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दो सगे भाइयों समेत तीन को पांच वर्ष का कठोर कारावास
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रायबरेली। कोर्ट ने सलोन क्षेत्र से जुड़े करीब 24 साल पुराने आत्महत्या के लिए उकसाने वाले मामले में दो भाइयों समेत तीन अभियुक्तों को पांच-पांच वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।
साढ़े आठ-आठ हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है। यह फैसला दीवानी कचहरी स्थित कोर्ट संख्या नौ के अपर सत्र न्यायाधीश राकेश कुमार तिवारी ने मंगलवार को सुनाया।
अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी करने वाले एडीजीसी (क्रिमिनल) उमानाथ सिंह के मुताबिक मामले की रिपोर्ट सलोन के अतागंज निवासिनी नसीरुन निशा ने दर्ज कराई थी।
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रिपोर्ट के अनुसार 24 जून 2008 को सहन के बंटवारे को लेकर हुए विवाद के चलते गुड्डू, राजू व भुल्लन ने घर में घुसकर वादिनी व उसकी बेटी परमीन को अपमानित कर मारापीटा।
वादिनी के पति ने थाने पर सूचना दी। पुलिस ने दो दिन कोई कार्रवाई नहीं की। बाद में दबाव डलवाकर समझौता करा दिया। विपक्षीगण के भय व आतंक के चलते बेटी परमीन ने 26 जून 2008 को आत्महत्या कर ली।
पुलिस ने विवेचना के बाद गुड्डू उर्फ सिराज व राजू (दोनों सगे भाई) एवं भुल्लन उर्फ शकील के खिलाफ आत्महत्या को उकसाने समेत कई अन्य धाराओं में चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की।
कोर्ट ने दोनों पक्ष की बहस सुनने के बाद पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर दो भाइयों समेत तीनों अभियुक्त को सजा सुनाई। कोर्ट ने अर्थदंड जमा होने पर आधी राशि मुकदमा वादिनी को देने का भी निर्देश दिया है।
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साढ़े आठ-आठ हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है। यह फैसला दीवानी कचहरी स्थित कोर्ट संख्या नौ के अपर सत्र न्यायाधीश राकेश कुमार तिवारी ने मंगलवार को सुनाया।
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अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी करने वाले एडीजीसी (क्रिमिनल) उमानाथ सिंह के मुताबिक मामले की रिपोर्ट सलोन के अतागंज निवासिनी नसीरुन निशा ने दर्ज कराई थी।
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रिपोर्ट के अनुसार 24 जून 2008 को सहन के बंटवारे को लेकर हुए विवाद के चलते गुड्डू, राजू व भुल्लन ने घर में घुसकर वादिनी व उसकी बेटी परमीन को अपमानित कर मारापीटा।
वादिनी के पति ने थाने पर सूचना दी। पुलिस ने दो दिन कोई कार्रवाई नहीं की। बाद में दबाव डलवाकर समझौता करा दिया। विपक्षीगण के भय व आतंक के चलते बेटी परमीन ने 26 जून 2008 को आत्महत्या कर ली।
पुलिस ने विवेचना के बाद गुड्डू उर्फ सिराज व राजू (दोनों सगे भाई) एवं भुल्लन उर्फ शकील के खिलाफ आत्महत्या को उकसाने समेत कई अन्य धाराओं में चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की।
कोर्ट ने दोनों पक्ष की बहस सुनने के बाद पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर दो भाइयों समेत तीनों अभियुक्त को सजा सुनाई। कोर्ट ने अर्थदंड जमा होने पर आधी राशि मुकदमा वादिनी को देने का भी निर्देश दिया है।