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कोरोना की जांच करने गई टीम के साथ गाली-गलौज, धक्कामुक्की कर खदेड़ा
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टीम से अभद्रता करते ग्रामीण।
- फोटो : RAIBARAILY
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डीह (रायबरेली)। थाना क्षेत्र के पूरे झीम मजरे डेला गांव में शुक्रवार को कोरोना की जांच करने पहुंची टीम के साथ बदसुलूकी हुई। टीम में शामिल सदस्यों को कुछ लोगों ने पीटने का प्रयास किया गया।
कोरोना की जांच कराने से इंकार करते हुए गाली-गलौज करते हुए स्वास्थ्यकर्मियों के साथ धक्कामुक्की की गई। किसी तरह टीम के सदस्यों ने भागकर अपनी जान बचाई।
हालांकि डीह थानेदार को इसकी सूचना दी गई, लेकिन पुलिस मौके पर समय से नहीं पहुंच सकी। टीम ने इसकी शिकायत अधीक्षक से की। इस मामले में दो ग्रामीणों को नामजद करते हुए कई लोगों के खिलाफ थाने में तहरीर दी गई है।
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डीह थाना क्षेत्र के पूरे झीम मजरे डेला गांव में एक व्यक्ति के कोरोना संक्रमित मिलने के बाद शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव के अन्य प्रभावित लोगों की जांच करने पहुंची।
स्वास्थ्य कर्मी रामविलास, संजीत कुमार, योगेश, दीपेंद्र, आशुतोष सिंह की टीम संक्रमित व्यक्ति के परिवार के सदस्यों सहित गांव के लोगों की सैंपलिंग करने के लिए पहुंची तो पड़ोस के लोगों ने जांच कराने से इंकार कर दिया। कर्मचारियों के समझाने पर अभद्रता करते हुए गाली-गलौज करना शुरू कर दिया।
ग्रामीणों ने स्वास्थ्यकर्मियों के साथ धक्कामुक्की भी की। ग्रामीणों का उग्र रूप देखकर टीम के सदस्यों ने किसी तरह भागकर अपनी जान बचाई। मामले में अधीक्षक को सूचना दी गई।
डीह थाने में भी दो ग्रामीणों को नामजद करते हुए मुकदमा दर्ज कराने के लिए तहरीर दी है। पर मामले में पुलिस ने न तो आरोपियों को गिरफ्तार किया और न ही मुकदमा दर्ज किया है। थानाध्यक्ष राकेश सिंह यादव का कहना है कि तहरीर मिली है। कार्रवाई की जाएगी।
थानेदार को दी सूचना, देर से पहुंची पुलिस
स्वास्थ्य विभाग की टीमों को जिले में जांच के दौरान ग्रामीणों की अभद्रता का शिकार होना पड़ रहा है। शुक्रवार को डीह के पूरे झीम मजरे डेला गांव में ग्रामीणों की अभद्रता पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने डीह थानेदार राकेश सिंह को सूचना दी, लेकिन पुलिस काफी देर से पहुंची।
बताते हैं कि टीम के जान बचाकर भागने के बाद पुलिस वाले पहुंचे। इससे डीह थानेदार की मनमानी कार्यशैली की पोल खुल गई है। हालांकि थानेदार का कहना है कि सूचना मिलते ही पुलिस कर्मियों को भेज दिया गया था।
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कोरोना की जांच कराने से इंकार करते हुए गाली-गलौज करते हुए स्वास्थ्यकर्मियों के साथ धक्कामुक्की की गई। किसी तरह टीम के सदस्यों ने भागकर अपनी जान बचाई।
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हालांकि डीह थानेदार को इसकी सूचना दी गई, लेकिन पुलिस मौके पर समय से नहीं पहुंच सकी। टीम ने इसकी शिकायत अधीक्षक से की। इस मामले में दो ग्रामीणों को नामजद करते हुए कई लोगों के खिलाफ थाने में तहरीर दी गई है।
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डीह थाना क्षेत्र के पूरे झीम मजरे डेला गांव में एक व्यक्ति के कोरोना संक्रमित मिलने के बाद शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव के अन्य प्रभावित लोगों की जांच करने पहुंची।
स्वास्थ्य कर्मी रामविलास, संजीत कुमार, योगेश, दीपेंद्र, आशुतोष सिंह की टीम संक्रमित व्यक्ति के परिवार के सदस्यों सहित गांव के लोगों की सैंपलिंग करने के लिए पहुंची तो पड़ोस के लोगों ने जांच कराने से इंकार कर दिया। कर्मचारियों के समझाने पर अभद्रता करते हुए गाली-गलौज करना शुरू कर दिया।
ग्रामीणों ने स्वास्थ्यकर्मियों के साथ धक्कामुक्की भी की। ग्रामीणों का उग्र रूप देखकर टीम के सदस्यों ने किसी तरह भागकर अपनी जान बचाई। मामले में अधीक्षक को सूचना दी गई।
डीह थाने में भी दो ग्रामीणों को नामजद करते हुए मुकदमा दर्ज कराने के लिए तहरीर दी है। पर मामले में पुलिस ने न तो आरोपियों को गिरफ्तार किया और न ही मुकदमा दर्ज किया है। थानाध्यक्ष राकेश सिंह यादव का कहना है कि तहरीर मिली है। कार्रवाई की जाएगी।
थानेदार को दी सूचना, देर से पहुंची पुलिस
स्वास्थ्य विभाग की टीमों को जिले में जांच के दौरान ग्रामीणों की अभद्रता का शिकार होना पड़ रहा है। शुक्रवार को डीह के पूरे झीम मजरे डेला गांव में ग्रामीणों की अभद्रता पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने डीह थानेदार राकेश सिंह को सूचना दी, लेकिन पुलिस काफी देर से पहुंची।
बताते हैं कि टीम के जान बचाकर भागने के बाद पुलिस वाले पहुंचे। इससे डीह थानेदार की मनमानी कार्यशैली की पोल खुल गई है। हालांकि थानेदार का कहना है कि सूचना मिलते ही पुलिस कर्मियों को भेज दिया गया था।