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धन्नीपुर गांव में पांव पसार रहा है डेंगू
Updated Mon, 15 Oct 2018 12:50 AM IST
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लालगंज (रायबरेली)। धन्नीपुर में डेंगू के पांच मरीज मिलने से हड़कंप मच गया है। इन सभी का लखनऊ के अस्पताल में इलाज चल रहा है।
बुखार से पीड़ित लोगों की जांच में डेंगू के लक्षण पाए गए हैं। इसके बाद भी स्वास्थ्य विभाग की ओर गांव में न तो कोई जांच टीम भेजी गई है और न ही फॉगिंग के इंतजाम हुए हैं। जिले में अब तक 36 मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई है।
धन्नीपुर निवासी बाहुल सिंह, रंजीत सिंह, मोनू, कल्लू व विकास को कई दिनों से बुखार आ रहा था। इन लोगों ने पहले पास के ही डॉक्टरों से दवा ली लेकिन आराम नहीं मिला।
इसके बाद सभी ने लखनऊ में जांच कराई। खून की जांच में डेंगू की पुष्टि होने पर सभी को लखनऊ के श्यामा प्रसाद मुखर्जी अस्पताल (सिविल अस्पताल) में भर्ती कराया गया।
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यहां हुई जांच में बाहुल की प्लेटलेट्स काउंट 35 हजार, रंजीत की 18 हजार, मोनू की आठ हजार व कल्लू की 17 हजार निकलीं।
बाहुल की सेहत में कुछ सुधार होने पर रविवार को उन्हें छुट्टी दे दी गई है। गांव में डेंगू के पांच मरीज मिलने से ग्रामीण डरे हुए हैं।
ग्रामीणों की माने तो स्वास्थ्य विभाग की ओर से न तो कोई टीम आई है और न ही दवा का छिड़काव किया गया है। जिससे लोगों में आक्रोश है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक डॉ. अनवारुल हक ने बताया कि उन्हें ऐसी कोई सूचना नहीं दी गई है। डेंगू के लिए जिले में एक टीम का गठन किया जाता है। वह टीम गांव पहुंचकर परीक्षण करती है। परीक्षण के बाद बुखार से पीड़ित मरीजों व उनके परिवारीजनों को दवा दी जाती है।
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बुखार से पीड़ित लोगों की जांच में डेंगू के लक्षण पाए गए हैं। इसके बाद भी स्वास्थ्य विभाग की ओर गांव में न तो कोई जांच टीम भेजी गई है और न ही फॉगिंग के इंतजाम हुए हैं। जिले में अब तक 36 मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई है।
धन्नीपुर निवासी बाहुल सिंह, रंजीत सिंह, मोनू, कल्लू व विकास को कई दिनों से बुखार आ रहा था। इन लोगों ने पहले पास के ही डॉक्टरों से दवा ली लेकिन आराम नहीं मिला।
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इसके बाद सभी ने लखनऊ में जांच कराई। खून की जांच में डेंगू की पुष्टि होने पर सभी को लखनऊ के श्यामा प्रसाद मुखर्जी अस्पताल (सिविल अस्पताल) में भर्ती कराया गया।
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यहां हुई जांच में बाहुल की प्लेटलेट्स काउंट 35 हजार, रंजीत की 18 हजार, मोनू की आठ हजार व कल्लू की 17 हजार निकलीं।
बाहुल की सेहत में कुछ सुधार होने पर रविवार को उन्हें छुट्टी दे दी गई है। गांव में डेंगू के पांच मरीज मिलने से ग्रामीण डरे हुए हैं।
ग्रामीणों की माने तो स्वास्थ्य विभाग की ओर से न तो कोई टीम आई है और न ही दवा का छिड़काव किया गया है। जिससे लोगों में आक्रोश है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक डॉ. अनवारुल हक ने बताया कि उन्हें ऐसी कोई सूचना नहीं दी गई है। डेंगू के लिए जिले में एक टीम का गठन किया जाता है। वह टीम गांव पहुंचकर परीक्षण करती है। परीक्षण के बाद बुखार से पीड़ित मरीजों व उनके परिवारीजनों को दवा दी जाती है।