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बवाल के बाद पखरौली गांव खाली, पुलिस का तांडव

Fri, 03 Jun 2016 11:51 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/रायबरेली
अमर उजाला ब्यूरो/रायबरेली Updated Fri, 03 Jun 2016 11:51 PM IST
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After organically Pukhrouli village empty, police orgy
पखरौली में पुलिस का तांडव - फोटो : अमर उजाला
कोतवाली क्षेत्र के पखरौली गांव में गुरुवार की रात युवती के बयान कराने को लेकर ग्रामीणों और पुलिस के बीच विवाद के बाद बाद शुक्रवार की देर शाम कई थानों की फोर्स गांव पहुंच गई। पुलिस की दहशत के चलते गांव खाली हो गया।
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घरों पर किसी ग्रामीण के न मिलने पर पुलिस ने खूब तांडव मचाया। घरों के बाहर खड़ी ग्रामीणों की बाइक तोड़ दी। साथ ही घरों में भी तोड़फोड़ की। यही नहीं महिलाओं का आरोप है कि पुलिस ने उनके साथ बदसलूकी भी की। पुलिस के तांडव की वजह से गांव में सन्नाटा पसर गया है। कोई कुछ बोलने को तैयार नहीं है।
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पखरौली गांव में युवती के बयान को लेकर हुए बवाल के बाद ग्रामीणों में पुलिस का खौफ इस कदर व्याप्त हुआ कि  वह घरों में रहने के लिए डर रहे हैं। यही वजह रही कि पुरुष गांव से बाहर चले गए हैं। घर पर सिर्फ महिलाएं ही मौजूद हैं।
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पुलिस ने खूब तांडव मचाया। इक्का-दुक्का लोग मिले तो उनकी पुलिस ने पिटाई भी की। इससे पुलिस की मनमानी सामने आ गई। पुलिस का तांडव यहीं नहीं रुका। घटना में नामजद आरोपियों के बजाय बेकसूरों के घरों पर भी छापेमारी की। घरों के बाहर खड़ी बाइकों में तोड़फोड़ की। घरों के दरवाजे तक तोड़ दिए।

महिलाओं का आरोप है कि पुलिस ने घर में घुसकर उनके साथ बदसलूकी की। जानमाल की धमकी दी। देर शाम एसपी हरिनारायण सिंह गांव पहुंचकर मामले की जांच की। एसपी का कहना है कि आरोपियों की धरपकड़ के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। किसी निर्दोष को परेशान नहीं किया जा रहा है।

एसपी दफ्तर का घेराव, प्रधान को बचा रही पुलिस
रायबरेली। पखरौली गांव में हुए बवाल को लेकर भाजपाइयों ने ग्रामीणों के साथ एसपी दफ्तर का घेराव किया। सभी ने डलमऊ पुलिस की मनमानी पर आरोप लगाया। भाजपा नेता बृजेश सिंह की अगुवाई में पहुंचे ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया।

भाजपा नेता का कहना है कि सत्ता पक्ष के दबाव में पुलिस ने गांव में तांडव मचाया। बवाल के लिए प्रधान जिम्मेदार है, लेकिन उसे बचाया जा रहा है। पुलिस ने बेकसूरों के घरों पर छापेमारी करके तोड़फोड़ की। साथ ही महिलाओं के साथ बदसलूकी की, जो ठीक नहीं है।


ग्रामीण रामफेर, अतुल यादव, नीरज यादव, रामकली आदि का कहना है कि सत्ता पक्ष की वजह से यह सब हुआ है। इस मामले की निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए। यदि ऐसा नहीं होता है तो धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया जाएगा। पुलिस की मनमानी किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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