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लापरवाह 185 अफसरों से स्पष्टीकरण तलब
रायबरेली/ अमर उजाला ब्यूराे
Updated Sat, 18 Mar 2017 12:13 AM IST
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नोटिस जारी
- फोटो : getty images
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फरियादियों की शिकायतों की अनदेखी करने वाले लापरवाह 185 अफसरों से डीएम ने स्पष्टीकरण तलब किया है। डीएम ने निर्देश जारी किए हैं कि यदि तीन दिन के अंदर अधिकारियों की ओर से कोई जवाब नहीं आता है तो उनका वेतन रोक दिया जाए। विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी जाए। इसमें किसी तरह की ढिलाई नहीं चलेगी। इसमें समस्त एसडीएम, खंड शिक्षा अधिकारी, बीडीओ समेत अन्य अफसर शामिल हैं।
डीएम कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक दो माह में अब तक नौ हजार 120 जन शिकायतों का निपटारा किया गया, लेकिन 1043 जन शिकायतों का निस्तारण अब तक नहीं हो पाया है। राजस्व, पुलिस, शिक्षा समेत अन्य विभागों से संबंधित शिकायतें थी। डीएम के कई बार निर्देश देने के बावजूद अफसरों की ओर से जन शिकायतों के निस्तारण में कोई तेजी नहीं दिखाई गई। इस पर अब डीएम ने कड़ा रुख अख्तियार करते हुए 185 अफसरों से स्पष्टीकरण तलब किया है।
साथ ही तीन दिन के भीतर स्पष्टीकरण का जवाब न देने पर वेतन रोकने के निर्देश दिए हैं। खंड शिक्षा अधिकारी, उप जिलाधिकारी, थानेदार समेत अन्य अफसरों को नोटिस दिया गया है।
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इन अफसरों से तलब किया गया स्पष्टीकरण
सीडीओ, एडीएम प्रशासन, जिला उद्यान अधिकारी, होमगार्ड के जिला कमांडेंट, सहायक श्रमायुक्त, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी, सहायक शिक्षा निदेशक, एआरटीओ, महिला और पुरुष जिला अस्पताल के सीएमएस, संयुक्त विकास आयुक्त, जलनिगम के मुख्य अभियंता, बछरावां, डलमऊ नगर पंचायत के ईओ, जिला डाक अधीक्षक, जेल अधीक्षक, अधिशासी अभियंता विद्युत, श्रम प्रवर्तन अधिकारी, सीवीओ, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक के जिला समन्वयक, जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी, मुख्य वरिष्ठ कोषाधिकारी, उप महानिरीक्षक निबंधन, जिला विकलांग कल्याण अधिकारी, सीओ सलोन, जिला आबकारी अधिकारी, जिला प्रोबेशन अधिकारी, डीडीओ, जिला उपायुक्त मनरेगा, आरडीए के उपाध्यक्ष, एलडीएम समेत 185 अधिकारियों से स्पष्टीकरण तलब किया है।
फरियादी बड़ी आस और उम्मीद लेकर अफसरों की चौखट पर अपनी शिकायतें लेकर पहुंचते, लेकिन वे उन्हें गंभीरता से नहीं लेते। ऐसे में उनकी शिकायत का निपटारा नहीं हो पाता। खासकर राजस्व, पुलिस विभाग से संबंधित शिकायतों में अधिक मनमानी की जाती है। हर दिन कलेक्ट्रेट, एसपी दफ्तर समेत अन्य विभागों में शिकायतें आती हैं। फरियादी न्याय पाने की उम्मीद में भटकते रहते हैं, लेकिन अफसर नहीं पसीजते।
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डीएम कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक दो माह में अब तक नौ हजार 120 जन शिकायतों का निपटारा किया गया, लेकिन 1043 जन शिकायतों का निस्तारण अब तक नहीं हो पाया है। राजस्व, पुलिस, शिक्षा समेत अन्य विभागों से संबंधित शिकायतें थी। डीएम के कई बार निर्देश देने के बावजूद अफसरों की ओर से जन शिकायतों के निस्तारण में कोई तेजी नहीं दिखाई गई। इस पर अब डीएम ने कड़ा रुख अख्तियार करते हुए 185 अफसरों से स्पष्टीकरण तलब किया है।
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साथ ही तीन दिन के भीतर स्पष्टीकरण का जवाब न देने पर वेतन रोकने के निर्देश दिए हैं। खंड शिक्षा अधिकारी, उप जिलाधिकारी, थानेदार समेत अन्य अफसरों को नोटिस दिया गया है।
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इन अफसरों से तलब किया गया स्पष्टीकरण
सीडीओ, एडीएम प्रशासन, जिला उद्यान अधिकारी, होमगार्ड के जिला कमांडेंट, सहायक श्रमायुक्त, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी, सहायक शिक्षा निदेशक, एआरटीओ, महिला और पुरुष जिला अस्पताल के सीएमएस, संयुक्त विकास आयुक्त, जलनिगम के मुख्य अभियंता, बछरावां, डलमऊ नगर पंचायत के ईओ, जिला डाक अधीक्षक, जेल अधीक्षक, अधिशासी अभियंता विद्युत, श्रम प्रवर्तन अधिकारी, सीवीओ, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक के जिला समन्वयक, जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी, मुख्य वरिष्ठ कोषाधिकारी, उप महानिरीक्षक निबंधन, जिला विकलांग कल्याण अधिकारी, सीओ सलोन, जिला आबकारी अधिकारी, जिला प्रोबेशन अधिकारी, डीडीओ, जिला उपायुक्त मनरेगा, आरडीए के उपाध्यक्ष, एलडीएम समेत 185 अधिकारियों से स्पष्टीकरण तलब किया है।
फरियादी बड़ी आस और उम्मीद लेकर अफसरों की चौखट पर अपनी शिकायतें लेकर पहुंचते, लेकिन वे उन्हें गंभीरता से नहीं लेते। ऐसे में उनकी शिकायत का निपटारा नहीं हो पाता। खासकर राजस्व, पुलिस विभाग से संबंधित शिकायतों में अधिक मनमानी की जाती है। हर दिन कलेक्ट्रेट, एसपी दफ्तर समेत अन्य विभागों में शिकायतें आती हैं। फरियादी न्याय पाने की उम्मीद में भटकते रहते हैं, लेकिन अफसर नहीं पसीजते।