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कैश की किल्लत से शादी की खुशियां फीकी
अमर उजाला ब्यूरो/रायबरेली
Updated Fri, 11 Nov 2016 11:46 PM IST
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शादियों के सहालग का रंग पड़ा फीका
- फोटो : अमर उजाला
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पुराने नोट बंद होने के बाद शादियों के सहालग का रंग फीका पड़ गया है। शहनाई गूंजने से पहले खुशियां मुसीबत बन गई हैं। हर किसी को रुपये की किल्लत खल रही है। दिक्कत सबसे ज्यादा उन लोगों को है, जिनके घर पर सहालग नवंबर माह में पड़ रही है। शादी में देने के लिए बाइक समेत अन्य सामान की खरीदारी नहीं हो पा रही है।
कुछ ऐसे लोग हैं, जो चेक के जरिए भुगतान करने की बात कह रहे हैं। देवोत्थानी एकादशी के साथ ही शादियों का सीजन शुरू है। किसी के बेटे तो किसी के पोते और नातिन की शादी है। अमर उजाला ने ऐसे ही कुछ परिवारों से बातचीत की, जिनके घरों पर शादियां हैं और उन्हें पुराने नोट बंद होने से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
कंधे पर नातिन की शादी करने की जिम्मेदारी, जेब खाली
डीह ब्लॉक क्षेत्र के अहल गांव निवासी एवं रिटायर्ड शिक्षक रामेश्वर यादव के दामाद माता प्रसाद की मौत हो चुकी है। दामाद की मौत के बाद नातिन गीता की शादी करने की जिम्मेदारी रामेश्वर के कंधों पर है। नातिन का तिलक 16 नवंबर को जाना है, जबकि 13 दिसंबर को बारात है। नाना कहते हैं कि नातिन की शादी के लिए रुपये इकट्ठा किए थे। अब पुराने नोट बंद हो गए हैं। बैंक के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। शादी के सामान की खरीदारी नहीं हो पा रही है। कहते हैं कि शादी का सामान नहीं खरीद पाएंगे तो चेक के जरिए भुगतान करेंगे। घर के अन्य लोग भी पुराने नोट बंद परेशान हैं।
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मां को सता रही चिंता, कैसे होगी लाडले की शादी
डलमऊ तहसील की रहने वाली राजेश्वरी को चिंता सता रही है कि उसके बेटे की शादी कैसे होगी। घर पर जो रुपये रखे थे, वह अब नहीं चलेंगे। जमा करने के बाद अधिक रुपया निकाल नहीं सकेंगे। राजेश्वरी कहती हैं कि उसके पति की मौत हो चुकी है। बेटे पंकज कुमार की शादी 28 दिसंबर को है। ऐसे में खरीदारी नहीं हो पा रही है। बैंक में पुराने नोट बदलवाने और जमा करने में परेशानी झेलनी पड़ रही है। भीड़ इतनी लगती है कि रुपया जमा नहीं हो पा रहे हैं। अब शादी कैसे होगी, यही सोचकर हैरान हूं।
सोचा नहीं था खुशी के मौके पर ऐसा होगा
शिवगढ़ क्षेत्र के सागरपुर निवासी राजेश पांडेय की बेटी स्वाति पांडेय की शादी आठ दिसंबर को है, जबकि 24 नवंबर को तिलक जाना है। राजेश कहते हैं कि सोचा नहीं था कि खुशी के मौके पर रुपयों की किल्लत से जूझना पड़ेगा। शादी कैसे होगी, यही सोचकर परेशान हूं। रुपया नहीं मिल पा रहा है।
गनेशगंज मजरे भवानीगढ़ निवासी एवं शिवगढ़ थाने में तैनात होमगार्ड देवीदयाल पांडेय के बेटे सचिन पांडेय का तिलक 21 नवंबर को है। तीन दिसंबर को बारात जानी है। देवीदयाल कहते हैं कि पुराने नोट बंद होने से शादी कैसे होगी, यही सोचकर परेशान हूं। मोदी सरकार को चाहिए कि जिन लोगों के घरों पर शादी है, उनके लिए रुपयों के लिए अलग से कोई व्यवस्था की जाए।
कम रुपया निकालने की व्यवस्था से परेशानी
तिलोई। अमेठी जिले के तिलोई क्षेत्र के सोनरई निवासी रामसेवक की बेटी दुर्गावती की 24 नवंबर को शादी है। इससे रामसेवक परेशान हैं। कहते हैं कि शादी के लिए अधिक धन की जरूरत है, जबकि सप्ताह में 20 हजार रुपये निकालने की व्यवस्था की गई है। लड़की की मां कृष्णावती कहती है कि जो रुपये घर पर रखे थे, वह पुराने हो गए हैं।
