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बिना जागरूकता कैसे पूरा होगा लक्ष्य
Raebareli
Updated Sun, 08 Jun 2014 05:31 AM IST
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रायबरेली। भले ही जिले में शिशु मृत्युदर कम करने के मकसद से स्वास्थ्य विभाग ने बाल स्वास्थ्य पोषण माह शुरू कर दिया हो लेकिन इसके लिए कोई जागरूकता कार्यक्रम नहीं चलाया गया। चार जून से शुरू हुए माह के दौरान अब तक करीब 10 से 15 हजार बच्चों को खुराक पिलाई गई है। इस साल विभाग ने 296511 बच्चों को विटामिन ए की खुराक देने का लक्ष्य रखा गया हो लेकिन जागरूकता की कमी से ये लक्ष्य पूरा हो पाएगा इसमें अंदेशा है।
शिशु मृत्युदर को कम करने के मकसद से चलाया गया बाल स्वास्थ्य पोषण माह में नौ महीने से पांच साल तक के बच्चों को विटामिन ए की खुराक पिलाई जाती है। इसके अलावा टीकाकरण भी होता है। इसके लिए वैक्सीन को कोल्ड चेन में रखना जरूरी है। लेकिन बिजली कटौती और गर्मी के कारण वैक्सीन को ठंडा रखने में भी विभाग को काफी मशक्कत करनी पड़ रह है। जिला अस्पताल में बच्चों के इलाज में इसलिए दिक्कत आती है क्योंकि वहां बच्चों के डॉक्टरों की कमी है। इस कारण अभिभावक सरकारी के बजाए निजी अस्पतालों में बच्चे को ले जाने को मजबूर हैं। चार जून से स्वास्थ्य विभाग बाल स्वास्थ्य पोषण माह चल रहा है। अब तक करीब 10 से 15 हजार बच्चों को खुराक पिलाई गई है। इसमें 296511 बच्चों को विटामिन ए की खुराक देने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए 2387 बोतल विटामिन ए उपलब्ध है। तेज गर्मी और बिजली की कटौती अधिक होने के कारण ग्रामीण क्षेत्र के अस्पतालों में वैक्सीन को पूरी तरह से ठंडा रखनेे में विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों को पसीना आ जा रहा है। जनरेटर चलाकर किसी तरह वैक्सीन को ठंडा रखा जा रहा है। अभियान को सफल बनाने के लिए कोई जागरूकता कार्यक्रम तक नहीं चलाया गया है।
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शिशु मृत्युदर को कम करने के मकसद से चलाया गया बाल स्वास्थ्य पोषण माह में नौ महीने से पांच साल तक के बच्चों को विटामिन ए की खुराक पिलाई जाती है। इसके अलावा टीकाकरण भी होता है। इसके लिए वैक्सीन को कोल्ड चेन में रखना जरूरी है। लेकिन बिजली कटौती और गर्मी के कारण वैक्सीन को ठंडा रखने में भी विभाग को काफी मशक्कत करनी पड़ रह है। जिला अस्पताल में बच्चों के इलाज में इसलिए दिक्कत आती है क्योंकि वहां बच्चों के डॉक्टरों की कमी है। इस कारण अभिभावक सरकारी के बजाए निजी अस्पतालों में बच्चे को ले जाने को मजबूर हैं। चार जून से स्वास्थ्य विभाग बाल स्वास्थ्य पोषण माह चल रहा है। अब तक करीब 10 से 15 हजार बच्चों को खुराक पिलाई गई है। इसमें 296511 बच्चों को विटामिन ए की खुराक देने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए 2387 बोतल विटामिन ए उपलब्ध है। तेज गर्मी और बिजली की कटौती अधिक होने के कारण ग्रामीण क्षेत्र के अस्पतालों में वैक्सीन को पूरी तरह से ठंडा रखनेे में विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों को पसीना आ जा रहा है। जनरेटर चलाकर किसी तरह वैक्सीन को ठंडा रखा जा रहा है। अभियान को सफल बनाने के लिए कोई जागरूकता कार्यक्रम तक नहीं चलाया गया है।
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