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Raebareli News: सी-आर्म मशीन मिली, टूटी हड्डियों की होगी सफल सर्जरी
Sat, 12 Apr 2025 01:02 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
Updated Sat, 12 Apr 2025 01:02 AM IST
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रायबरेली में शुक्रवार को जिला अस्पताल के हड्डी रोग विभाग के ऑपरेशन थिएटर में रखी सी-आर्म मशीन
रायबरेली। जिला अस्पताल के हड्डी रोग विभाग के ऑपरेशन थिएटर (ओटी) में मरीजों के लिए सहूलियतें बढ़ने जा रही हैं। शासन से सी-आर्म मशीन अस्पताल को प्राप्त हो गई है। इसकी मदद से हड्डी के टूटे हुए भाग को स्क्रू और नट लगाकर जोड़ा जा सकेगा। ऑपरेशन में बड़ा चीरा लगाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। पूरी प्रक्रिया में मरीज का ज्यादा खून भी नहीं बहेगा। यह उपचार मरीजों के लिए काफी आरामदायक साबित होगा। जल्द ही तकनीशियनों के आने के बाद ओटी में मशीन को स्थापित कराया जाएगा।
लखनऊ-प्रयागराज, रायबरेली-टांडा, रायबरेली-सुल्तानपुर, रायबरेली-जौनपुर, रायबरेली-अयोध्या हाईवे रायबरेली शहर से होकर निकलते हैं। ऐसे में सड़क हादसे के ज्यादातर मामले जिला अस्पताल पहुंचते हैं। हड्डी विभाग के ओटी में रोजाना कभी पांच तो कभी 10 ऑपरेशन होते हैं। हड्डी रोग विभाग का ओटी 24 घंटे संचालित रहता है। सर्जरी के लिए हाईटेक मशीनें उपलब्ध न होने के कारण ऑपरेशन में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। मरीजों को सर्जरी की बेहतर सुविधा मिल सके इसके लिए शासन ने सी-आर्म मशीन उपलब्ध करा दी है।
आटी में स्थापना के बाद यह मशीन जल्द ही काम करना शुरू करेगी। ऐसा होने के बाद हड्डियों में फ्रैक्चर होने पर मरीजों को निजी अस्पतालों की तरह जिला अस्पताल में इलाज की सुविधा मिल सकेगी। सर्जरी की इस प्रक्रिया से हड्डी कम समय में बेहतर ढंग से जुड़ सकेगी। इस मशीन की मदद से हड्डियों का सटीक मिलान कर स्क्रू और नट से कसा जाएगा। हड्डियां टूटी होने के बावजूद बड़ा ऑपरेशन करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इसके लिए बड़ा चीरा भी नहीं लगाना पड़ेगा। मशीन को ओटी के पास रखवाया गया है। इंजीनियरों का इंतजार किया जा रहा है, उम्मीद है कि अगले सप्ताह से मशीन काम करना शुरू करेगी।
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तैयार हो रहा 10 बेड का आईसीयू
जिला अस्पताल में गंभीर बच्चों के लिए पीकू वार्ड पहले से ही संचालित है। वर्तमान समय में यह वार्ड फुल हो गया है। अब ज्यादा उम्र के गंभीर रोगों के मरीजों को आईसीयू की सुविधा प्रदान करने का प्रयास किया जा रहा है। बच्चा वार्ड के बगल में 10 बेड का आईसीयू तैयार की जा रही है। वेंटीलेटर वार्ड में पहुंच चुके हैं, अन्य सुविधाएं भी मुहैया कराई जा रही हैं। जल्द ही यह वार्ड भी काम करना शुरू कर देगा।
जिला अस्पताल को हाईटेक सी-आर्म मशीन मिल गई है। हड्डी रोग विभाग में जल्द ही इसे स्थापित कराया जाएगा। हड्डियों को जोड़ने और हड्डी से संबंधित अन्य सर्जरी में यह मशीन कारगर साबित होगी। आईसीयू का काम भी तेजी से चल रहा है।
- डॉ. प्रदीप अग्रवाल, सीएमएस जिला अस्पताल
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लखनऊ-प्रयागराज, रायबरेली-टांडा, रायबरेली-सुल्तानपुर, रायबरेली-जौनपुर, रायबरेली-अयोध्या हाईवे रायबरेली शहर से होकर निकलते हैं। ऐसे में सड़क हादसे के ज्यादातर मामले जिला अस्पताल पहुंचते हैं। हड्डी विभाग के ओटी में रोजाना कभी पांच तो कभी 10 ऑपरेशन होते हैं। हड्डी रोग विभाग का ओटी 24 घंटे संचालित रहता है। सर्जरी के लिए हाईटेक मशीनें उपलब्ध न होने के कारण ऑपरेशन में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। मरीजों को सर्जरी की बेहतर सुविधा मिल सके इसके लिए शासन ने सी-आर्म मशीन उपलब्ध करा दी है।
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आटी में स्थापना के बाद यह मशीन जल्द ही काम करना शुरू करेगी। ऐसा होने के बाद हड्डियों में फ्रैक्चर होने पर मरीजों को निजी अस्पतालों की तरह जिला अस्पताल में इलाज की सुविधा मिल सकेगी। सर्जरी की इस प्रक्रिया से हड्डी कम समय में बेहतर ढंग से जुड़ सकेगी। इस मशीन की मदद से हड्डियों का सटीक मिलान कर स्क्रू और नट से कसा जाएगा। हड्डियां टूटी होने के बावजूद बड़ा ऑपरेशन करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इसके लिए बड़ा चीरा भी नहीं लगाना पड़ेगा। मशीन को ओटी के पास रखवाया गया है। इंजीनियरों का इंतजार किया जा रहा है, उम्मीद है कि अगले सप्ताह से मशीन काम करना शुरू करेगी।
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तैयार हो रहा 10 बेड का आईसीयू
जिला अस्पताल में गंभीर बच्चों के लिए पीकू वार्ड पहले से ही संचालित है। वर्तमान समय में यह वार्ड फुल हो गया है। अब ज्यादा उम्र के गंभीर रोगों के मरीजों को आईसीयू की सुविधा प्रदान करने का प्रयास किया जा रहा है। बच्चा वार्ड के बगल में 10 बेड का आईसीयू तैयार की जा रही है। वेंटीलेटर वार्ड में पहुंच चुके हैं, अन्य सुविधाएं भी मुहैया कराई जा रही हैं। जल्द ही यह वार्ड भी काम करना शुरू कर देगा।
जिला अस्पताल को हाईटेक सी-आर्म मशीन मिल गई है। हड्डी रोग विभाग में जल्द ही इसे स्थापित कराया जाएगा। हड्डियों को जोड़ने और हड्डी से संबंधित अन्य सर्जरी में यह मशीन कारगर साबित होगी। आईसीयू का काम भी तेजी से चल रहा है।
- डॉ. प्रदीप अग्रवाल, सीएमएस जिला अस्पताल