इसी क्षेत्र के पूरे रानी मजरे तिलोई निवासी लालता प्रसाद चौहान की बेटी किरन देवी का 24 नवंबर को तिलक जाना है, जबकि 30 नवंबर को शादी होनी है। लालता कहते हैं कि रुपयों का इंतजाम न होने के कारण शादी की तैयारियां नहीं हो पा रही हैं। इसके लिए अलग से सरकार कोई व्यवस्था करनी चाहिए।
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कुछ ऐसे लोग हैं, जो चेक के जरिए भुगतान करने की बात कह रहे हैं। देवोत्थानी एकादशी के साथ ही शादियों का सीजन शुरू है। किसी के बेटे तो किसी के पोते और नातिन की शादी है। अमर उजाला ने ऐसे ही कुछ परिवारों से बातचीत की, जिनके घरों पर शादियां हैं और उन्हें पुराने नोट बंद होने से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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कंधे पर नातिन की शादी करने की जिम्मेदारी, जेब खाली
डीह ब्लॉक क्षेत्र के अहल गांव निवासी एवं रिटायर्ड शिक्षक रामेश्वर यादव के दामाद माता प्रसाद की मौत हो चुकी है। दामाद की मौत के बाद नातिन गीता की शादी करने की जिम्मेदारी रामेश्वर के कंधों पर है। नातिन का तिलक 16 नवंबर को जाना है, जबकि 13 दिसंबर को बारात है। नाना कहते हैं कि नातिन की शादी के लिए रुपये इकट्ठा किए थे। अब पुराने नोट बंद हो गए हैं। बैंक के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। शादी के सामान की खरीदारी नहीं हो पा रही है। कहते हैं कि शादी का सामान नहीं खरीद पाएंगे तो चेक के जरिए भुगतान करेंगे। घर के अन्य लोग भी पुराने नोट बंद परेशान हैं।
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मां को सता रही चिंता, कैसे होगी लाडले की शादी
डलमऊ तहसील की रहने वाली राजेश्वरी को चिंता सता रही है कि उसके बेटे की शादी कैसे होगी। घर पर जो रुपये रखे थे, वह अब नहीं चलेंगे। जमा करने के बाद अधिक रुपया निकाल नहीं सकेंगे। राजेश्वरी कहती हैं कि उसके पति की मौत हो चुकी है। बेटे पंकज कुमार की शादी 28 दिसंबर को है। ऐसे में खरीदारी नहीं हो पा रही है। बैंक में पुराने नोट बदलवाने और जमा करने में परेशानी झेलनी पड़ रही है। भीड़ इतनी लगती है कि रुपया जमा नहीं हो पा रहे हैं। अब शादी कैसे होगी, यही सोचकर हैरान हूं।
सोचा नहीं था खुशी के मौके पर ऐसा होगा
शिवगढ़ क्षेत्र के सागरपुर निवासी राजेश पांडेय की बेटी स्वाति पांडेय की शादी आठ दिसंबर को है, जबकि 24 नवंबर को तिलक जाना है। राजेश कहते हैं कि सोचा नहीं था कि खुशी के मौके पर रुपयों की किल्लत से जूझना पड़ेगा। शादी कैसे होगी, यही सोचकर परेशान हूं। रुपया नहीं मिल पा रहा है।
गनेशगंज मजरे भवानीगढ़ निवासी एवं शिवगढ़ थाने में तैनात होमगार्ड देवीदयाल पांडेय के बेटे सचिन पांडेय का तिलक 21 नवंबर को है। तीन दिसंबर को बारात जानी है। देवीदयाल कहते हैं कि पुराने नोट बंद होने से शादी कैसे होगी, यही सोचकर परेशान हूं। मोदी सरकार को चाहिए कि जिन लोगों के घरों पर शादी है, उनके लिए रुपयों के लिए अलग से कोई व्यवस्था की जाए।
कम रुपया निकालने की व्यवस्था से परेशानी
तिलोई। अमेठी जिले के तिलोई क्षेत्र के सोनरई निवासी रामसेवक की बेटी दुर्गावती की 24 नवंबर को शादी है। इससे रामसेवक परेशान हैं। कहते हैं कि शादी के लिए अधिक धन की जरूरत है, जबकि सप्ताह में 20 हजार रुपये निकालने की व्यवस्था की गई है। लड़की की मां कृष्णावती कहती है कि जो रुपये घर पर रखे थे, वह पुराने हो गए हैं।
इसी क्षेत्र के पूरे रानी मजरे तिलोई निवासी लालता प्रसाद चौहान की बेटी किरन देवी का 24 नवंबर को तिलक जाना है, जबकि 30 नवंबर को शादी होनी है। लालता कहते हैं कि रुपयों का इंतजाम न होने के कारण शादी की तैयारियां नहीं हो पा रही हैं। इसके लिए अलग से सरकार कोई व्यवस्था करनी चाहिए।