{"_id":"39034","slug":"Raebareli-39034-129","type":"story","status":"publish","title_hn":"मुख्यालय की टीम ने शुरू की घपले की जांच","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मुख्यालय की टीम ने शुरू की घपले की जांच
Raebareli
Updated Sun, 22 Jul 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रायबरेली। 25वीं वाहिनी पीएसी रायबरेली में कर्मचारी भविष्य निधि (जीपीएफ) में करीब एक करोड़ के घोटाले की जांच के लिए पुलिस हेड क्वार्टर (पीएचक्यू) इलाहाबाद की पांच सदस्यीय जांच टीम शनिवार को यहां पहुंची। टीम ने रायबरेली पहुंचकर घोटाले से जुड़े दस्तावेजों की पड़ताल शुरू कर दी है। टीम पिछले पांच वर्षों के अभिलेखों में खामियां खंगालेगी। यह जानने का प्रयास करेगी कि घोटाला कब, कैसे और कितना किया गया। इसमें कहीं विभागीय उच्चाधिकारियों का हाथ तो नहीं है। टीम के सदस्यों ने एसपी कार्यालय में एसपी-कमांडेंट से करीब एक घंटे तक गुफ्तगू की। उसने घोटाले से संबंधित तमाम जरूरी जानकारियां जुर्टाइं।
पिछले माह आडिट टीम की जांच में 25वीं वाहिनी पीएसी रायबरेली के कर्मचारियों की भविष्य निधि में घपला पकड़ा गया था। पुलिस ने पिछले एक जुलाई को पीएसी के हेड कांस्टेबल जितेंद्र कुमार त्रिपाठी को 23 लाख रुपयों के साथ गिरफ्तार करके जेल भेजा था। इसके बाद फिर करीब 29 लाख रुपए नकद और गाड़ियां बरामद की गई थीं। करीब एक करोड़ के घोटाले की आशंका होने पर पुलिस महकमे ने पुराने अभिलेखों को भी खंगालने का मूड बनाया। एसपी-कमांडेंट ने पीएचक्यू को चिट्ठी लिखकर जांच के लिए विशेष टीम गठित करने का अनुरोध किया था। एसपी-पीएसी कमांडेंट के अनुरोध पर पीएचक्यू ने पांच सदस्यीय जांच टीम गठित कर दी। इस टीम ने शनिवार को जिला मुख्यालय पहुंचकर जांच की औपचारिक शुरुआत कर दी। टीम के सदस्यों ने पुलिस अधीक्ष्ाक कार्यालय पहुंचकर कप्तान से मुलाकात की। करीब एक घंटे तक टीम ने उनसे जरूरी जानकारियां एकत्र कीं। अब तक की हुई रिकवरी व अन्य तमाम प्रकार की जानकारियां कप्तान ने टीम को उपलब्ध कराईं। पुलिस कप्तान ने बताया कि पीएचक्यू की स्पेशल टीम पीएसी के पिछले पांच वर्षों के अभिलेखों की जांच करेगी। आशंका है कि पुराने अभिलेखों में भी लाखों का खेल किया गया है। जांच में पुष्टि होने के बाद अन्य दोषियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
पिछले माह आडिट टीम की जांच में 25वीं वाहिनी पीएसी रायबरेली के कर्मचारियों की भविष्य निधि में घपला पकड़ा गया था। पुलिस ने पिछले एक जुलाई को पीएसी के हेड कांस्टेबल जितेंद्र कुमार त्रिपाठी को 23 लाख रुपयों के साथ गिरफ्तार करके जेल भेजा था। इसके बाद फिर करीब 29 लाख रुपए नकद और गाड़ियां बरामद की गई थीं। करीब एक करोड़ के घोटाले की आशंका होने पर पुलिस महकमे ने पुराने अभिलेखों को भी खंगालने का मूड बनाया। एसपी-कमांडेंट ने पीएचक्यू को चिट्ठी लिखकर जांच के लिए विशेष टीम गठित करने का अनुरोध किया था। एसपी-पीएसी कमांडेंट के अनुरोध पर पीएचक्यू ने पांच सदस्यीय जांच टीम गठित कर दी। इस टीम ने शनिवार को जिला मुख्यालय पहुंचकर जांच की औपचारिक शुरुआत कर दी। टीम के सदस्यों ने पुलिस अधीक्ष्ाक कार्यालय पहुंचकर कप्तान से मुलाकात की। करीब एक घंटे तक टीम ने उनसे जरूरी जानकारियां एकत्र कीं। अब तक की हुई रिकवरी व अन्य तमाम प्रकार की जानकारियां कप्तान ने टीम को उपलब्ध कराईं। पुलिस कप्तान ने बताया कि पीएचक्यू की स्पेशल टीम पीएसी के पिछले पांच वर्षों के अभिलेखों की जांच करेगी। आशंका है कि पुराने अभिलेखों में भी लाखों का खेल किया गया है। जांच में पुष्टि होने के बाद अन्य दोषियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन