम में हुई भगदड़ में रायबरेली के आईटीआई कर्मी और उनकी पत्नी की मौत हो गई। शनिवार को देर शाम दंपती की मौत की खबर घर पहुंचते ही परिवारीजनों में कोहराम मच गया।
विज्ञापन


आसपास के लोगों का उनके प्रगतिपुरम कॉलोनी स्थित आवास पर मजमा लग गया। शुक्रवार को ही कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आईटीआई कर्मी और उनकी पत्नी वाराणसी गए हुए थे। माता-पिता की मौत की सूचना पर बेटा समेत अन्य परिवारीजन वाराणसी के लिए रवाना हो गए हैं।
विज्ञापन


रायबरेली शहर के प्रगतिपुरम कॉलोनी के मकान नंबर ई-153 में रहने वाले नवल किशोर मिश्रा (58) आईटीआई में ऑपरेटर पद पर कार्यरत थे। वे मूलरूप से अमेठी जिले के तिलोई तहसील क्षेत्र के पूरे मिश्रन मजरे राजा फत्तेपुर गांव के रहने वाले थे, लेकिन मौजूदा समय में वे प्रगतिपुरम कॉलोनी में परिवार के साथ रहते थे।
विज्ञापन
विज्ञापन


शुक्रवार को नवल किशोर अपनी पत्नी सावित्री (55) के साथ जयगुरुदेव के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए बस से वाराणसी गए थे, जहां शनिवार को हुई भगदड़ में दंपती की मौत हो गई। देर शाम दंपती की मौत की सूचना घर पहुंची तो परिवारीजनों में रोना पिटना मच गया। रिश्तेदारों व मित्रों का घर पर जमावड़ा लग गया। माता-पिता की मौत की सूचना पर बेटा मुकेश रिश्तेदारों के साथ बनारस रवाना होे गया।

...और इस बार साबित हुआ दंपती का अंतिम सफर 
रायबरेली। किसी को यह एहसास नहीं था कि प्रगतिपुरम कॉलोनी निवासी दंपती का जयगुरुदेव के कार्यक्रम में जाने का अंतिम सफर था। नवल किशोर और उनकी पत्नी सावित्री की मौत से परिवार पर गमों का पहाड़ टूट पड़ा है। अपनों का खोने का गम परिवारीजन भूल नहीं पा रहे हैं। उनके परिवार में एक बेटा मुकेश है। बेटी सुषमा की शादी पांच साल पहले लखनऊ के मोहनलालगंज में हुई थी।

सूचना के बाद बेटी व दामाद नीलेश शुक्ला प्रगतिपुरम कॉलोनी स्थित घर पहुंचे। नवल किशोर मिश्रा शुक्रवार को अपनी पत्नी सावित्री मिश्रा के साथ बस से वाराणसी के लिए रवाना हुए थे, तब किसी ने नहीं सोचा था कि यह उनकी अंतिम यात्रा साबित होगी। वे चार भाइयों में सबसे बड़े थे। दूसरे नंबर पर हरी शंकर, तीसरे पर विनय शंकर व चौथे नंबर पर कृपा शंकर हैं।

कृपा शंकर ने बताया कि दो बड़े भाई भतीजे मुकेश के साथ बनारस गए हैं। अब उनको कौन सहारा देगा। भतीजे सत्यम मिश्रा ने कहा कि नवल किशोर उनके ताऊ हैं। घटना की सूचना मिलते ही सभी परेशान हो गए हैं कि कल घर से हंसते-बोलते हुए ताई के साथ घर निकले थे। दामाद नीलेश मिश्रा ने बताया कि सास-ससुर के साथ अचानक हुई दुर्घटना बहुत दुखद है।


घर में सभी का रो-रोकर बुरा हाल है। वे ही घर के कमाने वाले धार्मिक प्रवृत्ति के इंसान थे। दामाद की मानें तो जहां पर भी जयगुरुदेव का कार्यक्रम होता था, वहां वे सास के साथ जाया करते थे। किसी को एहसास नहीं हो रहा है कि वह सास-ससुर इस दुनिया में नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed