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भाजपा नेता ने डॉक्टर से मांगी 10 लाख रंगदारी
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39-संतोष कुमार पांडेय, पूर्व नगर अध्यक्ष, भाजपा।
- फोटो : RAIBARAILY
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रायबरेली। जिला अस्पताल में तैनात नाक-कान-गला रोग विशेषज्ञ डॉ. शिवकुमार से 10 लाख की रंगदारी मांगने और न देने पर जानमाल की धमकी देने के मामले में मंगलवार को भाजपा के पूर्व नगर अध्यक्ष के खिलाफ सदर कोतवाली में केस दर्ज कराया गया है। सोशल मीडिया पर एक सीसीटीवी फुटेज का वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें पूर्व नगर अध्यक्ष को पैसा लेते हुुए दिखाई देने का दावा किया जा रहा है। आरोप है कि कमीशन की दवा न लिखने पर पूर्व नगर अध्यक्ष बराबर दबाव बना रहे थे। पुलिस ने मामले की पड़ताल शुरू कर दी है।
जिला अस्पताल कॉलोनी निवासी एवं ईएनटी सर्जन डॉ. शिवकुमार ने सदर कोतवाली में दी गई तहरीर में आरोप लगाया है कि शहर के इंदिरा नगर निवासी संतोष कुमार पांडेय जिला अस्पताल चौराहा पर मेडिकल स्टोर चलाते हैं। वह स्वयं को सत्ता पक्ष का नेता बताते हैं।
ड्यूटी के समय आए दिन मरीजों से दवा खरीदने के लिए तथा बाहर की दवा लिखाने का दबाव बनाते हैं। विरोध करने पर जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया और 10 लाख रुपये की रंगदारी मांगी। आरोप है कि एक वीडियो भी उनके पास है, जिसमें आरोपी उनके आवास आकर एक लाख रुपये लिए। इसके बाद भी हर माह रुपये देने की डिमांड की। ऐसा न करने पर जान से मारने की धमकी दी। तहरीर पर पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है।
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चिकित्सक के कारनामे उजागर किए तो लिखाई रिपोर्ट
भाजपा के पूर्व नगर अध्यक्ष संतोष कुमार पांडेय का कहना है कि जिला अस्पताल में तैनात ईएनटी सर्जन डॉ. शिवकुमार सरकारी ड्यूटी करने के बाद भी नर्सिंग होम चला रहे हैं। छह माह पहले कोरोना काल के समय मरीजों को अपने नर्सिग होम में भर्ती करके मनमाना पैसा वसूल रहे थे। इसके खिलाफ हम धरने पर बैठे थे। दो मरीजों से 20-20 हजार रुपये वापस भी कराए थे। इसके चलते चिकित्सक ने झूठे आरोप लगाकर केस दर्ज क राया है। जिला प्रशासन को चाहिए कि उनके नर्सिंग होम के लाइसेंस की जांच करके कार्रवाई करे। चिकित्सक की मनमानी नहीं होने दी जाएगी।
जिला अस्पताल में तैनात ईएनटी सर्जन डॉ. शिवकुमार की तहरीर पर संतोष कुमार पांडेय के खिलाफ रंगदारी मांगने, जानमाल की धमकी देने समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज कराया गया है। पूरे प्रकरण की जांच कराई जा रही है। जांच में जो भी सत्यता पाई जाएगी, उसी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - वंदना सिंह, सीओ सदर
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जिला अस्पताल कॉलोनी निवासी एवं ईएनटी सर्जन डॉ. शिवकुमार ने सदर कोतवाली में दी गई तहरीर में आरोप लगाया है कि शहर के इंदिरा नगर निवासी संतोष कुमार पांडेय जिला अस्पताल चौराहा पर मेडिकल स्टोर चलाते हैं। वह स्वयं को सत्ता पक्ष का नेता बताते हैं।
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ड्यूटी के समय आए दिन मरीजों से दवा खरीदने के लिए तथा बाहर की दवा लिखाने का दबाव बनाते हैं। विरोध करने पर जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया और 10 लाख रुपये की रंगदारी मांगी। आरोप है कि एक वीडियो भी उनके पास है, जिसमें आरोपी उनके आवास आकर एक लाख रुपये लिए। इसके बाद भी हर माह रुपये देने की डिमांड की। ऐसा न करने पर जान से मारने की धमकी दी। तहरीर पर पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है।
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चिकित्सक के कारनामे उजागर किए तो लिखाई रिपोर्ट
भाजपा के पूर्व नगर अध्यक्ष संतोष कुमार पांडेय का कहना है कि जिला अस्पताल में तैनात ईएनटी सर्जन डॉ. शिवकुमार सरकारी ड्यूटी करने के बाद भी नर्सिंग होम चला रहे हैं। छह माह पहले कोरोना काल के समय मरीजों को अपने नर्सिग होम में भर्ती करके मनमाना पैसा वसूल रहे थे। इसके खिलाफ हम धरने पर बैठे थे। दो मरीजों से 20-20 हजार रुपये वापस भी कराए थे। इसके चलते चिकित्सक ने झूठे आरोप लगाकर केस दर्ज क राया है। जिला प्रशासन को चाहिए कि उनके नर्सिंग होम के लाइसेंस की जांच करके कार्रवाई करे। चिकित्सक की मनमानी नहीं होने दी जाएगी।
जिला अस्पताल में तैनात ईएनटी सर्जन डॉ. शिवकुमार की तहरीर पर संतोष कुमार पांडेय के खिलाफ रंगदारी मांगने, जानमाल की धमकी देने समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज कराया गया है। पूरे प्रकरण की जांच कराई जा रही है। जांच में जो भी सत्यता पाई जाएगी, उसी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - वंदना सिंह, सीओ सदर