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संजीवनी अस्पताल में गर्भपात के मनमानी की जांच दबी
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रायबरेली। शहर के संजीवनी नर्सिंग होम में महिला के गर्भपात और पेट में ऑपरेशन से संबंधित उपकरण का टुकड़ा छोड़ने के मामले की जांच स्वास्थ्य विभाग अब तक शुरू नहीं कर सका है।
हालांकि एसीएमओ का कहना है कि मामला गंभीर नहीं है। महिला को इससे कोई खतरा भी नहीं है। नर्सिंगहोम संचालक ने ऑपरेशन करके टुकड़े को निकालने का आश्वासन दिया है। इससे स्पष्ट है कि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की मंशा साफ नहीं दिख रही है।
अमेठी जिले की तिलोई तहसील के भदैया गांव निवासी मनोज अपनी गर्भवती पत्नी प्रियंका को एक सितंबर को इलाज के लिए शहर में संचालित संजीवनी नर्सिंगहोम में लाया था। डॉक्टर के कहने पर पत्नी का गर्भपात करवा दिया था।
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कई दिन बाद दिक्कत होने पर दोबारा जांच कराने पर पेट में ऑपरेशन के उपकरण का टुकड़ा होने की पुष्टि हो गई थी। पीड़ित ने पत्नी के साथ अस्पताल पहुंचकर हंगामा किया गया। नर्सिंग होम संचालक ने दोबारा ऑपरेशन करके टुकड़े को निशुल्क निकालने का आश्वासन दिया था।
मामला संज्ञान में आने के बाद सीएमओ ने एसीएमओ डॉ. अरविंद कुमार को जांच सौंप दी, लेकिन जांच अधिकारी मामले को दबाने में जुट गए हैं। बताते हैं कि अब तक संचालक को नोटिस देकर जवाब तक नहीं मांगा गया है। मामले को रफा-दफा करने का प्रयास किया जा रहा है।
संजीवनी नर्सिंगहोम के मामले में एसीएमओ को जांच दी गई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद मामले में कार्रवाई की जाएगी। हालांकि अस्पताल संचालक ने दोबारा ऑपरेशन किए जाने का वादा किया है।
डॉ. वीरेंद्र सिंह, सीएमओ
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हालांकि एसीएमओ का कहना है कि मामला गंभीर नहीं है। महिला को इससे कोई खतरा भी नहीं है। नर्सिंगहोम संचालक ने ऑपरेशन करके टुकड़े को निकालने का आश्वासन दिया है। इससे स्पष्ट है कि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की मंशा साफ नहीं दिख रही है।
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अमेठी जिले की तिलोई तहसील के भदैया गांव निवासी मनोज अपनी गर्भवती पत्नी प्रियंका को एक सितंबर को इलाज के लिए शहर में संचालित संजीवनी नर्सिंगहोम में लाया था। डॉक्टर के कहने पर पत्नी का गर्भपात करवा दिया था।
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कई दिन बाद दिक्कत होने पर दोबारा जांच कराने पर पेट में ऑपरेशन के उपकरण का टुकड़ा होने की पुष्टि हो गई थी। पीड़ित ने पत्नी के साथ अस्पताल पहुंचकर हंगामा किया गया। नर्सिंग होम संचालक ने दोबारा ऑपरेशन करके टुकड़े को निशुल्क निकालने का आश्वासन दिया था।
मामला संज्ञान में आने के बाद सीएमओ ने एसीएमओ डॉ. अरविंद कुमार को जांच सौंप दी, लेकिन जांच अधिकारी मामले को दबाने में जुट गए हैं। बताते हैं कि अब तक संचालक को नोटिस देकर जवाब तक नहीं मांगा गया है। मामले को रफा-दफा करने का प्रयास किया जा रहा है।
संजीवनी नर्सिंगहोम के मामले में एसीएमओ को जांच दी गई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद मामले में कार्रवाई की जाएगी। हालांकि अस्पताल संचालक ने दोबारा ऑपरेशन किए जाने का वादा किया है।
डॉ. वीरेंद्र सिंह, सीएमओ