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कोरोना योद्घाओं का टालना पड़ा विवाह
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लालगंज (रायबरेली)। यूं ही नहीं लोग पुलिस वालों को कोरोना योद्घा बताकर उनका सम्मान कर रहे, उन पर फूलों की बारिश कर रहे हैं। आम नागरिकों की ओर से उन्हें मिल रहे इस सम्मान के लिए उन्हें भारी कीमत भी चुकानी पड़ रही है। कोतवाली में तैनात तीन सिपाहियों के घर में शादी की शहनाईयां बजने वालीं थीं कि अचानक कोरोना के चलते पूरा देश लॉकडाउन हो गया और सब कुछ थम गया। हंसी-खुशी अपनी ड़यूटी पर तैनात तीनों सिपाहियों ने सब कुछ नार्मल होने के बाद विवाह करने का फैसला किया है।
कोतवाली में सिपाही पद पर तैनात आजमगढ़ जिला के चंद्रशेखर चौधरी, महासुंदर व आगरा जिले के सुलेमान के घरों में उनकी शादियों की तैयारियां चल रही थी। उनके मन में खुशियों के लड्डू फूट रहे थे। जीनवसाथी को लेकर मन में तरह तरह के सपने बुन रहे थे। चंद्रशेखर की 25 मई्, महासुंदर की 24 अप्रैल और सुलेमान की 30 मार्च को शादियों की तिथि निश्चित थी।
इसी बीच कोरोना महामारी के कारण देश भर में लॉकडाउन घोषित हो गया। कोरोना से बचाव के लिए निगरानी से लेकर चेकिंग और अन्य कार्यों में 16-16 घंटे तक ड्यूटी कर इन सिपाहियों के घरों में शादी की तैयारियां पूरी कर ली गईं थी। लेकिन उन्हें छुट्टी नहीं मिल सकी। कर्तव्य के आगे सब कुछ ताक पर रखकर इन सभी ने ड्यूटी करना धर्म समझा। अब उनकी शादियां टल गई हैं। उन्होंने बताया कि घर से बार-बार बुलाया गया लेकिन सभी स्थिति सामान्य होने के बाद ही विवाह करने का फैसला किया है।
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कोतवाली में सिपाही पद पर तैनात आजमगढ़ जिला के चंद्रशेखर चौधरी, महासुंदर व आगरा जिले के सुलेमान के घरों में उनकी शादियों की तैयारियां चल रही थी। उनके मन में खुशियों के लड्डू फूट रहे थे। जीनवसाथी को लेकर मन में तरह तरह के सपने बुन रहे थे। चंद्रशेखर की 25 मई्, महासुंदर की 24 अप्रैल और सुलेमान की 30 मार्च को शादियों की तिथि निश्चित थी।
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इसी बीच कोरोना महामारी के कारण देश भर में लॉकडाउन घोषित हो गया। कोरोना से बचाव के लिए निगरानी से लेकर चेकिंग और अन्य कार्यों में 16-16 घंटे तक ड्यूटी कर इन सिपाहियों के घरों में शादी की तैयारियां पूरी कर ली गईं थी। लेकिन उन्हें छुट्टी नहीं मिल सकी। कर्तव्य के आगे सब कुछ ताक पर रखकर इन सभी ने ड्यूटी करना धर्म समझा। अब उनकी शादियां टल गई हैं। उन्होंने बताया कि घर से बार-बार बुलाया गया लेकिन सभी स्थिति सामान्य होने के बाद ही विवाह करने का फैसला किया है।
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