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विवादों से घिरी डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन योजना

Mon, 19 Jul 2021 11:39 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Mon, 19 Jul 2021 11:39 PM IST
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controversy in door-to-door garbage collection scheme
रायबरेली। शहर को साफ-सुथरा बनाए रखने के लिए शुरू की गई डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन योजना विवादों में घिरती जा रही है। कभी वाहनों की खराबी से आए दिन कूड़ा उठान का कार्य बंद हो रहा है तो कभी ड्यूटी पर तैनात कर्मियों का शोषण किए जाने के आरोप लग रहे हैं। यहां तक कि पैसा लेकर सुपरवाइजर रख दिए गए हैं।
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किसी को समय से तनख्वाह नहीं मिल पा रही है। इससे कर्मियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अखिल भारतीय किसान मजदूर संघ सोमवार को सड़क पर उतरा और डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन योजना में हो रही मनमानी पर आक्रोश जताते हुए प्रदर्शन किया। सभी ने फर्म को ब्लैकलिस्टेड किए जाने की मांग की।
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अखिल भारतीय किसान मजदूर संघ के आह्वान पर सभी कर्मचारी सुपर मार्केट में जुटे। श्रमिक नेता संतोष पांडेय के नेतृत्व में बैजनाथ कुरील एवं श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण करके ज्ञापन सौंपने के लिए कलेक्ट्रेट निकले। रास्ते में डॉ. भीमराव आंबेडकर एवं डिग्री कॉलेज चौराहा पर शहीदों को श्रद्धांजलि देने के बाद डीएम को ज्ञापन सौंपा।
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संघ के प्रदेश अध्यक्ष अजय वाजपेयी ने बताया कि नगर पालिका ने शहर को साफ-सुथरा बनाने की जिम्मेदारी प्रगति पर्यावरण संरक्षण संस्थान को दिया है। संस्थान के अधिकारी श्रमिकों का आर्थिक एवं मानसिक शोषण कर रहे हैं। श्रमिकों को नियमित भुगतान नहीं दिया जा रहा है। सुपरवाइजरों की नियुक्त में 20 हजार से लेकर 60 हजार रुपये तक वसूली की गई।
मामला उजागर होने पर कुछ कर्मचारियों को नौकरी से हटा दिया गया है। सभी ने कहा कि जल्द व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो तीखा आंदोलन किया जाएगा। डीएम ने मामले में कार्रवाई करने का भरोसा दिया है। इस मौके पर राष्ट्रीय अध्यक्ष पीसी भाई मौर्य, किसान नेता सदाशिव पांडेय, अरविंद जायसवाल, जैद खान, मालती देवी व प्रवीण कुमार आदि मौजूद रहे।
गौरतलब है कि शहर के 20 वार्डों में डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन योजना शुरू की गई है लेकिन लापरवाही की वजह से यह योजना सफल नहीं हो पा रही है। नगर पालिका के अधिकारी भी इसे लेकर गंभीर नहीं हैं। नतीजतन यह योजना विवादों में घिरती जा रही है।

उधर, पालिकाध्यक्ष पूर्णिमा श्रीवास्तव का कहना है कि योजना का सफल संचालन करने के निर्देश दिए गए हैं। यदि पैसे लेकर कर्मचारी रखे गए हैं तो इसकी जांच कराकर आवश्यक कार्रवाई कराई जाएगी। शहर को साफ-सुथरा बनाने के लिए बेहतर कदम उठाए जा रहे हैं।
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