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Raebareli News: आश्रम का विवाद खत्म जीतू दास बने उत्तराधिकारी
Tue, 20 May 2025 12:17 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
Updated Tue, 20 May 2025 12:17 AM IST
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बाबा सहजराम आश्रम परिसर का उत्तराधिकारी घोषित होने के बाद जीतूदास को कंधे पर बिठाकर खुशी जतात
बंधुआकला (सुल्तानपुर)। बाबा सहजराम आश्रम के पीठाधीश्वर स्व. बाबा भरत दास की मृत्यु के 17वें दिन सोमवार को आश्रम परिसर में भोज कार्यक्रम हुआ। आश्रम के उत्तराधिकारी पद के लिए लखनऊ से पहुंचे धर्मेंद्र दास ने अपनी दावेदारी पेश की, जिसके बाद भरत दास के शिष्य जीतूदास व धर्मेंद्र दास के समर्थकों ने हंगामा शुरू कर दिया।
एसडीएम व सीओ नगर ने मौके पर पहुंचकर दोनों पक्षों की बातें सुनीं। अधिकारियों के कहने पर धर्मेंद्र दास को लौटना पड़ा, जिसके बाद जीतूदास के समर्थकों ने उन्हें आश्रम का उत्तराधिकारी बताते हुए भंडारा शुरू कराया।
तीन मई को बाबा सहजराम बंधुआकला आश्रम के महंत बाबा भरत दास की हार्ट अटैक से मौत हो गई थी। सोमवार को मृत्यु के 17वें दिन भोज कार्यक्रम का आयोजन था। भंडारे में आश्रम के महंत की ताजपोशी होनी थी। आश्रम की देखभाल कर रहे बाबा भरत दास के शिष्य जीतू महाराज ने उत्तराधिकारी बनने के लिए लोगों से समर्थन मांगा। इसी बीच लखनऊ सब्जी मंडी आश्रम के धर्मेंद्र दास महाराज पहुंचे और आश्रम के उत्तराधिकारी के लिए अपनी दावेदारी पेश की, जिसपर जीतू दास व धर्मेंद्र दास के समर्थकों ने हंगामा शुरू कर दिया।
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तनावपूर्ण स्थिति के बीच पहुंची पुलिस ने संतों को एक कमरे में बंद कर दिया। एसडीएम विपिन द्विवेदी, सीओ प्रशांत सिंह ने दोनों पक्षों की बात सुनी और फिर धर्मेंद्र दास को वापस भेज दिया। उनके जाने के बाद जीतूदास के समर्थकों ने उन्हें आश्रम का उत्तराधिकारी बताते हुए भंडारा शुरू करा दिया। सीओ ने बताया कि अब कोई विवाद नहीं है। एसडीएम सदर विपिन द्विवेदी ने बताया कि स्थिति शांतिपूर्ण है।
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एसडीएम व सीओ नगर ने मौके पर पहुंचकर दोनों पक्षों की बातें सुनीं। अधिकारियों के कहने पर धर्मेंद्र दास को लौटना पड़ा, जिसके बाद जीतूदास के समर्थकों ने उन्हें आश्रम का उत्तराधिकारी बताते हुए भंडारा शुरू कराया।
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तीन मई को बाबा सहजराम बंधुआकला आश्रम के महंत बाबा भरत दास की हार्ट अटैक से मौत हो गई थी। सोमवार को मृत्यु के 17वें दिन भोज कार्यक्रम का आयोजन था। भंडारे में आश्रम के महंत की ताजपोशी होनी थी। आश्रम की देखभाल कर रहे बाबा भरत दास के शिष्य जीतू महाराज ने उत्तराधिकारी बनने के लिए लोगों से समर्थन मांगा। इसी बीच लखनऊ सब्जी मंडी आश्रम के धर्मेंद्र दास महाराज पहुंचे और आश्रम के उत्तराधिकारी के लिए अपनी दावेदारी पेश की, जिसपर जीतू दास व धर्मेंद्र दास के समर्थकों ने हंगामा शुरू कर दिया।
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तनावपूर्ण स्थिति के बीच पहुंची पुलिस ने संतों को एक कमरे में बंद कर दिया। एसडीएम विपिन द्विवेदी, सीओ प्रशांत सिंह ने दोनों पक्षों की बात सुनी और फिर धर्मेंद्र दास को वापस भेज दिया। उनके जाने के बाद जीतूदास के समर्थकों ने उन्हें आश्रम का उत्तराधिकारी बताते हुए भंडारा शुरू करा दिया। सीओ ने बताया कि अब कोई विवाद नहीं है। एसडीएम सदर विपिन द्विवेदी ने बताया कि स्थिति शांतिपूर्ण है।