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खतरा बढ़ा, बाजार में बिना मास्क के बेखौफ घूम रहे लोग

Wed, 24 Feb 2021 11:27 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Wed, 24 Feb 2021 11:27 PM IST
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CORONA
शहर के सब्जी मंडी में बिना सोशल डिस्टेंसिंग के बिना मास्क घूमते लोग। - फोटो : RAIBARAILY
सीन एक-
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सब्जी मंडी : 11.45 बजे
चेहरे पर मास्क व सोशल डिस्टेंसिग तार-तार
शहर की सब्जी मंडी गुलजार है। किसी के चेहरे पर मास्क नहीं हैं। यहां सोशल डिस्टेंसिग का भी कोई पालन नहीं कर रहा है। कोरोना के खतरे को लेकर किसी के चेहरे पर कोई खौफ नजर नहीं आ रहा है। दुकानों पर सैनिटाइजर और सोशल डिस्टेंसिग की व्यवस्था तक देखने को नहीं मिली। यहां तक कि दुकानों पर काम करने वाले लोग भी मास्क नहीं लगाए थे।
सीन दो-
कैपरगंज: 12.10 बजे।
खतरे को भूल फर्राटा भरते बेखौफ लोग
शहर के कैपरगंज बाजार बुधवार को पूरी तरह से व्यस्त नजर आया। सड़कों पर बिना मास्क के लोग बेखौफ फर्राटा भरते नजर आए। किसी के चेहरे पर मास्क नहीं रहा। दुकानों पर भी सोशल डिस्टेंसिग का कहीं भी पालन नहीं किया जा रहा है। कैपरगंज के अलावा घंटाघर, सुपर मार्केट सहित अन्य बाजारों में भी कोरोना का खतरा किसी के चेहरे पर नहीं दिख रहा है। लोग स्वयं की सुरक्षा को लेकर तनिक भी संजीदा नजर नहीं आ रहे हैं।
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सीन-तीन
जिला अस्पताल: 12.30 बजे।
यहां भी मरीज भूले कोरोना का कहर
जिला अस्पताल में कहीं ओपीडी के सामने तो कहीं दवा खिड़की के सामने मरीज खड़े दिखे। कोई परचा बनवा रहा था तो कोई जांच करवाने के लिए लाइन में खड़ा था। सभी अपनी सुरक्षा को लेकर बेखबर नजर आए। न चेहरे पर मास्क और न ही सोशल डिस्टेंसिग का ही पालन किया गया। इमरजेंसी में भी जो मरीज और उनके तीमारदार आए, उनके चेहरे पर भी मास्क देखने को नहीं मिला। हालांकि डॉक्टर के कहने पर गमछे या पल्लू से चेहरे को जरूर ढक लिया।
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रायबरेली। देश के कई राज्यों में कोरोना के मरीजाें की संख्या बढ़ रही है। खतरे की घंटी फिर से बजने के बाद भी हम नहीं चेत रहे हैं। जिले में जहां भी देखो वहीं लोग अपने जीवन के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है। मास्क लगाने के साथ ही सोशल डिस्टेंसिग का हर हाल में पालन करने की सलाह दी है, लेकिन जिले में कहीं भी कोरोना से खुद को बचाने के लिए लोग मानकों का पालन नहीं कर रहे हैं।
मास्क, सोशल डिस्टेंसिग व सैनिटाइजेशन को भुला दिया है। ये लापरवाही हम पर भारी पड़ सकती है। हालांकि रोजाना दो हजार से अधिक लोगों की जांच हो रही है। यह दीगर बात है कि कई दिनों से संक्रमित मरीज नहीं मिले, लेकिन कोरोना का खतरा कभी भी कहर बरपा सकता है, इसलिए हर किसी को अब भी सतर्क रहने की जरूरत है।
कोरोना के साथ अन्य संक्रमण से बचाता मास्क: सीएमओ
कोरोना ने भले ही सभी के चेहरे तक मास्क पहुंच दिया, लेकिन मास्क का इतिहास 100 साल से ज्यादा पुराना है। मास्क का प्रयोग सबसे पहले सामुदायिक स्तर पर वर्ष 1911 में चीन में मंच्यूरियन प्लेग के समय किया गया था।

इस महामारी के दौरान बीमारी से बचाव में जुटी टीम ने अनुभव किया कि यह बीमारी हवा के माध्यम से फैल सकती है। इसलिए मरीजों को क्वारंटीन करने के अलावा कपड़े या पट्टी से बने मास्क पहनने की सलाह दी गई थी। सीएमओ डॉ. बीरेंद्र सिंह ने बताया कि कोरोना संक्रमण के अलावा मास्क श्वसन संक्रमण जैसे इंफ्लुएंजा और टीबी को फैलने से रोकने में मददगार है। टीबी के मरीजों को छींकते और खांसते समय मुंह पर कपड़ा रखने की सलाह दी जाती है। टीबी के मरीज द्वारा मास्क का उपयोग करने से इस बीमारी के प्रसार को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
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