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एक साल से सीख रही थी तैराकी तो डूबी कैसे?

Sat, 29 Jul 2017 11:12 PM IST
रायबरेली/ अमर उजाला ब्यूराे
रायबरेली/ अमर उजाला ब्यूराे Updated Sat, 29 Jul 2017 11:12 PM IST
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A year was swimming and learning how to sink?
पुलिस मौके पर जांच करते हुए - फोटो : amarujala
छात्रा पूजा गुप्ता की संदिग्ध हालात में हुई मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। बताया जा रहा है कि छात्रा एक साल से तैराकी सीख रही थी। पुलिस का भी मानना है कि यह समय बहुत लंबा होता है। एक साल तैराकी सीखने के बाद भी स्वीमिंग पूल में डूबना आसान नहीं। यही नहीं जिस स्वीमिंग पूल में डूबने की बात कही जा रही है, उसमें पानी कम था। इतना गहरा नहीं था कि छात्रा की डूबकर मौत हो सके।
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साथ ही तैराकी के दौरान वहां पर कोच व स्टेडियम में तैनात कर्मचारी रहते हैं। फिर कम पानी में छात्रा डूब गई और इसकी जानकारी कोच व अन्य लोगों को क्यों नहीं हो सकी। इन सवालों से जाहिर है कि दाल में जरूर कुछ काला है। पुलिस इन्हीं बिंदुओं को तफ्तीश मानकर पड़ताल कर रही है।
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मृतका के भाई दीपक गुप्ता का कहना है कि पढ़ाई करने के साथ उसकी बहन पूजा स्वराज एजेंसी में नौैकरी भी करती थी। एजेंसी में वह लिखापढ़ी का कार्य करती थी। वह सुबह ठीक थी और तैराकी सीखने की बात कहकर घर से निकली थी। एक साल से स्टेडियम जा रही थी। कभी ऐसी कोई बात नहीं हुई। फिर अब ये कैसे हो गया।
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बताया जा रहा है कि छात्रा पूजा गुप्ता लेट से स्टेडियम जाती थी। उस वक्त अधिकतर लोग घरों को चले जाते थे। इस दौरान इक्का-दुक्का लोगोें को छोड़कर स्टेडियम का स्टाफ ही रहता था तो क्या उसके साथ कोई अनहोनी हुई है। पुलिस इस मामले में जांच करने के बाद ही कुछ कहने की बात कह रही है।

पूजा गुप्ता की मौत से अपनों के आंसू नहीं थम रहे हैं। रोज तैराकी सीखने के बाद घर पहुंचने वाली पूजा के न पहुंचने पर उसकी मां रामकुमारी दहाड़े मारकर रो पड़ी। कहती है कि बिटिया को क्या हो गया। भाई दीपक गुप्ता भी अपने आंसू नहीं रोक पा रहा है। पिता भी गमगीन है। छात्रा की मौत से मोहल्ले के लोग भी गमगीन हैं।


मौैजूदा समय में जिला क्रीड़ा अधिकारी की तैनाती तक नहीं है। नतीजतन स्टेडियम में अव्यवस्था का आलम है। इसका नतीजा सबके सामने छात्रा की मौत का है। यहां पर तैनात जिला क्रीड़ा अधिकारी नसरीन बानो का कई माह पहले स्थानांतरण हो गया है। तब से तैनाती नहीं हुई है। इससे स्टेडियम की गतिविधियों की देखरेख ठीक ढंग से नहीं हो पाती है। एडीएम प्रशासन तिलकधारी का कहना है कि छात्रा की मौत का मामला गंभीर है। इस समय किसी को प्रभारी जिला क्रीड़ा अधिकारी बनाया गया है, उन्हें जानकारी नहीं है।
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