{"_id":"68aa1d7549680c852c0dfc5e","slug":"an-innocent-child-died-due-to-collapse-of-a-kutcha-house-raebareli-news-c-101-1-slko1031-139515-2025-08-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Raebareli News: कच्चा मकान ढहने से मासूम की मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Raebareli News: कच्चा मकान ढहने से मासूम की मौत
Sun, 24 Aug 2025 01:28 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
Updated Sun, 24 Aug 2025 01:28 AM IST
विज्ञापन
सलोन क्षेत्र के पनाह नगर धरई में कच्चा मकान गिरने के बाद लगी भीड़।
सलोन (रायबरेली)। पनाह नगर मजरे धरई गांव में शुक्रवार रात कच्चा मकान ढहने से सो रहे 14 माह के बच्चे की मौत हो गई। हादसे में माता-पिता, बहन और आजी गंभीर रूप से घायल हो गए। बारिश के कारण सीलन आने से कच्चे मकान के ढहने की बात कही जा रही है।
गांव निवासी सर्वेश कुमार मजदूरी करते हैंं। खाना खाने के बाद सर्वेश कुमार (25), पत्नी रसीदुननिशा (24), बेटी लाडो (4), बेटा ऋषभ (14 माह) और मां कृपाला (60) कच्चे के मकान में सो रहे थे। रात करीब 11 बजे अचानक कच्चा मकान भरभराकर ढह गया। इससे मकान के नीचे सो रहे एक ही परिवार के पांच लोग मलबे में दब गए।
ग्रामीणों की मदद से पुलिस ने मलबा हटाकर सभी लोगों को बाहर निकाला। पांचों लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें सीएचसी पहुंचाया गया, जहां डॉ. सतेंद्र त्रिपाठी ने ऋषभ को मृत घोषित कर दिया। हालत गंभीर होने पर सर्वेश और उनकी मां कृपाला को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। अन्य घायलों का सीएचसी में इलाज किया गया। कोतवाली प्रभारी शिवशंकर सिंह ने बताया कि मकान ढहने से हादसा हुआ है।
विज्ञापन
एसडीएम चंद्रप्रकाश गौतम ने शनिवार को धरई गांव पहुंचकर पीड़ित परिवार से मुलाकात की। उन्हें ढांढ़स बंधाया। बताया कि परिवार को दैवीय आपदा के तहत चार लाख का मुआवजा और प्रधानमंत्री आवास का लाभ दिलाया जाएगा।
पीएम आवास मिल गया होता तो बच जाती जान
सर्वेश बताते हैं कि मेहनत मजदूरी करके वह किसी तरह परिवार चलाते हैं। वह काफी समय से कच्चे मकान में रहते हैं। उन्हें प्रधानमंत्री आवास का लाभ नहीं मिल पाया। कई दफा ब्लॉक के अफसरों से आवास बनवाए जाने की मांग की, लेकिन हर बार आश्वासन के सिवाय कुछ नहीं मिला। सर्वेश बताते हैं कि यदि आवास बना होता तो उनके बच्चे की जान न जाती। उधर, बच्चे की मौत से मां समेत अन्य परिजन के आंसू नहीं थम रहे हैं।
विज्ञापन
गांव निवासी सर्वेश कुमार मजदूरी करते हैंं। खाना खाने के बाद सर्वेश कुमार (25), पत्नी रसीदुननिशा (24), बेटी लाडो (4), बेटा ऋषभ (14 माह) और मां कृपाला (60) कच्चे के मकान में सो रहे थे। रात करीब 11 बजे अचानक कच्चा मकान भरभराकर ढह गया। इससे मकान के नीचे सो रहे एक ही परिवार के पांच लोग मलबे में दब गए।
विज्ञापन
ग्रामीणों की मदद से पुलिस ने मलबा हटाकर सभी लोगों को बाहर निकाला। पांचों लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें सीएचसी पहुंचाया गया, जहां डॉ. सतेंद्र त्रिपाठी ने ऋषभ को मृत घोषित कर दिया। हालत गंभीर होने पर सर्वेश और उनकी मां कृपाला को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। अन्य घायलों का सीएचसी में इलाज किया गया। कोतवाली प्रभारी शिवशंकर सिंह ने बताया कि मकान ढहने से हादसा हुआ है।
विज्ञापन
एसडीएम चंद्रप्रकाश गौतम ने शनिवार को धरई गांव पहुंचकर पीड़ित परिवार से मुलाकात की। उन्हें ढांढ़स बंधाया। बताया कि परिवार को दैवीय आपदा के तहत चार लाख का मुआवजा और प्रधानमंत्री आवास का लाभ दिलाया जाएगा।
पीएम आवास मिल गया होता तो बच जाती जान
सर्वेश बताते हैं कि मेहनत मजदूरी करके वह किसी तरह परिवार चलाते हैं। वह काफी समय से कच्चे मकान में रहते हैं। उन्हें प्रधानमंत्री आवास का लाभ नहीं मिल पाया। कई दफा ब्लॉक के अफसरों से आवास बनवाए जाने की मांग की, लेकिन हर बार आश्वासन के सिवाय कुछ नहीं मिला। सर्वेश बताते हैं कि यदि आवास बना होता तो उनके बच्चे की जान न जाती। उधर, बच्चे की मौत से मां समेत अन्य परिजन के आंसू नहीं थम रहे हैं।