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शहर में थम नहीं थम रही निजी अस्पताल संचालकों की मनमानी
Updated Thu, 30 Aug 2018 12:33 AM IST
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रायबरेली। शहर में इलाज में बरती गई लापरवाही से एक और प्रसूता की मौत हो गई। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि प्रसूता ने बच्ची को जन्म दिया।
प्रसूता की हालत बिगड़ने पर उसे लखनऊ रेफर कर दिया। इलाज के कागजात तक नहीं दिए। बुधवार को पीड़ित पक्ष ने एसपी को पत्र देकर इलाज में लापरवाही बरतने वाले चिकित्सकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है। एसपी ने प्रकरण की जांच कोतवाल को सौंपी है।
खीरों थाना क्षेत्र के सेहरामऊ निवासी सज्जन कुमार ने 19 अगस्त 2018 को प्रसव पीड़ा होेने पर अपनी पत्नी निशा (28) को शहर के इंदिरा नगर में संचालित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया था।
सज्जन ने बताया कि चिकित्सकों की ओर से इलाज में लापरवाही बरती गई। उसकी पत्नी ने एक बच्ची को जन्म दिया, लेकिन उसकी पत्नी की मौत हो गई। बच्ची ठीक है।
आरोप है कि निजी अस्पताल में ही उसकी पत्नी की मौत 19 अगस्त को ही हो गई थी। अस्पताल के संचालक और चिकित्सकों ने पत्नी की मौत की जानकारी नहीं दी।
यह कहते हुए पत्नी को लखनऊ रेफर कर दिया कि उसकी हालत खराब है। पत्नी की मौत की जानकारी न हो जाए, इसलिए उसकी पत्नी को लखनऊ ले जाया गया।
निजी अस्पताल में किए गए इलाज के कागजात तक नहीं दिए गए। डिलीवरी कराने के नाम पर 25 हजार रुपये भी लिए थे। एसपी सुजाता सिंह ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सदर कोतवाल अशोक सिंह को जांच करके कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
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प्रसूता की हालत बिगड़ने पर उसे लखनऊ रेफर कर दिया। इलाज के कागजात तक नहीं दिए। बुधवार को पीड़ित पक्ष ने एसपी को पत्र देकर इलाज में लापरवाही बरतने वाले चिकित्सकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है। एसपी ने प्रकरण की जांच कोतवाल को सौंपी है।
खीरों थाना क्षेत्र के सेहरामऊ निवासी सज्जन कुमार ने 19 अगस्त 2018 को प्रसव पीड़ा होेने पर अपनी पत्नी निशा (28) को शहर के इंदिरा नगर में संचालित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया था।
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सज्जन ने बताया कि चिकित्सकों की ओर से इलाज में लापरवाही बरती गई। उसकी पत्नी ने एक बच्ची को जन्म दिया, लेकिन उसकी पत्नी की मौत हो गई। बच्ची ठीक है।
आरोप है कि निजी अस्पताल में ही उसकी पत्नी की मौत 19 अगस्त को ही हो गई थी। अस्पताल के संचालक और चिकित्सकों ने पत्नी की मौत की जानकारी नहीं दी।
यह कहते हुए पत्नी को लखनऊ रेफर कर दिया कि उसकी हालत खराब है। पत्नी की मौत की जानकारी न हो जाए, इसलिए उसकी पत्नी को लखनऊ ले जाया गया।
निजी अस्पताल में किए गए इलाज के कागजात तक नहीं दिए गए। डिलीवरी कराने के नाम पर 25 हजार रुपये भी लिए थे। एसपी सुजाता सिंह ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सदर कोतवाल अशोक सिंह को जांच करके कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
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