फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Raebareli News ›   aiims

दधीचि देहादन अभियान से जुड़ा एम्स, छात्रों को राहत

Sat, 23 Apr 2022 12:06 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sat, 23 Apr 2022 12:06 AM IST
विज्ञापन
aiims
रायबरेली। कानपुर से वर्ष 2003 में प्रारंभ मृत देहदान कराने के अनूठे आंदोलन युग दधीचि देहदान अभियान से शुक्रवार को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) भी जुड़ गया। अब एमबीबीएस छात्र-छात्राओं को पढ़ाई में राहत मिलेगी। देहदान के लिए लोगों को प्रेरित किया जाएगा।
विज्ञापन

एम्स के एनॉटमी विभाग में शुक्रवार को युग दधीचि देहदान अभियान के प्रमुख मनोज सेंगर ने कहा कि 2003 से अब तक वह नौ मेडिकल कॉलेजों को देहदान के माध्यम से 237 शव दिला चुके हैं।
विज्ञापन

पहली बार 15 नवंबर 2003 को कानपुर में विशाल गायत्री महायज्ञ के अवसर पर स्वयं, पत्नी माधवी सेंगर सहित परिवार के नौ लोगों का देहदान का संकल्प करके अभियान को शुरू किया।
विज्ञापन
विज्ञापन

उन्होंने बताया कि अब तक प्रयागराज, अंबेडकरनगर, केजीएमयू लखनऊ, एम्स गोरखपुर, अयोध्या, आयुर्विज्ञान संस्थान सैफई, आगरा, वर्धमान महावीर कॉलेज, दिल्ली को भी देह समर्पित की गईं है।
वह कोई एनजीओ नहीं चला रहे हैं। पत्नी के साथ मिलकर देहदान के अभियान को सफल बनाने का प्रयास कर रहे हैं। एम्स या उनसे संपर्क करके कोई भी देहदान के लिए फॉर्म भर सकता है।
एम्स के शरीर रचना विभाग (एनॉटमी) के विभागाध्यक्ष प्रो. रजत शुभ्रा दास ने कहा कि एम्स की ओर से लगातार देहदान के लिए लोगों से अपील की जा रही है। एमबीबीएस छात्रों की पढ़ाई के लिए शव की बहुत जरूरत होती है।

अभियान से जुड़ने के बाद एम्स को एमबीबीएस छात्रों की पढ़ाई के लिए शवों की जरूरतें पूरी हो जाएंगी। लोग अधिक से अधिक देहदान करें। इस मौके पर डॉ. तरुण प्रकाश माहेश्वरी, डॉ. कैलाश दामोदर, डॉ. शुभांगी यादव, डॉ. अनिल श्रीवास्तव, डॉ. टी. नवीन मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed