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कोरोना संक्रमित गंभीर मरीजों को लगेंगे रेमडेसिविर इंजेक्शन
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रायबरेली। कोरोना संक्रमित होने के बाद हालत गंभीर होने पर मरीजों के रेमडेसिविर इंजेक्शन लगाए जाएंगे। यह सुविधा सिर्फ रेलकोच कारखाना स्थित एल-2 अस्पताल में उपलब्ध होगी। शासन से 50 इंजेक्शन मिलने के बाद एल-2 हॉस्पिटल को उपलब्ध करवा दिए गए हैं। सीएमओ को और रेमडेसिविर इंजेक्शन के लिए डिमांड भी भेज दी है।
कोरोना संक्रमित होने के बाद काफी मरीजों को सांस लेने में दिक्कत होने लगती है। यहां तक कि फेफड़ों पर भी इसका असर पड़ने लगता है। गले में भी समस्या बढ़ जाती है। डॉक्टरों के अनुसार ऐसे गंभीर मरीजों को संक्रमण से सुरक्षित रखने के लिए रेमडेसिविर इंजेक्शन की जरूरत होती है। अब तक जिले के एल-2 अस्पताल में यह सुविधा उपलब्ध नहीं थी।
लखनऊ, बाराबंकी, प्रयागराज व कानपुर आदि शहरों के एल-3 अस्पतालों में ही रेमडेसिविर इंजेक्शन गंभीर मरीजों को लगाए जा रहे थे। जिले के रेलकोच कारखाना स्थित एल-2 अस्पताल में भी अब कोरोना संक्रमित गंभीर मरीजों में रेमडेसिविर इंजेक्शन लगेंगे। पहले चरण में जिले को 50 इंजेक्शन मिले हैं। सीएमओ ने बताया कि एक पैक में छह डोज हैं।
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कहा कि, एल-2 अस्पताल में भर्ती गंभीर मरीजों के यह इंजेक्शन लगवाने के लिए भेज दिए हैं। साथ ही और इंजेक्शन की डिमांड भी कर दी है। उम्मीद है कि इस इंजेक्शन की वजह से गंभीर मरीजों को जल्द ही स्वस्थ करने में सफलता मिलेगी। कोरोना के संदिग्ध मरीजों को खिलाने के लिए आईं तीन लाख आईवरमेक्टिन टैबलेट में से स्वास्थ्य विभाग के पास अब भी एक लाख टैबलेट उपलब्ध हैं।
साथ ही और टैबलेट के लिए डिमांड भी की गई है। जल्द ही और टैबलेट मिल जाएगी। इसके अलावा कोरोना मरीजों को खिलाने के लिए अन्य जरूरी दवाएं भी उपलब्ध हैं। जिले के सरकारी अस्पतालों में मरीजों के आने की संख्या कम है। इसी कारण विभाग का दावा है कि पर्याप्त दवाएं उपलब्ध हैं। सारस होटल के पास ड्रग वेयर हाउस खुलने के बाद दवाओं की कमी पूरी तरह से दूर हो गई है। जरूरत से ज्यादा दवाओं की उपलब्धता बताई जा रही है।
रेलकोच कारखाने के एल-2 अस्पताल में भर्ती कोरोना से संक्रमित गंभीर मरीजों के लिए रेमडेसिविर इंजेक्शन उपलब्ध कराए गए हैं। एक पैक में छह डोज उपलब्ध हैं। अन्य दवाओं की भी कमी नहीं है। आईवरमेक्टिन टैबलेट भी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है।- डॉ. वीरेंद्र सिंह, सीएमओ
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कोरोना संक्रमित होने के बाद काफी मरीजों को सांस लेने में दिक्कत होने लगती है। यहां तक कि फेफड़ों पर भी इसका असर पड़ने लगता है। गले में भी समस्या बढ़ जाती है। डॉक्टरों के अनुसार ऐसे गंभीर मरीजों को संक्रमण से सुरक्षित रखने के लिए रेमडेसिविर इंजेक्शन की जरूरत होती है। अब तक जिले के एल-2 अस्पताल में यह सुविधा उपलब्ध नहीं थी।
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लखनऊ, बाराबंकी, प्रयागराज व कानपुर आदि शहरों के एल-3 अस्पतालों में ही रेमडेसिविर इंजेक्शन गंभीर मरीजों को लगाए जा रहे थे। जिले के रेलकोच कारखाना स्थित एल-2 अस्पताल में भी अब कोरोना संक्रमित गंभीर मरीजों में रेमडेसिविर इंजेक्शन लगेंगे। पहले चरण में जिले को 50 इंजेक्शन मिले हैं। सीएमओ ने बताया कि एक पैक में छह डोज हैं।
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कहा कि, एल-2 अस्पताल में भर्ती गंभीर मरीजों के यह इंजेक्शन लगवाने के लिए भेज दिए हैं। साथ ही और इंजेक्शन की डिमांड भी कर दी है। उम्मीद है कि इस इंजेक्शन की वजह से गंभीर मरीजों को जल्द ही स्वस्थ करने में सफलता मिलेगी। कोरोना के संदिग्ध मरीजों को खिलाने के लिए आईं तीन लाख आईवरमेक्टिन टैबलेट में से स्वास्थ्य विभाग के पास अब भी एक लाख टैबलेट उपलब्ध हैं।
साथ ही और टैबलेट के लिए डिमांड भी की गई है। जल्द ही और टैबलेट मिल जाएगी। इसके अलावा कोरोना मरीजों को खिलाने के लिए अन्य जरूरी दवाएं भी उपलब्ध हैं। जिले के सरकारी अस्पतालों में मरीजों के आने की संख्या कम है। इसी कारण विभाग का दावा है कि पर्याप्त दवाएं उपलब्ध हैं। सारस होटल के पास ड्रग वेयर हाउस खुलने के बाद दवाओं की कमी पूरी तरह से दूर हो गई है। जरूरत से ज्यादा दवाओं की उपलब्धता बताई जा रही है।
रेलकोच कारखाने के एल-2 अस्पताल में भर्ती कोरोना से संक्रमित गंभीर मरीजों के लिए रेमडेसिविर इंजेक्शन उपलब्ध कराए गए हैं। एक पैक में छह डोज उपलब्ध हैं। अन्य दवाओं की भी कमी नहीं है। आईवरमेक्टिन टैबलेट भी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है।- डॉ. वीरेंद्र सिंह, सीएमओ