फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Raebareli News ›   Buy items only spent 35 million

सामान खरीदने में ही खर्च कर दिए 35 लाख

Sun, 29 Nov 2015 11:21 PM IST
रायबरेली/ अमर उजाला ब्यूरो
रायबरेली/ अमर उजाला ब्यूरो Updated Sun, 29 Nov 2015 11:21 PM IST
विज्ञापन
आखिर ऐसे में नलकूपों की क्षतिग्रस्त नालियों की मरम्मत कैसे हो सकेगी। ऐसा न होने पर खेतों तक पानी कैसे पहुंचेगा। पूरा बजट नलकूप के सामान से गोदाम करने वाले अफसरों ने इस ओर ध्यान देना भी उचित नहीं समझा।
विज्ञापन


इसका खामियाजा अन्नदाताओं को उठाना पड़ेगा। जिले में 380 सरकारी नलकूप हैं। इनका रखरखाव सिंचाई विभाग का नलकूप खंड करता है।

विभाग को नलकूपों में आने वाली खराबियों और नालियों की टूट-फूट की मरम्मत, दोनों का धन एक ही मद में उपलब्ध कराया जाता है।

हालात यह हैं कि जिले के विभिन्न ग्रामीण अंचलों में स्थापित ज्यादातर नलकूपों की नालियां ध्वस्त पड़ी हैं। इसके चलते किसानों के खेतों तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है।
विज्ञापन


विभाग को इस साल नलकूपों और नालियों की मरम्मत के लिए 35 लाख रुपये मिले थे। लेकिन पूरा बजट सिर्फ मोटर पार्ट्स और तार समेत सामान्य खरीदने में भी खर्च कर दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन


विभाग का गोदाम तो सामान से डंप कर लिया गया, लेकिन अधिकारियों ने यह नहीं सोचा कि नालियां टूटी होने से किसानों को पानी कैसे मिलेगा। माना जा रहा है कि कमीशनबाजी के चक्कर में ऐसा किया गया।


नलकूप और नालियों की मरम्मत न कराने पर किसानों में नाराजगी है। छतोह के राकेश कुमार, डीह के इंद्रपाल, जगरूप, मो. शरीफ आदि किसानों का कहना है कि खराब नलकूपों और नालियों की मरम्मत पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed