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एनटीपीसी हादसा : एक्सपर्ट टीम की पड़ताल के बाद चलेगी यूनिट छह
Updated Fri, 10 Nov 2017 12:34 AM IST
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एक्सपर्ट टीम की पड़ताल के बाद चलेगी यूनिट छह
रायबरेली। एनटीपीसी ऊंचाहार की सबसे बड़ी 500 मेगावाट की यूनिट नंबर छह में बिजली उत्पादन कब शुरू होगा। यह सवाल न सिर्फ अधिकारियों, बल्कि हर किसी की जुबान पर है। इस यूनिट की उच्च स्तरीय जांच चल रही है, जो एक महीने में रिपोर्ट देगी कि इस हादसे की वजह क्या रही। इसके बाद दिल्ली से अधिकारियों की एक्सपर्ट टीम आएगी। यह टीम यूनिट को चलाने की हरी झंडी देगी, तभी इसका संचालन संभव हो पाएगा। फिलहाल जांच रिपोर्ट आने के बाद ही बॉयलर विस्फोट में क्षतिग्रस्त हुए उपकरणों को बदलकर नया लगाने की प्रक्रिया शुरू हो सकती है। इसके संचालन में अभी काफी वक्त लगने की संभावना जताई जा रही है।
एनटीपीसी ऊंचाहार अपने आप में कई उपलब्धियां समेटे हुए हैं, लेकिन 1 नवंबर की शाम इस यूनिट के लिए बुरी खबर रही, जब हादसे में कई लोग मारे गए और काफी लोग घायल हुए। इस हादसे के बाद से जहां मजिस्ट्रेटी जांच के साथ-साथ दिल्ली से आई उच्च स्तरीय टीम घटना के कारणों की तलाश कर रही है। अब तक की जांच में टीम ने न सिर्फ कई राउंड घटना स्थल की पड़ताल की, बल्कि अधिकारियों से लेकर श्रमिकों तक से पूछताछ करने के साथ उनके बयान दर्ज किए। इतना सब होने के बाद सबसे बड़ी 500 मेगावाट की यूनिट के चलने को लेकर कयास लगाए जा रहे हैं। एनटीपीसी के पीआरओ एके श्रीवास्तव का कहना है कि एक महीने तो जांच ही चलेगी। इसके बाद उपकरण बदले जाएंगे और फिर एक्सपर्ट टीम पड़ताल करके यूनिट चलाने को हरी झंडी देगी। इस सब में काफी वक्त लगेगा। यह कहना मुश्किल है कि इस कार्य में कितने महीने लग जाएंगे।
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रायबरेली। एनटीपीसी ऊंचाहार की सबसे बड़ी 500 मेगावाट की यूनिट नंबर छह में बिजली उत्पादन कब शुरू होगा। यह सवाल न सिर्फ अधिकारियों, बल्कि हर किसी की जुबान पर है। इस यूनिट की उच्च स्तरीय जांच चल रही है, जो एक महीने में रिपोर्ट देगी कि इस हादसे की वजह क्या रही। इसके बाद दिल्ली से अधिकारियों की एक्सपर्ट टीम आएगी। यह टीम यूनिट को चलाने की हरी झंडी देगी, तभी इसका संचालन संभव हो पाएगा। फिलहाल जांच रिपोर्ट आने के बाद ही बॉयलर विस्फोट में क्षतिग्रस्त हुए उपकरणों को बदलकर नया लगाने की प्रक्रिया शुरू हो सकती है। इसके संचालन में अभी काफी वक्त लगने की संभावना जताई जा रही है।
एनटीपीसी ऊंचाहार अपने आप में कई उपलब्धियां समेटे हुए हैं, लेकिन 1 नवंबर की शाम इस यूनिट के लिए बुरी खबर रही, जब हादसे में कई लोग मारे गए और काफी लोग घायल हुए। इस हादसे के बाद से जहां मजिस्ट्रेटी जांच के साथ-साथ दिल्ली से आई उच्च स्तरीय टीम घटना के कारणों की तलाश कर रही है। अब तक की जांच में टीम ने न सिर्फ कई राउंड घटना स्थल की पड़ताल की, बल्कि अधिकारियों से लेकर श्रमिकों तक से पूछताछ करने के साथ उनके बयान दर्ज किए। इतना सब होने के बाद सबसे बड़ी 500 मेगावाट की यूनिट के चलने को लेकर कयास लगाए जा रहे हैं। एनटीपीसी के पीआरओ एके श्रीवास्तव का कहना है कि एक महीने तो जांच ही चलेगी। इसके बाद उपकरण बदले जाएंगे और फिर एक्सपर्ट टीम पड़ताल करके यूनिट चलाने को हरी झंडी देगी। इस सब में काफी वक्त लगेगा। यह कहना मुश्किल है कि इस कार्य में कितने महीने लग जाएंगे।
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