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अवैध निर्माण पर शासन ने तलब की आरडीए से रिपोर्ट
Updated Thu, 15 Feb 2018 11:17 PM IST
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अवैध निर्माण पर शासन ने तलब की आरडीए से रिपोर्ट
रायबरेली। शहर में अवैध निर्माण के मामले में आवास एवं शहरी नियोजन विभाग के सचिव ने आरडीए से पूरी रिपोर्ट तलब की है।
अवैध निर्माण के खिलाफ अब तक की गई कार्रवाई के साथ ही लंबित मामलों के संबंध में भी बिंदुवार रिपोर्ट मांगी है। पत्र आने के बाद आरडीए में हड़कंप मच गया है।
शहर में अवैध निर्माण, कंपाउंडिंग, सीलिंग और ध्वस्तीकरण से संबंधित करीब 2416 मुकदमों का निपटारा आरडीए कर पाने में नाकाम है।
यहां तक आदेश के बाद भी 73 अवैध भवनों को अब तक ध्वस्त नहीं किया गया है। आरडीए के अधिकारी मुकदमों को खत्म करने के लिए कठोर कदम नहीं उठा रहे हैं। मुकदमों की सही ढंग से सुनवाई न होने के कारण संख्या लगातार बढ़ती ही जा रही है।
मामले में आवास एवं शहरी नियोजन विभाग के सचिव ने पूरी रिपोर्ट मांगी है। अब तक कितने चालान हुए। कितने भवनों को सील किया गया। कितने भवनों में कंपाउंडिंग जमा कराई गई सहित कई बिंदुओं की रिपोर्ट मांगी है।
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रायबरेली। शहर में अवैध निर्माण के मामले में आवास एवं शहरी नियोजन विभाग के सचिव ने आरडीए से पूरी रिपोर्ट तलब की है।
अवैध निर्माण के खिलाफ अब तक की गई कार्रवाई के साथ ही लंबित मामलों के संबंध में भी बिंदुवार रिपोर्ट मांगी है। पत्र आने के बाद आरडीए में हड़कंप मच गया है।
शहर में अवैध निर्माण, कंपाउंडिंग, सीलिंग और ध्वस्तीकरण से संबंधित करीब 2416 मुकदमों का निपटारा आरडीए कर पाने में नाकाम है।
यहां तक आदेश के बाद भी 73 अवैध भवनों को अब तक ध्वस्त नहीं किया गया है। आरडीए के अधिकारी मुकदमों को खत्म करने के लिए कठोर कदम नहीं उठा रहे हैं। मुकदमों की सही ढंग से सुनवाई न होने के कारण संख्या लगातार बढ़ती ही जा रही है।
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मामले में आवास एवं शहरी नियोजन विभाग के सचिव ने पूरी रिपोर्ट मांगी है। अब तक कितने चालान हुए। कितने भवनों को सील किया गया। कितने भवनों में कंपाउंडिंग जमा कराई गई सहित कई बिंदुओं की रिपोर्ट मांगी है।
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