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हड़ताल जारी रखने पर आमसभा की मुहर
Raebareli
Updated Sat, 17 Nov 2012 12:00 PM IST
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रायबरेली। दीवानी कचहरी के वकील शुक्रवार को न्यायिक कार्य से विरत रहे। वकील साथी अधिवक्ता पर दुराचार की रिपोर्ट दर्ज होने से नाराज हैं। वकीलों की हड़ताल के चलते न्यायिक कार्य बाधित रहा। यही नहीं बाद में आमसभा ने हड़ताल जारी रखने और 17 नवंबर को भी कामकाज ठप रखने का फैसला सुनाया। सुबह सेंट्रल बार एसोसिएशन कार्यकारिणी ने साथी अधिवक्ता संत बहादुर सिंह के पत्र पर चर्चा की। पदाधिकारियों ने दुराचार के मामले में वकील की नामजदगी की निंदा की और मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की। सभी ने अधिवक्ता का नाम निकलवाने के लिए आवश्यक कार्यवाई करने की बात कही। साथ ही सर्वसम्मति से न्यायिक कार्य से विरत रहने का फैसला लिया गया। इसके बाद अधिवक्ताओं ने नारेबाजी करते हुए कचहरी परिसर में प्रदर्शन किया। हड़ताल के चलते अदालती कामकाज प्रभावित हुआ। मामले की गंभीरता को देखते हुए सेंट्रल बार ने अपराह्न दो बजे से आम सभा बुलाई। इसमें बार बार अध्यक्ष ओपी यादव, महामंत्री सुनील सिंह, उमानाथ सिंह, ओपी सिंह, राकेश सिंह राना, डीपी पाल, विनोद द्विवेदी आदि अधिवक्ताओं ने मुकदमा परिवादिनी के कृत्य की निंदा करते हुए साथी वकील के खिलाफ दर्ज मुकदमे को वापस लेने के लिए प्रशासनिक स्तर पर कार्यवाही करने की बात कही। सभी ने हड़ताल 17 नवंबर को भी जारी रखने का प्रस्ताव पास किया। साथ ही एक प्रतिनिधिमंडल को लखनऊ भेजकर मुख्यमंत्री व उच्च अधिकारियों के सामने सही तथ्य रखने का फैसला लिया गया। इस मौके पर दिनेश चंद्र गुप्ता, आशीष पांडेय, हरिश्चंद्र शर्मा, सुरेश कुमार चौधरी, अवधेश मौजूद रहे।
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