{"_id":"615b461c8ebc3e9fb414a309","slug":"border-seal-prevented-from-going-to-kheri-raibaraily-news-lko5986449129","type":"story","status":"publish","title_hn":"बॉर्डर सील, खीरी जाने से रोका","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बॉर्डर सील, खीरी जाने से रोका
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रायबरेली। लखीमपुर में हुई घटना के चलते पुलिस पूरी तरह से मुस्तैद दिखी। न सिर्फ बॉर्डर सील कर दिए गए बल्कि किसी भी अप्रिय घटना को लेकर रेलवे स्टेशन से लेकर टोल प्लॉजा तक गहन चेकिंग कराई गई।
कस्बों में रहने वाले किसान नेताओं को जिला मुख्यालय पहुंचने से पहले ही रोक दिया गया। लखीमपुर खीरी जाने वाले किसानों, नेताओं को घर पर ही नजरबंद कर दिया गया।
वैसे तो लखीमपुर खीरी की घटना के बाद रविवार रात से ही सुरक्षा व्यवस्था को लेकर हाईअलर्ट कर दिया गया था लेकिन सोमवार को किसानों के आक्रोश को देखते हुए पुलिस को और मुस्तैद कर दिया गया।
विज्ञापन
कोई किसान या फिर नेता लखीमपुरी खीरी न जा सके, इसके लिए प्रतापगढ़ और लखनऊ से जुड़ी सीमा को सील कर दिया गया था। पुलिस ने आने-जाने वाले लोगों की चेकिंग की। कोई संदिग्ध दिखा तो उसे तुरंत वापस कर दिया।
इसी तरह शिवगढ़ बॉर्डर, डलमऊ बॉर्डर व सलोन बॉर्डर को भी सील किया गया था। सलोन और लालगंज क्षेत्र में पड़ने वाले टोल प्लॉजा पर पुलिस की तरफ से चेकिंग लगाई गई। चार पहिया वाहनों को चेक किया गया। कस्बों में रहने वाले नेता या फिर किसानों को जिला मुख्यालय नहीं आने दिया गया।
मिल एरिया पुलिस ने मलिकमऊ कॉलोनी में रहने वाले किसान नेता लाला चौधरी को नजरबंद कर दिया। लोगों के विरोध के चलते कलेक्ट्रेट परिसर में भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। सदर कोतवाल अतुल सिंह की अगुवाई में कई थानों की फोर्स तैनात रही। यही नहीं कस्बों के अलावा जिला मुख्यालय स्थित रेलवे स्टेशनों पर भी पुलिस तैनात रही व संदिग्ध लोगों पर नजर रखी। हालांकि सकुशल पूरा दिन बीता।
किसानों ने विकास भवन से कलेक्ट्रेट तक जुलूस निकालकर विरोध प्रदर्शन किया। इसके अलावा सबकुछ ठीकठाक रहा। अपर पुलिस अधीक्षक विश्वजीत श्रीवास्तव ने बताया कि खीरी की घटना के चलते बॉर्डर सील किए गए थे। साथ ही टोल प्लॉजों पर चेकिंग कराई गई। किसी भी किसान को नजरबंद नहीं किया गया था। किसान कलेक्ट्रेट में ज्ञापन सौंपने के बाद घरों को लौट गए।
लखीमपुर खीरी जाने के लिए निकले सपा नेता जागेश्वर यादव व इरफान सिद्दीकी समेत छह नेताओं को घर पर ही नजरबंद कर दिया गया। कोतवाल संजय त्यागी को सूचना मिली कि प्रतापगढ़ की तरफ से बड़ी संख्या में किसान सलोन टोल प्लॉजा की तरफ रुख कर रहे हैं जिसके बाद मयफोर्स लोन प्रतापगढ़ बॉर्डर पर ही उन्हें रोक दिया गया।
कुछ लोगों ने हनक दिखाने की कोशिश भी की लेकिन कोतवाल की सूझबूझ से सभी लोग शांत होकर बैरंग वापस लौट गए। कोतवाल ने बताया कि टोल प्लॉजा पर पुलिस बल तैनात किया गया था। कुछ नेताओं को घर पर नजर बंद किया गया।
विज्ञापन
कस्बों में रहने वाले किसान नेताओं को जिला मुख्यालय पहुंचने से पहले ही रोक दिया गया। लखीमपुर खीरी जाने वाले किसानों, नेताओं को घर पर ही नजरबंद कर दिया गया।
विज्ञापन
वैसे तो लखीमपुर खीरी की घटना के बाद रविवार रात से ही सुरक्षा व्यवस्था को लेकर हाईअलर्ट कर दिया गया था लेकिन सोमवार को किसानों के आक्रोश को देखते हुए पुलिस को और मुस्तैद कर दिया गया।
विज्ञापन
कोई किसान या फिर नेता लखीमपुरी खीरी न जा सके, इसके लिए प्रतापगढ़ और लखनऊ से जुड़ी सीमा को सील कर दिया गया था। पुलिस ने आने-जाने वाले लोगों की चेकिंग की। कोई संदिग्ध दिखा तो उसे तुरंत वापस कर दिया।
इसी तरह शिवगढ़ बॉर्डर, डलमऊ बॉर्डर व सलोन बॉर्डर को भी सील किया गया था। सलोन और लालगंज क्षेत्र में पड़ने वाले टोल प्लॉजा पर पुलिस की तरफ से चेकिंग लगाई गई। चार पहिया वाहनों को चेक किया गया। कस्बों में रहने वाले नेता या फिर किसानों को जिला मुख्यालय नहीं आने दिया गया।
मिल एरिया पुलिस ने मलिकमऊ कॉलोनी में रहने वाले किसान नेता लाला चौधरी को नजरबंद कर दिया। लोगों के विरोध के चलते कलेक्ट्रेट परिसर में भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। सदर कोतवाल अतुल सिंह की अगुवाई में कई थानों की फोर्स तैनात रही। यही नहीं कस्बों के अलावा जिला मुख्यालय स्थित रेलवे स्टेशनों पर भी पुलिस तैनात रही व संदिग्ध लोगों पर नजर रखी। हालांकि सकुशल पूरा दिन बीता।
किसानों ने विकास भवन से कलेक्ट्रेट तक जुलूस निकालकर विरोध प्रदर्शन किया। इसके अलावा सबकुछ ठीकठाक रहा। अपर पुलिस अधीक्षक विश्वजीत श्रीवास्तव ने बताया कि खीरी की घटना के चलते बॉर्डर सील किए गए थे। साथ ही टोल प्लॉजों पर चेकिंग कराई गई। किसी भी किसान को नजरबंद नहीं किया गया था। किसान कलेक्ट्रेट में ज्ञापन सौंपने के बाद घरों को लौट गए।
लखीमपुर खीरी जाने के लिए निकले सपा नेता जागेश्वर यादव व इरफान सिद्दीकी समेत छह नेताओं को घर पर ही नजरबंद कर दिया गया। कोतवाल संजय त्यागी को सूचना मिली कि प्रतापगढ़ की तरफ से बड़ी संख्या में किसान सलोन टोल प्लॉजा की तरफ रुख कर रहे हैं जिसके बाद मयफोर्स लोन प्रतापगढ़ बॉर्डर पर ही उन्हें रोक दिया गया।
कुछ लोगों ने हनक दिखाने की कोशिश भी की लेकिन कोतवाल की सूझबूझ से सभी लोग शांत होकर बैरंग वापस लौट गए। कोतवाल ने बताया कि टोल प्लॉजा पर पुलिस बल तैनात किया गया था। कुछ नेताओं को घर पर नजर बंद किया गया।