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पांच हजार लाभार्थी हुए संक्रमित, नहीं पाए कैशलेस इलाज का लाभ
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रायबरेली। आयुष्मान भारत योजना के तहत पांच लाख रुपये तक कैशलेस इलाज की सुविधा का लाभ जिले में लाभार्थियों को नहीं मिल पा रहा है। यहां तक कि पिछले कई महीने में कोरोना संक्रमित हुए करीब पांच हजार मरीज जो आयुष्मान भारत योजना के लाभार्थी हैं, उन्हें किसी भी अस्पताल में कैशलेस इलाज की सुविधा नहीं मिली।
खास बात यह कि जिले के सात निजी अस्पतालों को योजना से संबद्ध किया गया है, लेकिन एक भी अस्पताल को कोविड मरीजों को भर्ती करने की सुविधा नहीं दी गई।
कोरोना के कारण जिले में आयुष्मान भारत योजना के तहत गोल्डन कार्ड बनाने के साथ ही इलाज की सुविधा भी प्रभावित हो गई। पिछले कई महीने से अधिक से अधिक गोल्डन कार्ड बनाने के साथ ही लोगों का कैशलेस इलाज का लाभ देने का प्रयास किया गया, लेकिन कोरोना का कहर बढ़ने के बाद मंशा तार-तार हो गई।
आयुष्मान भारत योजना के तहत जिले में अब तक 2,17,803 गोल्डन कार्ड में 95393 परिवार कवर किए गए हैं। अब तक जिले में करीब सात हजार गरीबों को पांच लाख रुपये तक कैशलेस इलाज की सुविधा मिल चुकी है, लेकिन कोरोना संक्रमित हुए एक भी मरीज को इस योजना का लाभ नहीं मिल सका है।
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मार्च से पहले कैशलेस इलाज मेें अव्वल थे ये अस्पताल
अस्पताल लाभार्थी
जिला अस्पताल 466
सीएचसी डीह 362
सीएचसी डलमऊ 336
सिटी नर्सिंगहोम 324
सीएचसी जतुआ-टप्पा 296
सीएचसी अमावां 280
सीएचसी लालगंज 246
सीएचसी जगतपुर 236
सीएचसी बछरावां 230
सीएचसी नसीराबाद 221
कोरोना संक्रमित मरीजों को भर्ती करने के लिए एल-2 और एल-3 अस्पताल बनाए गए हैं। आयुष्मान भारत योजना से जुड़े निजी अस्पतालों को कोविड समकक्ष इकाई के रूप में स्थापित नहीं किया गया। इसी कारण योजना का लाभ संक्रमितों को निजी अस्पतालों में नहीं मिल सका। हालांकि एल-2 और एल-3 अस्पतालों में भर्ती कराकर मरीजों का इलाज कराया गया।
- डॉ. वीरेंद्र सिंह, सीएमओ
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खास बात यह कि जिले के सात निजी अस्पतालों को योजना से संबद्ध किया गया है, लेकिन एक भी अस्पताल को कोविड मरीजों को भर्ती करने की सुविधा नहीं दी गई।
कोरोना के कारण जिले में आयुष्मान भारत योजना के तहत गोल्डन कार्ड बनाने के साथ ही इलाज की सुविधा भी प्रभावित हो गई। पिछले कई महीने से अधिक से अधिक गोल्डन कार्ड बनाने के साथ ही लोगों का कैशलेस इलाज का लाभ देने का प्रयास किया गया, लेकिन कोरोना का कहर बढ़ने के बाद मंशा तार-तार हो गई।
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आयुष्मान भारत योजना के तहत जिले में अब तक 2,17,803 गोल्डन कार्ड में 95393 परिवार कवर किए गए हैं। अब तक जिले में करीब सात हजार गरीबों को पांच लाख रुपये तक कैशलेस इलाज की सुविधा मिल चुकी है, लेकिन कोरोना संक्रमित हुए एक भी मरीज को इस योजना का लाभ नहीं मिल सका है।
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मार्च से पहले कैशलेस इलाज मेें अव्वल थे ये अस्पताल
अस्पताल लाभार्थी
जिला अस्पताल 466
सीएचसी डीह 362
सीएचसी डलमऊ 336
सिटी नर्सिंगहोम 324
सीएचसी जतुआ-टप्पा 296
सीएचसी अमावां 280
सीएचसी लालगंज 246
सीएचसी जगतपुर 236
सीएचसी बछरावां 230
सीएचसी नसीराबाद 221
कोरोना संक्रमित मरीजों को भर्ती करने के लिए एल-2 और एल-3 अस्पताल बनाए गए हैं। आयुष्मान भारत योजना से जुड़े निजी अस्पतालों को कोविड समकक्ष इकाई के रूप में स्थापित नहीं किया गया। इसी कारण योजना का लाभ संक्रमितों को निजी अस्पतालों में नहीं मिल सका। हालांकि एल-2 और एल-3 अस्पतालों में भर्ती कराकर मरीजों का इलाज कराया गया।
- डॉ. वीरेंद्र सिंह, सीएमओ