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अकुशल प्रबंधन के कारण हुआ था एनटीपीसी हादसा
Updated Sun, 12 Nov 2017 11:47 PM IST
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अकुशल प्रबंधन के कारण हुआ था एनटीपीसी हादसा
रायबरेली। इंटक के प्रांतीय नेता डीएस मिश्रा, सीटू के जिलाध्यक्ष खुशीराम चौधरी, हिंद मजदूर सभा के जिला महामंत्री अरविंद सिंह राठौर एवं भारतीय मजदूर संघ के शिवबालक जोशी ने रविवार को जारी बयान में कहा है कि एनटीपीसी में अकुशल प्रबंधन के कारण भीषण हादसा हुआ था। प्रबंधन को स्थानांतरित न किया जाना श्रमिक विरोधी है।
इन मजदूर नेताओं ने कहा कि कौन-कौन श्रमिक कब से कार्य कर रहा थे, किन संविदाकारों के माध्यम से कितने श्रमिकों का सीआईएसएफ. ने गेटपास जारी किया था। इन बिंदुओं पर भी जांच की जानी चाहिए। ताकि ईपीएफ. से मिलने वाली सहायता राशि का लाभ मृतक श्रमिकों के आश्रितों को दिलाया जा सके। ईपीएफ., ईएसआई जैसी कल्याणकारी योजनाएं नियोजन तिथि से ही लागू हो जाती हैं, किंतु दुखद है कि इन योजनाओं का भी खुला उल्लंघन हुआ है। इसके अलावा कारखाना अधिनियम 1948 एवं प्रवासी कर्मकार अधिनियम का भी उल्लंघन हुआ है। इन मजदूर नेताओं ने जांच की धीमी प्रक्रिया पर असंतोष जताया और कहा कि जांच निष्पक्ष होगी, इस पर भी संदेह है। उन्होंने उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों से जांच कराने की मांग की है।
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रायबरेली। इंटक के प्रांतीय नेता डीएस मिश्रा, सीटू के जिलाध्यक्ष खुशीराम चौधरी, हिंद मजदूर सभा के जिला महामंत्री अरविंद सिंह राठौर एवं भारतीय मजदूर संघ के शिवबालक जोशी ने रविवार को जारी बयान में कहा है कि एनटीपीसी में अकुशल प्रबंधन के कारण भीषण हादसा हुआ था। प्रबंधन को स्थानांतरित न किया जाना श्रमिक विरोधी है।
इन मजदूर नेताओं ने कहा कि कौन-कौन श्रमिक कब से कार्य कर रहा थे, किन संविदाकारों के माध्यम से कितने श्रमिकों का सीआईएसएफ. ने गेटपास जारी किया था। इन बिंदुओं पर भी जांच की जानी चाहिए। ताकि ईपीएफ. से मिलने वाली सहायता राशि का लाभ मृतक श्रमिकों के आश्रितों को दिलाया जा सके। ईपीएफ., ईएसआई जैसी कल्याणकारी योजनाएं नियोजन तिथि से ही लागू हो जाती हैं, किंतु दुखद है कि इन योजनाओं का भी खुला उल्लंघन हुआ है। इसके अलावा कारखाना अधिनियम 1948 एवं प्रवासी कर्मकार अधिनियम का भी उल्लंघन हुआ है। इन मजदूर नेताओं ने जांच की धीमी प्रक्रिया पर असंतोष जताया और कहा कि जांच निष्पक्ष होगी, इस पर भी संदेह है। उन्होंने उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों से जांच कराने की मांग की है।
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