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कृषि उपकरण खरीद को नहीं लगाना पड़ेगा चक्कर

Tue, 20 Jun 2017 11:52 PM IST
Updated Tue, 20 Jun 2017 11:52 PM IST
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कृषि उपकरण खरीद को नहीं लगाना पड़ेगा चक्कर
कृषि उपकरण खरीद को नहीं लगाने पड़ेंगे चक्कर
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- अब एसएमएस के जरिए दी जाएगी अन्नदाताओं को सूचना
- पंजीकरण कराने के बाद 30 दिन के अंदर लेना होगा उपकरण
- न खरीदने पर वेटिंग चल रहे किसान को इसका लाभ मिल सकेगा
अमर उजाला ब्यूरो
रायबरेली। जिले के तीन लाख 85 हजार किसानों को पंजीकरण कराने के बाद कृषि उपकरण खरीद के लिए उन्हें विभागीय कार्यालय के चक्कर काटने नहीं पड़ेंगे। अब एसएमएस के जरिए इसकी सूचना दी जाएगी। खास बात ये है कि 30 दिन के अंदर किसान को उपकरण खरीदना होगा। ऐसा न करने पर वेटिंग चल रहे किसान को कृषि उपकरण का लाभ दिया जाएगा।
कृषि यंत्र की खरीद व अनुदान में पारदर्शिता लाने के लिए सरकार ने नई व्यवस्था शुरू की है। इसके तहत कृषि यंत्र खरीदने के लिए किसानों को पहले कृषि कार्यालय में पंजीकरण कराना होगा। इसके बाद पंजीकरण कराने वाले किसान के मोबाइल पर संबंधित कृषि उपकरण चयन का एसएमएस आएगा। इस प्रक्रिया के बाद उप कृषि निदेशक संबंधित किसान का स्वीकृति पत्र ऑनलाइन जारी किया जाएगा। इसके 30 दिन के अंदर किसान को कृषि यंत्र खरीदना होगा। कृषि उपकरण की खरीद के बाद किसानों को कृषि यंत्र खरीद की रसीद उप निदेशक कार्यालय में जमा करनी होगी।
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उप कृषि निदेशक महेंद्र सिंह के मुताबिक 10 हजार रुपये से कम के कृषि यंत्र का सत्यापन ग्रुप-3 के प्राविधिक सहायक व एडीओ एग्रीकल्चर करेंगे। वहीं 10 हजार से महंगे कृषि यंत्रों का सत्यापन उप संभागीय कृषि प्रसार अधिकारी, जिला कृषि अधिकारी, जिला कृषि रक्षा अधिकारी करेंगे। सत्यापन करने वाले अधिकारी स्वयं मौके पर जाएंगे और कृषि यंत्र की फोटो करेंगे। इसके फोटो भी ऑनलाइन अपलोड करेंगे। उप कृषि निदेशक का कहना है कि यदि कोई किसान पंजीकरण कराने के बाद कृषि यंत्र नहीं खरीदता है तो वेटिंग चल रहे किसान को कृषि यंत्र का लाभ दिया जाएगा।
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इनसेट
आधार कार्ड से जोड़े जा रहे पंजीकरण कराने वाले किसान
उप कृषि निदेशक महेंद्र सिंह ने बताया कि विभाग में जिन किसानों ने अपना पंजीकरण कराया है, उन किसानों को आधार कार्ड से जोड़ा जा रहा है। नए पंजीकरण बिना आधार कार्ड के नहीं किए जा रहे हैं। उनका कहना है कि किसानों के लिए पंजीकरण कराना जरूरी है। पंजीकरण कराने पर कृषि यंत्र या फिर बीज की खरीद पर अनुदान की राशि संबंधित किसान के सीधे खाते में भेजी जाती है। इसका लाभ किसान उठाएं।

इनसेट
अब खाते में भेजा जाएगा अनुदान
जिला कृषि अधिकारी सतीश पांडेय ने कहा है कि शासन की ओर से कृषि यंत्र, बीज समेत अन्य खरीद को किसी तरह की मनमानी न हो, इसका पूरा ख्याल रखा जा रहा है। अब कीटनाशक दवा खरीद पर किसान को पूरा रुपया जमा करना होगा। इसके बाद दवा की अनुदान राशि सीधे उसके खाते में भेजी जाएगी। अनुदान पर कीटनाशक दवा का लाभ उन्हीं किसानों को मिलता है, जिनका पंजीकरण होता है। इसलिए किसान हर हाल में अपना पंजीकरण करा लें।
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