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मर्डर करने के बाद दिनभर शव को घर पर ही छिपाए रखा था
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रायबरेली। महिला के साथ हुई क्रूरता के मामले में बुधवार को पुलिस ने पति, ससुर पूर्व प्रधान और दो देवरों को जेल भेज दिया। पुलिस की मानें तो बड़ी बेरहमी के साथ महिला का कत्ल किया गया। किसी को शक न हो, इसलिए हत्या के बाद कातिलों ने दिनभर शव को घर में ही छिपाए रखा था। रात में चारों ने मिलकर शव एकांत स्थान पर ले गए और फिर जला दिया।
पुलिस कार्यालय में बुधवार को अपर पुलिस अधीक्षक नित्यानंद राय ने बताया कि प्रतापगढ़ जिले के सांगीपुर थाना क्षेत्र के गोपालपुर गांव की रहने वाली उर्मिला (27) की शादी 10 साल पहले रायबरेली जिले के डीह थाना क्षेत्र के पूरे उजागर मजरे डीह निवासी रविंद्र कुमार के साथ हुई थी। 4 जनवरी को पति ने अन्य लोगों के साथ मिलकर उर्मिला को फांसी पर लटकाकर मार दिया और फिर शव को जला दिया।
10 जनवरी को थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई गई थी। इस पर थानेदार जेपी यादव ने जांच शुरू की थी। पूछताछ में मृतका की बड़ी बेटी सारिका ने बताया था कि पापा, बाबा और चाचा ने मिलकर उसकी मां की हत्या की है। एएसपी के मुताबिक 4 जनवरी को दिन में ही आरोपियों ने महिला का कत्ल कर दिया था। इसकी किसी को जानकारी न हो, इसलिए शव को घर के कमरे में छिपा दिया था।
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रात में महिला के शव को जला दिया था, पर जुर्म छिपता नहीं। मां की हत्या करते हुए उसकी बेटी सारिका ने देख लिया था। उन्होंने बताया कि शादी के बाद से ही मृतका और उसके पति में आपसी विवाद चल रहा था। एक दिन खाना बनाने के विवाद में महिला ने डायल 112 पुलिस को बुला लिया था। पति और ससुर पूर्व प्रधान ने इसे अपना अपमान समझा।
ससुर का कहना था कि हम गांव के पूर्व प्रधान हैं। हमारे घर पुलिस कैसे चली आई। इसे अपमान समझकर महिला को मौत के घाट उतार दिया। अपर पुलिस अधीक्षक ने बताया कि महिला की हत्या के मामले में पति रविंद्र कुमार, ससुर पूर्व प्रधान करमचंद्र, देवर संजीव कुमार उर्फ कल्लू, बृजेश को जेल भेज दिया गया है।
दिलदहलाने वाली घटना की तफ्तीश शुरू की गई तो आरोपियों की ओर से मामले में पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की गई। यहां तक पुलिस को बताया गया कि महिला कहीं चली गई है। उन्हें कुछ नहीं पता। पुलिस ने जब मृतका की बहन विद्यादेवी से पूछताछ करना शुरू किया तो उसे अहम क्लू मिलना शुरू हुए। इस पर बड़ी बेटी सारिका से जानकारी ली गई तो उसने इस घटना से परदा उठा दिया।
बेरहमी से महिला की हत्या करने के बाद भी कातिलों के चेहरे पर कोई शिकन नहीं था। उनका कहना था कि उन्हें इसका कोई पछतावा नहीं है। उनका कहना था कि आपसी विवाद में पुलिस बुला लेना ठीक नहीं था। आए दिन महिला विवाद करती थी। इसलिए उसे मार दिया। एएसपी ने वारदात का खुलासा करने वाले डीह थानेदार जेपी यादव समेत अन्य पुलिस कर्मियों को पुरस्कृत करने की बात कही।
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पुलिस कार्यालय में बुधवार को अपर पुलिस अधीक्षक नित्यानंद राय ने बताया कि प्रतापगढ़ जिले के सांगीपुर थाना क्षेत्र के गोपालपुर गांव की रहने वाली उर्मिला (27) की शादी 10 साल पहले रायबरेली जिले के डीह थाना क्षेत्र के पूरे उजागर मजरे डीह निवासी रविंद्र कुमार के साथ हुई थी। 4 जनवरी को पति ने अन्य लोगों के साथ मिलकर उर्मिला को फांसी पर लटकाकर मार दिया और फिर शव को जला दिया।
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10 जनवरी को थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई गई थी। इस पर थानेदार जेपी यादव ने जांच शुरू की थी। पूछताछ में मृतका की बड़ी बेटी सारिका ने बताया था कि पापा, बाबा और चाचा ने मिलकर उसकी मां की हत्या की है। एएसपी के मुताबिक 4 जनवरी को दिन में ही आरोपियों ने महिला का कत्ल कर दिया था। इसकी किसी को जानकारी न हो, इसलिए शव को घर के कमरे में छिपा दिया था।
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रात में महिला के शव को जला दिया था, पर जुर्म छिपता नहीं। मां की हत्या करते हुए उसकी बेटी सारिका ने देख लिया था। उन्होंने बताया कि शादी के बाद से ही मृतका और उसके पति में आपसी विवाद चल रहा था। एक दिन खाना बनाने के विवाद में महिला ने डायल 112 पुलिस को बुला लिया था। पति और ससुर पूर्व प्रधान ने इसे अपना अपमान समझा।
ससुर का कहना था कि हम गांव के पूर्व प्रधान हैं। हमारे घर पुलिस कैसे चली आई। इसे अपमान समझकर महिला को मौत के घाट उतार दिया। अपर पुलिस अधीक्षक ने बताया कि महिला की हत्या के मामले में पति रविंद्र कुमार, ससुर पूर्व प्रधान करमचंद्र, देवर संजीव कुमार उर्फ कल्लू, बृजेश को जेल भेज दिया गया है।
दिलदहलाने वाली घटना की तफ्तीश शुरू की गई तो आरोपियों की ओर से मामले में पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की गई। यहां तक पुलिस को बताया गया कि महिला कहीं चली गई है। उन्हें कुछ नहीं पता। पुलिस ने जब मृतका की बहन विद्यादेवी से पूछताछ करना शुरू किया तो उसे अहम क्लू मिलना शुरू हुए। इस पर बड़ी बेटी सारिका से जानकारी ली गई तो उसने इस घटना से परदा उठा दिया।
बेरहमी से महिला की हत्या करने के बाद भी कातिलों के चेहरे पर कोई शिकन नहीं था। उनका कहना था कि उन्हें इसका कोई पछतावा नहीं है। उनका कहना था कि आपसी विवाद में पुलिस बुला लेना ठीक नहीं था। आए दिन महिला विवाद करती थी। इसलिए उसे मार दिया। एएसपी ने वारदात का खुलासा करने वाले डीह थानेदार जेपी यादव समेत अन्य पुलिस कर्मियों को पुरस्कृत करने की बात कही।