{"_id":"63af28ae844208290833b124","slug":"aiims-raibaraily-news-lko6642990102","type":"story","status":"publish","title_hn":"Raebareli News: मरीजों को तोहफा, एम्स में 210 और बेड बढ़े","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Raebareli News: मरीजों को तोहफा, एम्स में 210 और बेड बढ़े
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रायबरेली। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में जनवरी से 210 बेड और बढ़ जाएंगे। इसी के साथ एम्स 610 बेडों की पूरी क्षमता से काम करेगा। वार्ड और बेड तैयार हो चुके है। सिर्फ औपचारिक शुरुआत बाकी है।
शहर से सटे दरियापुर में बने एम्स में 13 अगस्त 2018 को ओपीडी शुरू हुई थी। अब तक यहां चार लाख से अधिक मरीजों को ओपीडी में चिकित्सीय परामर्श दिया जा चुका है। 29 अगस्त 2019 को एमबीबीएस के पहले बैच की पढ़ाई शुरू कराई गई।
नौ जुलाई 2021 से 300 बेड का हॉस्पिटल शुरू किया गया था। यहां मरीजों को भर्ती करके इलाज के साथ ही ऑपरेशन की सुविधा शुरू की गई। अफिनिटी-2022 में एम्स में 100 बेड और शुरू करा दिए गए। वर्तमान समय में एम्स में 400 मरीजों को एक साथ भर्ती करने की व्यवस्था है।
विज्ञापन
एम्स के निदेशक प्रो. अरविंद राजवंशी के प्रयास से अब 610 बेडों की क्षमता से एम्स में मरीजों का इलाज होगा। 210 और बेड संचालित करने के लिए वार्ड पूरी तरह से तैयार हो गया है। इन बेडों का संचालन शुरू होने के बाद जनवरी 2023 से एम्स बेडों की अपनी पूरी क्षमता से काम करना शुरू कर देगा।
बेडों की कमी के कारण मरीजों को भर्ती होने के लिए इंतजार करना पड़ रहा था, लेकिन सभी बेडों का संचालन होने के बाद मरीजों की भर्ती होने की समस्या दूर हो जाएगी। साथ ही मरीजों को बेहतर इलाज मिलना शुरू हो जाएगा।
पीजी की पढ़ाई के लिए मिलीं 32 सीटें, कल से शुभारंभ
एमबीबीएस की पढ़ाई करने के बाद पोस्ट ग्रेजुएट (पीजी) की पढ़ाई करने वाले जूनियर डॉक्टरों को एम्स नए साल का तोहफा देगा। मंत्रालय से पीजी की पढ़ाई के लिए 32 सीटें दी गईं हैं। एम्स में पीजी के पहले बैच की पढ़ाई की प्रक्रिया एक जनवरी 2023 से शुरू होगी। जूनियर रेजीडेंट डॉक्टरों को एक जनवरी को ही जॉइन करने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे पीजी की पढ़ाई आरंभ की जा सके। पहले बैच में एनेस्थीसिया, जनरल मेडिसिन, जनरल सर्जरी, स्त्री रोग, नेत्र रोग, हड्डी रोग, बाल रोग और लैब मेडिसिन में पीजी की पढ़ाई शुरू की जाएगी। पीजी की पढ़ाई शुरू कराने की लिए तैयारी पूरी कर ली गई है।
जनवरी से एम्स 610 बेडों की पूरी क्षमता से मरीजों का इलाज करेगा। 400 बेड काम कर रहे हैं। 210 और बेड बढ़ाए जाएंगे। साथ ही पीजी की पढ़ाई भी शुरू होगी। इसके लिए एम्स को पहले बैच के लिए 32 सीटें मिली हैं। जल्द ही और सहूलियतें बढ़ाने की प्रक्रिया चल रही है।
समीर शुक्ला, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, एम्स
विज्ञापन
शहर से सटे दरियापुर में बने एम्स में 13 अगस्त 2018 को ओपीडी शुरू हुई थी। अब तक यहां चार लाख से अधिक मरीजों को ओपीडी में चिकित्सीय परामर्श दिया जा चुका है। 29 अगस्त 2019 को एमबीबीएस के पहले बैच की पढ़ाई शुरू कराई गई।
विज्ञापन
नौ जुलाई 2021 से 300 बेड का हॉस्पिटल शुरू किया गया था। यहां मरीजों को भर्ती करके इलाज के साथ ही ऑपरेशन की सुविधा शुरू की गई। अफिनिटी-2022 में एम्स में 100 बेड और शुरू करा दिए गए। वर्तमान समय में एम्स में 400 मरीजों को एक साथ भर्ती करने की व्यवस्था है।
विज्ञापन
एम्स के निदेशक प्रो. अरविंद राजवंशी के प्रयास से अब 610 बेडों की क्षमता से एम्स में मरीजों का इलाज होगा। 210 और बेड संचालित करने के लिए वार्ड पूरी तरह से तैयार हो गया है। इन बेडों का संचालन शुरू होने के बाद जनवरी 2023 से एम्स बेडों की अपनी पूरी क्षमता से काम करना शुरू कर देगा।
बेडों की कमी के कारण मरीजों को भर्ती होने के लिए इंतजार करना पड़ रहा था, लेकिन सभी बेडों का संचालन होने के बाद मरीजों की भर्ती होने की समस्या दूर हो जाएगी। साथ ही मरीजों को बेहतर इलाज मिलना शुरू हो जाएगा।
पीजी की पढ़ाई के लिए मिलीं 32 सीटें, कल से शुभारंभ
एमबीबीएस की पढ़ाई करने के बाद पोस्ट ग्रेजुएट (पीजी) की पढ़ाई करने वाले जूनियर डॉक्टरों को एम्स नए साल का तोहफा देगा। मंत्रालय से पीजी की पढ़ाई के लिए 32 सीटें दी गईं हैं। एम्स में पीजी के पहले बैच की पढ़ाई की प्रक्रिया एक जनवरी 2023 से शुरू होगी। जूनियर रेजीडेंट डॉक्टरों को एक जनवरी को ही जॉइन करने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे पीजी की पढ़ाई आरंभ की जा सके। पहले बैच में एनेस्थीसिया, जनरल मेडिसिन, जनरल सर्जरी, स्त्री रोग, नेत्र रोग, हड्डी रोग, बाल रोग और लैब मेडिसिन में पीजी की पढ़ाई शुरू की जाएगी। पीजी की पढ़ाई शुरू कराने की लिए तैयारी पूरी कर ली गई है।
जनवरी से एम्स 610 बेडों की पूरी क्षमता से मरीजों का इलाज करेगा। 400 बेड काम कर रहे हैं। 210 और बेड बढ़ाए जाएंगे। साथ ही पीजी की पढ़ाई भी शुरू होगी। इसके लिए एम्स को पहले बैच के लिए 32 सीटें मिली हैं। जल्द ही और सहूलियतें बढ़ाने की प्रक्रिया चल रही है।
समीर शुक्ला, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, एम्स