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हत्यारे को आजीवन कारावास की सजा
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रायबरेली। सेशन कोर्ट ने हत्या के मामले में आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 11 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। वहीं एक अन्य आरोपी को पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया गया। यह फैसला जिला एवं सत्र न्यायाधीश केके अस्थाना ने सुनाया।
अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी करने वाले डीजीसी (क्रिमिनल) लक्ष्मी शंकर श्रीवास्तव व एडीजीसी अजय मौर्या के मुताबिक रिपोर्ट डलमऊ थाना क्षेत्र के पूरे दुर्जन मजरे बेलहनी निवासी रामेश्वर ने दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के अनुसार वादी के भतीजे की बेटी रेनू की शादी लालगंज कोतवाली क्षेत्र के पूरे गुर्दी मजरे बेलहनी निवासी महेंद्र कुमार यादव उर्फ लाला के साथ हुई थी।
विवाद के चलते रेनू मायके में ही रह रही थी। 14 मई 2015 को महेंद्र अपने दो साथियों के साथ ससुराल आकर विदा कराने को लेकर पत्नी रेनू के बाबा रामनरेश से विवाद किया और उस समय चला गया। रात में ट्यूबवेल पर सो रहे रामनरेश पर महेंद्र चाकू से हमला कर भाग गया। घायल रामनरेश किसी तरह अपने घर पहुंचा तो परिवारीजन उसे अस्पताल ले गए। डॉक्टर ने उसे जिला अस्पताल और वहां से लखनऊ के लिए रेफर किया। रास्ते में ही रामनरेश की मौत हो गई।
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पुलिस ने विवेचना के बाद महेंद्र यादव व रमेश कुमार के विरुद्ध चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की। कोर्ट ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर महेंद यादव को उम्रकैद की सजा सुनाई। वहीं पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में रमेश कुमार को बरी कर दिया।
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अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी करने वाले डीजीसी (क्रिमिनल) लक्ष्मी शंकर श्रीवास्तव व एडीजीसी अजय मौर्या के मुताबिक रिपोर्ट डलमऊ थाना क्षेत्र के पूरे दुर्जन मजरे बेलहनी निवासी रामेश्वर ने दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के अनुसार वादी के भतीजे की बेटी रेनू की शादी लालगंज कोतवाली क्षेत्र के पूरे गुर्दी मजरे बेलहनी निवासी महेंद्र कुमार यादव उर्फ लाला के साथ हुई थी।
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विवाद के चलते रेनू मायके में ही रह रही थी। 14 मई 2015 को महेंद्र अपने दो साथियों के साथ ससुराल आकर विदा कराने को लेकर पत्नी रेनू के बाबा रामनरेश से विवाद किया और उस समय चला गया। रात में ट्यूबवेल पर सो रहे रामनरेश पर महेंद्र चाकू से हमला कर भाग गया। घायल रामनरेश किसी तरह अपने घर पहुंचा तो परिवारीजन उसे अस्पताल ले गए। डॉक्टर ने उसे जिला अस्पताल और वहां से लखनऊ के लिए रेफर किया। रास्ते में ही रामनरेश की मौत हो गई।
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पुलिस ने विवेचना के बाद महेंद्र यादव व रमेश कुमार के विरुद्ध चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की। कोर्ट ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर महेंद यादव को उम्रकैद की सजा सुनाई। वहीं पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में रमेश कुमार को बरी कर दिया।