फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Raebareli News ›   82 thousand children deprived of getting dress and sweater

ड्रेस व स्वेटर पाने से 82 हजार नौनिहाल वंचित

Tue, 04 Jan 2022 12:15 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Tue, 04 Jan 2022 12:15 AM IST
विज्ञापन
82 thousand children deprived of getting dress and sweater
रायबरेली। बेसिक शिक्षा विभाग के अफसरों की लापरवाही के चलते जिले के 82 हजार नौनिहालों को अब तक यूनिफार्म, स्वेटर, जूता-मोजा व स्कूल बैग की रकम नहीं मिल सकी है। इनमें सबसे ज्यादा दिक्कत सस्पेक्टेड डाटा और नॉन-सीडेड बैंक खातों को लेकर आ रही है जिसकी वजह से तीसरे चरण की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पा रही है। बेसिक शिक्षा निदेशक का पत्र आने के बाद नए सिरे से रणनीति तैयार करके प्रक्रिया को पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है जिसमें अभी समय लग सकता है।
विज्ञापन

कक्षा एक से आठ तक के छात्र-छात्राओं के लिए इस बार यूनिफार्म, स्वेटर, जूता-मोजा व स्कूल बैग खरीदने के लिए 1100 रुपये की रकम उनके माता-पिता या अभिभावकों के बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से भेजी जा रही है। जिले में पंजीकृत छात्र-छात्राओं की संख्या दो लाख 90 हजार 521 है। अब तक दो चरणों में दो लाख आठ हजार से अधिक छात्र-छात्राओं को लाभान्वित कराया जा चुका है। यानी कि इन बच्चों के अभिभावकों को 11-11 सौ रुपये की धनराशि भेजी जा चुकी है।
विज्ञापन

अभी भी 82 हजार से अधिक छात्र-छात्राओं को लाभ मिलना बाकी है। इनमें करीब 31 हजार नॉन-सीडेड बैंक खाते और लगभग 24 हजार सस्पेक्टेड डाटा भी शामिल हैं। साथ ही विद्यालय स्तर पर करीब साढ़े छह हजार और बीईओ के स्तर पर लगभग साढ़े तीन हजार बच्चों का डाटा लंबित है।
विज्ञापन
विज्ञापन

एक हफ्ते पहले शिक्षा निदेशक (बेसिक) डॉ. सर्वेंद्र विक्रम बहादुर सिंह ने नॉन-सीडेड बैंक खातों और सस्पेक्टेड डाटा को लेकर जिले के विभागीय अधिकारियों को फटकार लगाई थी। इस पत्र के साथ पूरे प्रदेश की सूची भी भेजी गई थी जिसमें यहां 24341 सस्पेक्टेड डाटा और 31539 नॉन-सीडेड डाटा दर्शाया गया था।
निदेशक का कहना रहा कि जिला स्तर पर खंड शिक्षा अधिकारियों और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने समुचित अनुश्रवण और समीक्षा नहीं की। योजना के क्रियान्वयन में शिथिलता बरती गई। यह स्थिति ठीक नहीं है। उन्होंने बीएसए को एक सप्ताह के अंदर डाटा ठीक कराने की चेतावनी दी थी लेकिन अब तक काम पूरा नहीं हो सका है।
सस्पेक्टेड और नॉन-सीडेड डाटा जल्दी सुधर सके, इसके लिए रणनीति बनाई गई है। इसके तहत सभी खंड शिक्षा अधिकारियों से कहा गया है कि वे विद्यालयों से संपर्क कर डाटा सुधार में आने वाली समस्या का समाधान करें। अगर कोई दिक्कत आए तो जिला मुख्यालय से मदद लें।
बीएसए कार्यालय में जिला समन्वयक (एमआईएस) अविलय सिंह और जिला समन्वयक (सामुदायिक) डॉ. संजीव गुप्ता को जिम्मेदारी सौंपी गई है कि वे विद्यालय स्तर पर आने वाली तकनीकी समस्या का समाधान करने के लिए प्रधानाध्यापकों को टिप्स देंगे ताकि जल्द से जल्द काम पूरा किया जा सके।

बीएसए शिवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि तीसरे चरण की प्रक्रिया चल रही है। सस्पेक्टेड और नॉन-सीडेड मामलों का निस्तारण कराने के निर्देश खंड शिक्षा अधिकारियों को दिए गए हैं। पिछले तीन दिन में लगभग आठ हजार डाटा सही कराए गये हैं। अगले तीन-चार दिन में सभी लंबित डाटा में सुधार कर डीबीटी प्रक्रिया को पूरा कराने का प्रयास होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed