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रायबरेली: किसानों की तकदीर बदलेगी मोटे अनाज की खेती

Thu, 09 Feb 2023 12:41 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली Updated Thu, 09 Feb 2023 12:41 AM IST
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Coarse grain farming will change the fate of farmers
रायबरेली। केंद्र सरकार की पहल पर अब जिले में भी मोटे अनाज की खेती को बढ़ावा देकर किसानों की तकदीर बदलने की तैयारी शुरू की गई है। इसके लिए जिले के छह प्रगतिशील किसानों को हैदराबाद स्थित इंंडियन मिलेेट रिसर्च इंस्टीट्यूट में मोटे अनाज की खेती करने की ट्रेनिंग दिलाई गई है। ट्रेनिंग लेने के बाद किसान वापस गांव लौट आए हैं।ये प्रगतिशील छह किसान गांवों में जाकर किसानों को सांवा, काकुन, कोदव, रागी, ज्वार, मक्का की खेती करनेे के लिए प्रोत्साहित करेंगे। मौजूूदा समय में जिले में महज नौ हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल पर बाजरा, ज्वार, मक्का की खेती होती है। गेहूं व धान की खेती करने पर किसान ज्यादा फोकस करते हैं। ट्रेनिंग लेकर लौटे प्रगतिशील किसानों को कार्यक्रम के दौरान मोटे अनाज के बीज के 50-50 ग्राम के पैकेट दिए हैं, ताकि वह किसानों को मोटे अनाज के बीज दिखा सके। जिले के बाबूगंज के किसान जेपी सिंह, मिश्रपुर के धर्मराज तिवारी समेत छह प्रगतिशील कृषकों को जनवरी में ट्रेनिंग लेने हैदराबाद गए थे।
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हम 25 बीघा में धान, गेहूं समेत अन्य फसलों की खेती करते हैं। मोटे अनाज की खेती कम करते थे। हैदराबाद में ट्रेनिंग के बाद मोटे अनाज की खेती को क्षेत्र में बढ़ावा देने की जिम्मेदारी मिली है। गांवों में जाकर कृषकों को सांवा, बाजरा, मक्का की खेती करने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं।
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राधाकृष्ण शुक्ला, प्रगतिशील किसान, सतांव

हैदराबाद में मिलेट को लेकर आयोजित कार्यक्रम में अच्छी जानकारी मिली। मेरे पास खेती नहीं है, लेकिन लीज पर 45 बीघा खेती कर रहा हूं। मोटे अनाज को बढ़ावा देने के लिए क्षेत्रीय किसानों को जागरूक कर रहा है। साथ ही कृषि विभाग के अफसरों से मांग की है कि कैंप लगाकर किसानों को जागरूक करने का काम कराया जाए।
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सत्य प्रकाश मिश्रा, प्रगतिशील किसान, बछरावां मेरे पास 75 बीघा खेती है, जिस पर गेहूं, धान के अलावा अन्य फसलों की बोआई करता हूं। मोटे अनाज की खेती ना के बराबर करते थे। अब जब सरकार ने मोटे अनाज की खेती को प्रोत्साहित किया है तो हम किसानों का रुझान भी इस खेती करने की तरफ बढ़ा है। हैदराबाद में ट्रेनिंग में मोटे अनाज से संबंधित अच्छी जानकारी मिली। गांवों मेंं जाकर किसानों को मोटे अनाज की खेती करने के लिए प्रोत्साहित कर रहा हूं।
रामगोपाल सिंह, प्रगतिशील किसान, ऊंचाहार
मेरे पास छह बीघा खेती है। दो साल से हम रागी, सांवा, ज्वार, बाजरा की खेती कर रहे हैं। अब सरकार ने इस पर ध्यान दिया है तो मोटे अनाज की खेती को और बढ़ावा मिलेगा। हैदराबाद से लौटनेे के बाद क्षेत्रीय किसानों को मोटे अनाज की खेती करने के लिए प्रोत्साहित करने का काम कर रहा हूं।

शेषपाल सिंह, प्रगतिशील किसान, शिवगढ़

जिले में मोटे अनाज की खेती को बढ़ावा देेेने के लिए प्रयास किया जा रहा है। हैदराबाद से छह प्रगतिशील कृषक ट्रेनिंग लेने के बाद जिले लौट आए हैं। इन कृषकों को गांवों में जाकर अन्य किसानों को मोटे अनाज की खेती के लिए प्रोत्साहित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। मोटा अनाज सेहत के लिए फायदेमंद होता है। साथ ही इन फसलों में अन्य फसलों की अपेक्षा मुनाफा अधिक होता है।

रविचंद्र प्रकाश, जिला कृषि अधिकारी
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