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बरेली हादसे में घायल माली ने तोड़ा दम
Updated Fri, 21 Jul 2017 12:47 AM IST
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बरेली हादसे में घायल माली ने तोड़ा दम
तिलोई (रायबरेली)। बरेली हादसे में घायल हुए माली की मौत हो गई। वह दिल्ली से घर लौट रहा था, तभी 5 जून 2017 को बरेली में बस में आग लग गई थी। इसमें कई यात्रियों की मौैत हो गई, जबकि वह झुलस गया था। उसका शव घर पहुंचा तो परिवारीजनों में कोहराम मच गया। गांव में ही उसका शव दफनाया गया।
अमेठी जिले के मोहनगंज थाना क्षेत्र के चेतरा बुुजर्ग निवासी जुम्मन (40) पुत्र गुलाम वारिस दिल्ली में रहकर मालीगीरी का काम करता था। 5 जून को ईद के त्योहार के मद्देनजर घर लौट रहा था। जिस बस से वह घर आ रहा था, उसमें बरेली में आग लग गई थी। इसमें जुम्मन झुलस गया था। 10 दिन पहले हालत गंभीर होने पर जुम्मन को परिवारीजनों ने लखनऊ के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया था। सिविल अस्पताल में बुधवार रात उसकी मौत हो गई थी। गुरुवार को जुम्मन का शव गांव पहुंचा तो परिवारीजनों में रोना पिटना मच गया। मृतक अपने पीछे पत्नी फातिमा, बेटे असलम, जुबैर, शोएब और बेटी मुस्कान को छोड़ गया है। सीओ तिलोई डॉ. बीनू सिंह का कहना है कि बरेली हादसे में घायल जुम्मन की मौत की जानकारी हुई है।
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तिलोई (रायबरेली)। बरेली हादसे में घायल हुए माली की मौत हो गई। वह दिल्ली से घर लौट रहा था, तभी 5 जून 2017 को बरेली में बस में आग लग गई थी। इसमें कई यात्रियों की मौैत हो गई, जबकि वह झुलस गया था। उसका शव घर पहुंचा तो परिवारीजनों में कोहराम मच गया। गांव में ही उसका शव दफनाया गया।
अमेठी जिले के मोहनगंज थाना क्षेत्र के चेतरा बुुजर्ग निवासी जुम्मन (40) पुत्र गुलाम वारिस दिल्ली में रहकर मालीगीरी का काम करता था। 5 जून को ईद के त्योहार के मद्देनजर घर लौट रहा था। जिस बस से वह घर आ रहा था, उसमें बरेली में आग लग गई थी। इसमें जुम्मन झुलस गया था। 10 दिन पहले हालत गंभीर होने पर जुम्मन को परिवारीजनों ने लखनऊ के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया था। सिविल अस्पताल में बुधवार रात उसकी मौत हो गई थी। गुरुवार को जुम्मन का शव गांव पहुंचा तो परिवारीजनों में रोना पिटना मच गया। मृतक अपने पीछे पत्नी फातिमा, बेटे असलम, जुबैर, शोएब और बेटी मुस्कान को छोड़ गया है। सीओ तिलोई डॉ. बीनू सिंह का कहना है कि बरेली हादसे में घायल जुम्मन की मौत की जानकारी हुई है।
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