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40 हजार से ज्यादा बच्चों के नहीं बने आधार, ऊंचाहार में काम ठप
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रायबरेली। भले ही बेसिक शिक्षा विभाग विद्यालयों में नामांकित बच्चों के आधार बनाने का काम युद्धस्तर पर करने का दावा कर रहा हो, फिर भी अभी जिले के 40 हजार बच्चों के पास आधार नहीं है।
यह हाल तब है, जब सभी ब्लॉक को किटें उपलब्ध कराई गई हैं। सब को आधार बनाने का काम शत-प्रतिशत पूरा करने का निर्देश बार-बार दिया जा रहा है, इसके बावजूद काम में तेजी नजर नहीं आई।
स्कूल बंद होने से काम बहुत धीमा हो गया है। ब्लॉक संसाधन केंद्रों पर लगाए जा रहे कैंपों में ज्यादा लोग नहीं पहुंच रहे हैं। ऊंचाहार में किट न होने के कारण आधार बनाने का काम ठप है।
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बेसिक शिक्षा विभाग के परिषदीय विद्यालयों में नामांकित सभी बच्चों के आधार बने, इसके लिए 30 आधार किटें उपलब्ध कराई गई थीं। किसी ब्लॉक को एक तो किसी को दो किट दी गई थीं।
इसमें से ऊंचाहार ब्लॉक को दी गई दो किट चोरी हो जाने की बात कही जा रही है। एक ब्लॉक में किट खराब होने की बात भी सामने आई है, लेकिन अधिकारी कह रहे हैं कि किट बनकर आ चुकी है।
आधार बनाने के काम में तेजी लाने के लिए छह किटों की डिमांड की गई है। जल्दी ही किटें मिलने की उम्मीद है। बीआरसी में बच्चों को ले जाकर आधार बनवाने के निर्देश दिए गए हैं।
बेसिक शिक्षा विभाग ने 30 अप्रैल 2022 को जिले में कक्षावार नामांकित छात्र-छात्राओं की संख्या का ब्योरा तैयार किया था। इसमें से कितने बच्चों के आधार बने, इसका ब्योरा भी कक्षावार बनाया था।
30 अप्रैल के आंकड़ों पर गौर करें तो कुल नामांकित छात्र-छात्राओं की संख्या दो लाख 73 हजार 437 थी, जिसमें से दो लाख 30 हजार 923 बच्चों के आधार बनाए जा चुके थे।
इसके बाद जैसे-जैसे नामांकन होते गए, वैसे-वैसे आधार बनाने का काम भी कराया जाता रहा। इस समय स्कूलों में ग्रीष्मावकाश चल रहा है, जिससे आधार बनाने का काम बहुत धीमा है। हालांकि ब्लॉक संसाधन केंद्रों में आधार बनाने के लिए कैंप लगाए जा रहे हैं।
जिले में छात्र-छात्राओं के आधार बनाने का काम 85 फीसदी पूरा हो गया है। बाकी बच्चों के आधार बनाने के लिए ब्लॉक संसाधन केंद्रों में कैंप लग रहे हैं। ऊंचाहार में किट न होने के कारण कैंप नहीं चल पा रहा है। छह किटों की और मांग की गई है। उम्मीद है कि ये किटें जल्दी मिल जाएंगी, जिससे काम में और तेजी आएगी।
- शिवेंद्र प्रताप सिंह, बीएसए
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यह हाल तब है, जब सभी ब्लॉक को किटें उपलब्ध कराई गई हैं। सब को आधार बनाने का काम शत-प्रतिशत पूरा करने का निर्देश बार-बार दिया जा रहा है, इसके बावजूद काम में तेजी नजर नहीं आई।
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स्कूल बंद होने से काम बहुत धीमा हो गया है। ब्लॉक संसाधन केंद्रों पर लगाए जा रहे कैंपों में ज्यादा लोग नहीं पहुंच रहे हैं। ऊंचाहार में किट न होने के कारण आधार बनाने का काम ठप है।
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बेसिक शिक्षा विभाग के परिषदीय विद्यालयों में नामांकित सभी बच्चों के आधार बने, इसके लिए 30 आधार किटें उपलब्ध कराई गई थीं। किसी ब्लॉक को एक तो किसी को दो किट दी गई थीं।
इसमें से ऊंचाहार ब्लॉक को दी गई दो किट चोरी हो जाने की बात कही जा रही है। एक ब्लॉक में किट खराब होने की बात भी सामने आई है, लेकिन अधिकारी कह रहे हैं कि किट बनकर आ चुकी है।
आधार बनाने के काम में तेजी लाने के लिए छह किटों की डिमांड की गई है। जल्दी ही किटें मिलने की उम्मीद है। बीआरसी में बच्चों को ले जाकर आधार बनवाने के निर्देश दिए गए हैं।
बेसिक शिक्षा विभाग ने 30 अप्रैल 2022 को जिले में कक्षावार नामांकित छात्र-छात्राओं की संख्या का ब्योरा तैयार किया था। इसमें से कितने बच्चों के आधार बने, इसका ब्योरा भी कक्षावार बनाया था।
30 अप्रैल के आंकड़ों पर गौर करें तो कुल नामांकित छात्र-छात्राओं की संख्या दो लाख 73 हजार 437 थी, जिसमें से दो लाख 30 हजार 923 बच्चों के आधार बनाए जा चुके थे।
इसके बाद जैसे-जैसे नामांकन होते गए, वैसे-वैसे आधार बनाने का काम भी कराया जाता रहा। इस समय स्कूलों में ग्रीष्मावकाश चल रहा है, जिससे आधार बनाने का काम बहुत धीमा है। हालांकि ब्लॉक संसाधन केंद्रों में आधार बनाने के लिए कैंप लगाए जा रहे हैं।
जिले में छात्र-छात्राओं के आधार बनाने का काम 85 फीसदी पूरा हो गया है। बाकी बच्चों के आधार बनाने के लिए ब्लॉक संसाधन केंद्रों में कैंप लग रहे हैं। ऊंचाहार में किट न होने के कारण कैंप नहीं चल पा रहा है। छह किटों की और मांग की गई है। उम्मीद है कि ये किटें जल्दी मिल जाएंगी, जिससे काम में और तेजी आएगी।
- शिवेंद्र प्रताप सिंह, बीएसए