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Raebareli News: प्रधानमंत्री के कैशलेस इलाज से वंचित चार लाख लाभार्थी

Thu, 29 Dec 2022 11:50 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Thu, 29 Dec 2022 11:50 PM IST
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arogya kendra
प्रसूता सुभद्रा को नहीं मिल सका कैशलेस इलाज का लाभ
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लालगंज क्षेत्र के मधुकरपुर गांव के चंद्रिका प्रसाद अपनी पत्नी सुभद्रा को सिजेरियन प्रसव कराने के लिए जिला महिला अस्पताल लेकर पहुंचे। पीड़ित को प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना का लाभ नहीं मिल सका, क्योंकि योजना की सूची में उनका नाम राजन दर्ज था। गोल्डन कार्ड न बन पाने के कारण मरीज को कैशलेस इलाज का लाभ नहीं मिला सका। उसके बेटे देवेंद्र कुमार को भी इस सुविधा का लाभ पात्र इसलिए नहीं मिल सकता है, क्योंकि सूची में उसका नाम सूूरज दर्ज है।
पिता का नाम गलत, कैसे हो औसान की बीमारी का मुफ्त इलाज
शहर के कहारों का अड्डा निवासी औसान का नाम प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना में शामिल है। सांस की बीमारी होने पर डॉक्टर ने भर्ती होकर इलाज कराने की सलाह दी, तो वह गोल्डन कार्ड बनवाने के लिए अस्पताल पहुंचे, लेकिन सूची में पिता का नाम गलत दर्ज होने के कारण गोल्डन कार्ड नहीं बन सका। ऐसे में औसान को पांच लाख रुपये तक कैशलेस इलाज का लाभ नहीं मिल पा रहा है। मरीज का कहना है कि पिता का नाम गलत होने के कारण परिवार के किसी सदस्य का गोल्डन कार्ड नहीं बन पा रहा है।
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विधवा की बेटी और बेटे का नहीं बन पा रहा गोल्डन कार्ड
सतांव। क्षेत्र के ग्राम ओनई पहाड़पुर में सुरेश के परिवार के सात सदस्यों के नाम कैशलेस इलाज की सूची में शामिल है। सूची में नाम अलग होने के कारण पुत्र अनिकेत और बेटी दीपिका का गोल्डन कार्ड नहीं बन पा रहा है। घर की मुखिया विधवा नीलम कहती है कि पुत्र अनिकेत व पुत्री दीपिका का सूची में नाम है, लेकिन आधार कार्ड में दूसरा नाम होने के कारण कार्ड नहीं बन पा रहा है। सीएचसी जतुआटप्पा से लेकर जिला मुख्यालय का चक्कर लगाकर थक गए हैं। कहीं भी सुनवाई नहीं हो सकी है।
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रायबरेली। प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना में भले ही जिले के 16 लाख गरीबों को शामिल किया गया है, लेकिन करीब चार लाख गरीबों को पांच लाख रुपये तक कैशलेस इलाज का लाभ मिलना मुमकिन नहीं है। सूची और आधार कार्ड में नाम में त्रुटि होने के कारण गोल्डन कार्ड जारी नहीं हो पा रहे हैं।
योजना का लाभ देने के लिए लाभार्थियों के नाम सेक सूची-2011 से लिए गए हैं। शासन स्तर से भी अब तक नाम संशोधन के संबंध में कोई कदम नहीं उठाए गए। ऐसी दशा में हर रोज करीब 50 लोगों के गोल्डन कार्ड पंजीयन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद निरस्त हो जा रहे हैं।
तमाम गरीब इलाज के लिए अस्पतालों में पहुंचकर बैरंग वापस हो रहे हैं, या फिर नामों में त्रुटियां होने के कारण उन्हें इलाज के लिए रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं। गरीबों की इस समस्या को सुनने के लिए कोई भी आगे नहीं आ रहा है।
कारण भी है कि जब तक शासन स्तर से सूची में नाम संशोधन की व्यवस्था नहीं होगी, तब तक गोल्डन कार्ड बनाने की प्रक्रिया पूरी नहीं की जा सकती है। ऐसी दशा में गरीबों को इलाज के लिए इंतजार करना ही पड़ेगा।

इनके भी नहीं बन पा रहे गोल्डन कार्ड
सूची में नाम आधार कार्ड में नाम
रूबी रोबी
तुलसा तुलसी
मोनिका देवी मोनिका
सुमित सुमित कुमार
नीलम नीलम देवी
पूजा पूजा तिवारी
केशन किशन
किरन किरन देवी
आर्यन आर्यन गुप्ता
अशोक अशोक कुमार
रामा रामावती
भीम भिम
प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत जिले में 16 लाख गरीबों को पांच लाख तक कैशलेस इलाज का लाभ देने के लिए चुना गया है। सूची और आधार कार्ड में नाम में अंतर होने के कारण गोल्डन कार्ड नहीं बन पा रहे हैं। शासन स्तर से नाम संशोधन की व्यवस्था भी नहीं है। ऐसे में नाम में त्रुटि वाले लाभार्थियों को गोल्डन कार्ड नहीं मिल सकता है। इन संबंध में उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया है।
डॉ. वीरेंद्र सिंह, सीएमओ
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