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अफसरों की निगरानी में चला राहत कार्य-जीएम

Sat, 04 Nov 2017 01:18 AM IST
Updated Sat, 04 Nov 2017 01:18 AM IST
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अफसरों की निगरानी में चला राहत कार्य-जीएम
एनटीपीसी नहीं बता रहा, कहां गए सैकड़ों मजदूर
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रायबरेली। ऊंचाहार परियोजना में हादसे के बाद एनटीपीसी प्रबंधन लगातार श्रमिकों की शिनाख्त मिटाने एवं छिपाने की जुगत में जुटा है। अब तक घोषित किए गए मृतकों और घायलों की संख्या एक सैकड़ा से अधिक नहीं है, लेकिन इस बात पर किसी को भी यकीन नहीं हो रहा है कि घटना में कितने लोग बचे हैं और कितने लोग उस समय कार्यरत थे। हादसे के वक्त यूनिट में काम कर रहे सैकड़ों मजदूर कहां गए, प्रबंधन यह नहीं बता रहा है।
अभी तक यह संभावना जताई जा रही थी कि घटना के समय यूनिट में 450 से अधिक लोग कार्यरत थे, लेकिन अब यह कहा जा रहा है कि यूनिट में अधिकारियों व श्रमिकों की संख्या डेढ़ हजार से ऊपर थी। जैसे-जैसे परिवारीजन यहां पहुंच रहे हैं, श्रमिकों के लापता होने की बात सामने आ रही है। इससे जाहिर हो रहा है कि कहीं न कहीं मरने वालों की संख्या काफी अधिक है और एनटीपीसी प्रबंधन इसे छिपाने के लिए शिनाख्त मिटाने की कोशिश में जुटा हुआ है। घटनास्थल का मंजर तो यही बयान कर रहा है कि मौके पर कार्यरत लोगों में किसी के भी बचने की उम्मीद नहीं है। भाकपा माले के वरिष्ठ नेता एवं सबल मजदूर संघ के अध्यक्ष का. विजय विद्रोही तो साफ तौर पर कहते हैं कि सैकड़ों श्रमिक अभी लापता हैं, जिनके बारे में एनटीपीसी प्रबंधन कोई जानकारी उपलब्ध नहीं करा रहा है। उनका दावा है कि दुर्घटना के समय यूनिट नंबर छह में 1650 मजदूर कार्यरत थे। प्रबंधन को वहां काम कर रहे मजदूरों की सूची सार्वजनिक करनी चाहिए। उन्होंने दुर्घटना की जांच के लिए हाईकोर्ट के न्यायाधीश की अध्यक्षता में आयोग का गठन किए जाने की मांग की है।
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अफसरों की निगरानी में चला राहत कार्य : जीएम
रायबरेली। एनटीपीसी के जीएम आरके सिन्हा का कहना है कि हादसे के बाद स्थानीय तहसील प्रशासन, उसके बाद जिला प्रशासन और फिर लखनऊ के अधिकारी यहां पहुंच गए थे। ऐसे में किसी तरह की गड़बड़ी करना कैसे मुमकिन है। एक यूनिट में काम करने वाले श्रमिक या कर्मचारी दूसरी यूनिट में भी आ जा सकते हैं। ऐसे में यह कहना कि यूनिट में कितने लोग काम कर रहे थे, मुश्किल है। इतना जरूर है कि जोे भी हुआ है, वह सब अधिकारियों के सामने हुआ है, ऐसे में किसी को गायब करना या कुछ गड़बड़ करना संभव ही नहीं है। उनका कहना है कि एनटीपीसी को बदनाम करने के लिए अफवाह फैलाई जा ही है।
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एनटीपीसी का दावा, सिर्फ 80 लोग चपेट में आए
रायबरेली। एनटीपीसी ऊँचाहार के प्रबंधक जनसंपर्क अनिल कुमार श्रीवास्तव ने शुक्रवार को जारी विज्ञप्ति में 500 मेगावाट क्षमता वाली नवीन विद्युत इकाई के बायलर क्षेत्र में हुए घटनाक्रम का अपडेट की जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि हादसे में कुल 80 लोग घायल हुए थे, जिनमें से 32 लोगों की मौत हो गई और सभी की शिनाख्त कर ली गई है। शेष 48 घायलों का इलाज चल रहा है। इनमें से 13 घायलों को बेहतर चिकित्सा के लिए लखनऊ भेजा गया था।
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