{"_id":"5a623d3b4f1c1b81268b54bd","slug":"51516387643-raebareli-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"जिला अस्पताल में इलाज के लिए दो घंटे तड़पता रहा रोगी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जिला अस्पताल में इलाज के लिए दो घंटे तड़पता रहा रोगी
Updated Sat, 20 Jan 2018 12:17 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मौत के बाद पहुंचे डॉक्टर, भड़के लोगों का वार्ड में हंगामा
रायबरेली। जिला अस्पताल में इलाज के नाम पर मनमानी का एक और मामला सामने आया है। इमरजेंसी में एक डॉक्टर ने बाजार से 307 रुपये का इंजेक्शन मंगवाकर रोगी को लगाया और उसे वार्ड तीन में भर्ती कर दिया।
करीब दो घंटे तक मरीज इलाज के लिए तड़पता रहा, लेकिन फिजीशियन डॉक्टर उसे देखने नहीं पहुंचा। रोगी की मौत के बाद परिवारीजनों व अन्य लोगाें का गुस्सा भड़क गया।
नाराज लोगों ने वार्ड तीन में ही हंगामा और प्रदर्शन शुरू कर दिया। करीब आधे घंटे तक चले बवाल के बाद जिला अस्पताल के रजिस्टर पर डॉक्टर व स्टाफ नर्स की लापरवाही से मौत की बात लिखकर शव को रिसीव कर परिवारीजन घर चले गए। परिवारीजनों ने सीएमओ से मामले की जांच कराकर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
विज्ञापन
सदर कोतवाली क्षेत्र के जैतूपुर निवासी शीवेंद्र नाथ शर्मा (70) को शुक्रवार दोपहर जिला अस्पताल की इमरजेंसी लाया गया।
आरोप है कि इमरजेंसी के चिकित्सक ने मरीज को देखा तक नहीं और बाजार से 307 रुपये कीमत का एक इंजेक्शन लगाकर वार्ड में भर्ती कर दिया। लेकिन इलाज नहीं किया।
करीब पौने पांच बजे रोगी की मौत के बाद परिवारीजनों और अन्य लोगों का गुस्सा भड़क गया। वार्ड में ही सभी ने हंगामे के साथ ही प्रदर्शन करना शुरू कर दिया।
मृत शीवेंद्र के बेटे संदीप शर्मा व रवि शर्मा का आरोप है कि इमरजेंसी से ही पिता के इलाज में लापरवाही बरती गई। जब हालत गंभीर थी तो रोगी को लखनऊ क्यों रेफर नहीं किया गया।
वार्ड में भी स्टाफ नर्स ने इलाज नहीं किया। बाजार से 307 रुपये का इंजेक्शन मंगवाकर लगाया गया। फिजीशियन डॉक्टर भी रोगी को देखने के लिए नहीं पहुंचा। परिवारीजनों ने सीएमओ से मामले की जांच कराकर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की।
विज्ञापन
रायबरेली। जिला अस्पताल में इलाज के नाम पर मनमानी का एक और मामला सामने आया है। इमरजेंसी में एक डॉक्टर ने बाजार से 307 रुपये का इंजेक्शन मंगवाकर रोगी को लगाया और उसे वार्ड तीन में भर्ती कर दिया।
करीब दो घंटे तक मरीज इलाज के लिए तड़पता रहा, लेकिन फिजीशियन डॉक्टर उसे देखने नहीं पहुंचा। रोगी की मौत के बाद परिवारीजनों व अन्य लोगाें का गुस्सा भड़क गया।
विज्ञापन
नाराज लोगों ने वार्ड तीन में ही हंगामा और प्रदर्शन शुरू कर दिया। करीब आधे घंटे तक चले बवाल के बाद जिला अस्पताल के रजिस्टर पर डॉक्टर व स्टाफ नर्स की लापरवाही से मौत की बात लिखकर शव को रिसीव कर परिवारीजन घर चले गए। परिवारीजनों ने सीएमओ से मामले की जांच कराकर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
विज्ञापन
सदर कोतवाली क्षेत्र के जैतूपुर निवासी शीवेंद्र नाथ शर्मा (70) को शुक्रवार दोपहर जिला अस्पताल की इमरजेंसी लाया गया।
आरोप है कि इमरजेंसी के चिकित्सक ने मरीज को देखा तक नहीं और बाजार से 307 रुपये कीमत का एक इंजेक्शन लगाकर वार्ड में भर्ती कर दिया। लेकिन इलाज नहीं किया।
करीब पौने पांच बजे रोगी की मौत के बाद परिवारीजनों और अन्य लोगों का गुस्सा भड़क गया। वार्ड में ही सभी ने हंगामे के साथ ही प्रदर्शन करना शुरू कर दिया।
मृत शीवेंद्र के बेटे संदीप शर्मा व रवि शर्मा का आरोप है कि इमरजेंसी से ही पिता के इलाज में लापरवाही बरती गई। जब हालत गंभीर थी तो रोगी को लखनऊ क्यों रेफर नहीं किया गया।
वार्ड में भी स्टाफ नर्स ने इलाज नहीं किया। बाजार से 307 रुपये का इंजेक्शन मंगवाकर लगाया गया। फिजीशियन डॉक्टर भी रोगी को देखने के लिए नहीं पहुंचा। परिवारीजनों ने सीएमओ से मामले की जांच कराकर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की।