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लाइनों के नीचे बन रहे भवन, हो सकता हादसा
Updated Mon, 26 Nov 2018 12:15 AM IST
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रायबरेली। शहर क्षेत्र में हाईटेंशन लाइनों के नीचे भवन बनाए जा रहे हैं। जानकारी होने के बाद भी न तो निर्माण कार्य रोका जा रहा है और न ही कोई कार्रवाई हो रही है।
इंदिरानगर उपकेंद्र से निकले शहीद स्मारक फीडर के नीचे कई भवन बन गए हैं। लाइन के नीचे पिलर बनाया जा रहा है। जिसकी सरिया कभी भी तार में छू सकती है। इससे कोई बड़ी घटना हो सकती है।
इंदिरानगर उपकेंद्र से निकले शहीद स्मारक फीडर से मुंशीगंज कस्बे को बिजली आपूर्ति होती है। मुंशीगंज से शहीद स्मारक जाने वाले मार्ग पर हाईटेंशन लाइन के नीचे पहले से कई मकान बने हैं।
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अभी भी कई मकानों का निर्माण हो रहा है। जबकि नियमत: बिजली की लाइन से दो मीटर दूरी पर ही कोई भवन का निर्माण कराया जा सकता है, लेकिन यहां तो न सिर्फ लाइन के नीचे भवन बनाया जा रहा है, बल्कि पिलर की सरिया तारों के पास ही है।
इससे कभी भी हादसा हो सकता है। अवर अभियंता जयप्रकाश ने बताया कि जानकारी हुई है। जांच के लिए स्टाफ को भेजा था। लाइन के नीचे भवन का निर्माण नहीं हो सकता है। भवन स्वामी को नोटिस भेजा जाएगा।
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इंदिरानगर उपकेंद्र से निकले शहीद स्मारक फीडर के नीचे कई भवन बन गए हैं। लाइन के नीचे पिलर बनाया जा रहा है। जिसकी सरिया कभी भी तार में छू सकती है। इससे कोई बड़ी घटना हो सकती है।
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इंदिरानगर उपकेंद्र से निकले शहीद स्मारक फीडर से मुंशीगंज कस्बे को बिजली आपूर्ति होती है। मुंशीगंज से शहीद स्मारक जाने वाले मार्ग पर हाईटेंशन लाइन के नीचे पहले से कई मकान बने हैं।
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अभी भी कई मकानों का निर्माण हो रहा है। जबकि नियमत: बिजली की लाइन से दो मीटर दूरी पर ही कोई भवन का निर्माण कराया जा सकता है, लेकिन यहां तो न सिर्फ लाइन के नीचे भवन बनाया जा रहा है, बल्कि पिलर की सरिया तारों के पास ही है।
इससे कभी भी हादसा हो सकता है। अवर अभियंता जयप्रकाश ने बताया कि जानकारी हुई है। जांच के लिए स्टाफ को भेजा था। लाइन के नीचे भवन का निर्माण नहीं हो सकता है। भवन स्वामी को नोटिस भेजा जाएगा।