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सीबीआई ने छह स्वास्थ्य केंद्रों के कर्मियों से की पूछताछ
रायबरेली/ अमर उजाला ब्यूराे
Updated Thu, 27 Oct 2016 12:11 AM IST
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रायबरेली में जांच करती सीबीआई की टीम
- फोटो : अमर उजाला
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एनआरएचएम घोटाले की जांच के लिए तीन दिन से केंद्रीय जांच ब्यूरो की टीम यहां डटी हुई है। पहले दो दिन स्वास्थ्य केंद्रों पर जाकर छानबीन के बाद बुधवार को टीम ने योजना से जुडे़ दस्तावेजों के साथ स्वास्थ्य कर्मियों को ही तलब कर लिया।
पूरे दिन टीम मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय में जमी रही। स्वास्थ्य केंद्रों से आए फार्मासिस्टों के बयान दर्ज किए। साथ ही योजना के तहत खरीदी गईं दवाएं कब, कहां और कैसे बांटी गईं, यह जानने के लिए कागजात खंगाले।
सीबीआई ने जिले की जगतपुर, जतुआटप्पा, अमावां के अलावा अमेठी जिले की तिलोई, सिंहपुर और फुरसतगंज सीएचसी के स्वास्थ्य कर्मियों को भी तलब किया था। सुबह से ही स्वास्थ्य केंद्रों से फार्मासिस्ट कागजात लेकर सीएमओ दफ्तर पहुंच गए।
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यहां सीएमओ दफ्तर स्थित एनएचएम कार्यालय में बैठकर टीम के अफसरों ने स्वास्थ्य कर्मियों से पूछताछ की। टीम ने यह जानने की कोशिश की कि एनआरएचएम के तहत आया धन कहां खर्च हुआ। इस धन से खरीदी गई दवाओं का वितरण सही तरीके हुआ या सिर्फ घपलेबाजी की गई।
टीम ने योजना से जुड़ी फाइलें देखी। साथ ही घोटाले के दौरान सीएचसी में तैनात रहे कई फार्मासिस्टों से के बयान भी दर्ज किए। ग्रामीण अंचलों की सीएचसी से बुलाए गए फार्मासिस्टों को टीम एक-एक कर अंदर बुला रही थी।
इन फार्मासिस्टों के चेहरों पर बेचैनी साफ झलक रही थी। यही नहीं कई फार्मासिस्ट ने तो जांच की कार्रवाई से गुजर कर लौटे फार्मासिस्टों से अंदर हुई बातचीत को जानने की कोशिश भी की।
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पूरे दिन टीम मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय में जमी रही। स्वास्थ्य केंद्रों से आए फार्मासिस्टों के बयान दर्ज किए। साथ ही योजना के तहत खरीदी गईं दवाएं कब, कहां और कैसे बांटी गईं, यह जानने के लिए कागजात खंगाले।
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सीबीआई ने जिले की जगतपुर, जतुआटप्पा, अमावां के अलावा अमेठी जिले की तिलोई, सिंहपुर और फुरसतगंज सीएचसी के स्वास्थ्य कर्मियों को भी तलब किया था। सुबह से ही स्वास्थ्य केंद्रों से फार्मासिस्ट कागजात लेकर सीएमओ दफ्तर पहुंच गए।
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यहां सीएमओ दफ्तर स्थित एनएचएम कार्यालय में बैठकर टीम के अफसरों ने स्वास्थ्य कर्मियों से पूछताछ की। टीम ने यह जानने की कोशिश की कि एनआरएचएम के तहत आया धन कहां खर्च हुआ। इस धन से खरीदी गई दवाओं का वितरण सही तरीके हुआ या सिर्फ घपलेबाजी की गई।
टीम ने योजना से जुड़ी फाइलें देखी। साथ ही घोटाले के दौरान सीएचसी में तैनात रहे कई फार्मासिस्टों से के बयान भी दर्ज किए। ग्रामीण अंचलों की सीएचसी से बुलाए गए फार्मासिस्टों को टीम एक-एक कर अंदर बुला रही थी।
इन फार्मासिस्टों के चेहरों पर बेचैनी साफ झलक रही थी। यही नहीं कई फार्मासिस्ट ने तो जांच की कार्रवाई से गुजर कर लौटे फार्मासिस्टों से अंदर हुई बातचीत को जानने की कोशिश भी की।