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आशीर्वाद योजना में चालकों की भर्ती निरस्त
Raebareli
Updated Sat, 22 Dec 2012 05:30 AM IST
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रायबरेली। दो महीने बाद हुई डीएचएस (डिस्ट्रिक हेल्थ सोसायटी) की बैठक में स्वास्थ्य विभाग में चल रही विभिन्न पदों की संविदा भर्तियों का मामला ही छाया रहा। मल्टी पर्पज वर्करों (एमपीडब्ल्यू) की भर्ती के लिए तैयार की गई सूची पर संदेह होने पर प्रभारी डीएम ने क्रॉस जांच कराने के निर्देश दिए। उन्होंने पूरी पत्रावली को तलब किया। इसके अलावा आशीर्वाद योजना की भर्ती प्रक्रिया के मामले में भी अनुमति न देकर फाइल को तलब कर लिया। चालकों की भर्ती को उन्होंने निरस्त करने के आदेश दिए। संविदा चिकित्सकों व अन्य कर्मियों को मानदेय देने के लिए बैठक में स्वीकृति दी गई। गुरुवार देर शाम बचत भवन में डीएचएस की बैठक प्रभारी डीएम डॉ. अख्तर रियाज की अध्यक्षता में हुई। यहां यह भी बताते चलें कि स्वास्थ्य विभाग में बिना कैटेगरी तय किए हो रही आशीर्वाद योजना की संविदा भर्तियाें को प्रभारी डीएम डॉ. अख्तर रियाज ने नियमों के विपरीत करार दिया था, जिसके बाद भर्तियां प्रभावित हो गई थी। बैठक में भर्ती प्रक्रिया को दोबारा शुरू कराने के लिए प्रयास किया गया। हालांकि प्रभारी डीएम ने स्वीकृति न देकर पत्रावली को तलब कर लिया। इसके अलावा अन्य संविदा भर्तियों पर भी उन्होंने पत्रावलियों को तलब कर लिया। राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत गांवों तक स्वास्थ्य सेवाओं को पहुंचाने के लिए रखे जाने वाले 96 मल्टी परपज वर्करों (एमपीडब्ल्यू) की सूची को तैयार कर बैठक में अनुमोदन के लिए पेश किया गया। हालांकि बैठक में अनुमोदन नहीं दिया गया। प्रभारी डीएम ने परियोजना निदेशक के माध्यम से सूची व पत्रावलियों को क्रॉस चेक करने के आदेश दिए। उन्होंने इस भर्ती प्रक्रिया के संबंध में भी पत्रावली तलब की है। चालकों की भर्ती के लिए टेंडर डाले गए थे। इस मामले में प्रभारी डीएम ने प्रक्रिया को मानक के विपरीत बताकर निरस्त करने के निर्देश दिए। बैठक में मानदेय पर काम करने वाले आयुष चिकित्सकों व अन्य कर्मियों को मानदेय देने के लिए अनुमति प्रदान की गई। इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अशोक कुमार गुप्ता, एनआरएचएम के नोडल अधिकारी डॉ. एके चौधरी, जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. भीखुल्लाह मौजूद रहे।
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