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मकान की छत पर छाया जा रहा था छप्पर, छत ढही से 17 लोग घायल
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जगतपुर (रायबरेली)। कोतवाली क्षेत्र में मंगलवार को छप्पर उठाते समय एक मकान की छत भरभरा कर ढह गई। इससे छप्पर उठा रहे 15 लोग गिरकर घायल हो गए। इस घटना से गांव में अफरातफरी मच गई। ग्रामीणों ने मलबे में दबे लोगों को बाहर निकाला। घायलों को सीएचसी पहुंचाया।
पूरे गौतमन मजरे बैरीहार गांव निवासी गणेश शंकर को 30 साल पहले सरकारी आवास मिला था। दरवाजे पर छप्पर रखने के लिए उसने छत पर छप्पर छाया जा रहा था।
दोपहर में गणेश ग्रामीणों को बुलाकर छप्पर दरवाजे रखवा रहा था। छप्पर उठाते ही जर्जर छत भरभराकर ढह गई। इससे छत पर चढ़े लोग नीचे गिर गए। मलबे में दबे गणेश शंकर, कालिका प्रसाद, कुलदीप, सजीवन, सुरेश मौर्य, अंकित, रजत, अंकित, दीपचंद्र, कुलदीप, मनीष, रामचंद्र, सूरज, अरुण, अनूप, शिवबालक, शिवचंद को किसी तरह बाहर निकाला गया।
ग्रामीणों की मदद से घायलों को सीएचसी जगतपुर पहुंचाया गया जहां डॉक्टर सत्यपाल ने बताया कि सभी चोटिलों का प्राथमिक उपचार कर उन्हें घर भेजा गया। किसी के सिर में तो किसी के हाथ-पैर में चोटें आईं थीं। सभी की हालात सामान्य है।
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पूरे गौतमन मजरे बैरीहार गांव निवासी गणेश शंकर को 30 साल पहले सरकारी आवास मिला था। दरवाजे पर छप्पर रखने के लिए उसने छत पर छप्पर छाया जा रहा था।
दोपहर में गणेश ग्रामीणों को बुलाकर छप्पर दरवाजे रखवा रहा था। छप्पर उठाते ही जर्जर छत भरभराकर ढह गई। इससे छत पर चढ़े लोग नीचे गिर गए। मलबे में दबे गणेश शंकर, कालिका प्रसाद, कुलदीप, सजीवन, सुरेश मौर्य, अंकित, रजत, अंकित, दीपचंद्र, कुलदीप, मनीष, रामचंद्र, सूरज, अरुण, अनूप, शिवबालक, शिवचंद को किसी तरह बाहर निकाला गया।
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ग्रामीणों की मदद से घायलों को सीएचसी जगतपुर पहुंचाया गया जहां डॉक्टर सत्यपाल ने बताया कि सभी चोटिलों का प्राथमिक उपचार कर उन्हें घर भेजा गया। किसी के सिर में तो किसी के हाथ-पैर में चोटें आईं थीं। सभी की हालात सामान्य है।
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